आयुष्मान योजना के रास्ते में आया महाराष्ट्र

  • 9 जुलाई 2018
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बीजेपी सरकार ने इस साल बजट में अपनी महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत राष्ट्रीय स्वास्थ्य सुरक्षा योजना की घोषणा की थी. लेकिन, अब बीजेपी की सरकार वाले दो राज्य इसमें ख़ास रूचि नहीं दिखा रहे हैं.

इंडियन एक्सप्रेस अख़बार में पहले पन्ने पर लगी इस खबर में बताया गया है कि राजस्थान और महाराष्ट्र इस योजना को लागू करने की ख़ास इच्छा जाहिर नहीं रहे हैं.

महाराष्ट्र ने का कहना है कि उसके पास इस योजना के लिए पैसा नहीं बचा है. किसानों की ऋण माफ़ी के लिए 22,000 करोड़ रूपये के ख़र्च के ​बाद इस योजना के लिए बजट निकाल पाना मुश्किल है.

इसके अलावा महाराष्ट्र ऐसी ही एक और महात्मा ज्योतिबा फुले आरोग्य योजना चला रहा है. वहीं, राजस्थान में भी पहले से ही भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना चल रही है. इसलिए वह भी आयुष्मान योजना को लेकर उलझन में है.

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एकसाथ चुनावों पर 9 दलों का विरोध

द हिंदू में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने से जुड़ी ख़बर है. इसके अनुसार नौ दलों ने दो चुनाव एकसाथ कराने का विरोध किया है.

वहीं, चार राजनीतिक दल इसके पक्ष में भी दिखे. विधि आयोग की ओर से आयोजित परामर्श प्रक्रिया में विभिन्न दलों ने अपना मत जाहिर किया. वहीं इस प्रक्रिया में सत्ताधारी बीजेपी और मुख्य वपक्षी पार्टी कांग्रेस शामिल नहीं हुए.

एकसाथ चुनाव कराने के मुद्दे पर एनडीए के सहयोगी दल शिरोमणि अकाली दल के अलावा, सपा और टीआरएस ने इसका समर्थन किया वहीं, बिहार में बीजेपी की सहयोगी जदयू, तृणमूल कांग्रेस, माकपा और आम आदमी पार्टी आदि दलों ने इसका विरोध किया.

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रूस के साथ रक्षा सौदा अधर में

अमर उजाला में पहले पन्ने पर रूस के साथ भारत के रक्षा सौदे से जुड़ी ख़बर को जगह दी गई है. इसमें बताया गया है कि भारत ने रूस के साथ लड़ाकू विमान खरीद की दो लाख करोड़ की संयुक्त परियोजना से पीछे हटने के संकेत दिए हैं.

दोनों देशों ने सैन्य संबंधों मजबूत करने के लिए परियोजना पर 2007 में समझौता हुआ था. अब भारत ने कहा है कि पांचवी पीढ़ी के इस लड़ाकू विमान को बनाने की लागत लगातार बढ़ रही है.

भारत ने समझौते पर आगे नहीं बढ़ने की बात रूस को बता दी है. हालांकि, अभी दोनों देशों के बीच इसे लेकर बातचीत पूरी तरह ख़त्म नहीं हुई है.

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दिल्ली को बचाएंगे 31 लाख पेड़

दैनिक भास्कर की ख़बर के मुताबिक दिल्ली को धूल से बचाने के लिए 31 लाख पेड़ लगाए जाएंगे.

राजस्थान से आने वाली रेतीली धूल से दिल्ली को बचाने के लिए करीब 31 लाख पेड़ों की दीवार से घेरा जाएगा.

जून में राजस्थान की ओर से आई धूलभरी हवाओं के चलते दिल्ली में हवा की गुणवत्ता काफी गिर गई थी.

अब इससे निपटने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और दिल्ली सरकार की एजेंसियों ने 50 किस्म के देसी पेड़ों से दिल्ली की घेराबंदी का काम शुरू कर दिया है.

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