प्रेस रिव्यू: वो भारतीय कंपनी जिसने थाईलैंड के बच्चों को बचाया

  • 11 जुलाई 2018
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टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक थाईलैंड में गुफ़ा में फंसे बच्चों को निकालने के लिए एक भारतीय कंपनी से मदद ली गई थी.

पुणे की इस कंपनी 'किर्लोस्कर ब्रदर्स लिमिटेड (केबीएल)' की पानी निकालने में विशेषज्ञता है. भारतीय दूतावास ने थाईलैंड प्रशासन को इस कंपनी की मदद लेने की सलाह दी थी.

इस कंपनी ने भारत, थाईलैंड और ब्रिटेन के अपने कार्यालय से इस अभियान के लिए टीम भेजी थी.

बच्चे 23 जून को जिस गुफ़ा में फंसे थे वहां बारिश के कारण काफी पानी भर गया था. उन बच्चों को निकालने के लिए गुफ़ा से पानी निकाला गया. इस काम में कंपनी ने बचाव टीम की मदद की.

केबीएल की एक प्रेस रिलीज़ में बताया गया कि उनके विशेषज्ञ 5 जुलाई से बचाव दल को अपनी सेवाएं दे रहे थे.

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फ़ीस नहीं देने पर बच्चियों को बेसमेंट में बंद रखा

अमर उजाला के पहले पन्ने पर पुरानी दिल्ली के एक प्राइवेट स्कूल की ख़बर है. इस स्कूल में फीस जमा न करने के चलते 59 बच्चियों को बेसमेंट के कमरे में बंद रखा गया था.

जब दोपहर में बच्चियों के मां-बाप उन्हें स्कूल लेने पहुंचे तब इस बात का पता चला. तब तक बच्चियां भूखी-प्यासी थीं. यहां तक कि उन्हें शौचालय भी नहीं जाने दिया गया था.

परिजनों के शिकायत पर मासूमों को बंधक बनाने और जेजे एक्ट की धारा 75 के तहत स्कूल प्रशासन के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया गया है.

कर्मचारियों ने बताया कि एचएम फरह दरीबा ख़ान ने बच्चियों को कमरे में बंद करने को कहा था.

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आत्मघाती हमले की साज़िश नाकाम

इंडियन एक्सप्रेस में छपी ख़बर के मुताबिक भारतीय ख़ुफिया एजेंसियों ने एक बहुत बड़ा ऑपरेशन चलाकर चरमपंथी संगठन आईएस के एक आत्मघाती हमले की योजना को नाकाम कर दिया था.

इसके लिए भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसियों ने अपना एक एजेंट तैयार किया था जिस हमले के लिए आईएस को नकली हथियार उपलब्ध कराने थे और भारत में उनकी मदद करनी थी.

इस तरह खुफ़िया एजेंसियां आईएस की योजना का पता करने में सफ़ल हो पाईं.

अख़बार का कहना है कि इस मामले में गिरफ़्तारी पिछले साल सितंबर में हुई थी लेकिन शीर्ष राजनयिकों ने अब इसकी पुष्टि की है.

जिस कथित आईएस अफ़गान चरमपंथी को इस हमले को अंजाम देना था वो ​लाजपत नगर में इंजीनियरिंग कॉलेज पढ़ रहे थे. साथ ही उन्होंने दिल्ली में कई जगहों पर रेकी भी की थी.

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भारत में सबसे ज्यादा युवा

दैनिक भास्कर ने वर्ल्ड पॉपुलेशन डे पर एक खास ख़बर दी है. इसके मुताबिक पहली बार धरती पर 52 प्रतिशत से ज्यादा आबादी 30 साल से कम की है.

भारत में अभी सबसे ज्यादा युवा आबादी है. यहां दो तिहाई आबादी 35 साल से कम की है और 50 प्रतिशत लोग 25 साल से भी कम के हैं.

इसमें ये भी बताया गया है कि दुनियाभर में आबादी बढ़ाने और घटाने के लिए क्या-क्या उपाय अपनाए गए हैं. कहीं पर एक से ज्यादा बच्चे पर जुर्माना लगाने का नियम है तो कहीं चौथे बच्चा होने पर 10 लाख रुपये इनाम रखा गया है.

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'मैं चीखती रही, पर अंकल ने नहीं छोड़ा'

नई दुनिया की ख़बर के मुताबिक मंदसौर में बच्ची के साथ गैंगरेप मामले में मंगलवार को पुलिस ने 350 पेज का चालान पोक्सो एक्ट के तहत विशेष कोर्ट में पेश किया.

बच्ची ने इसमें अपनी आपबीती सुनाई है. उसने बयान ले रहे दो अधिकारियों को बताया, ''मैं चीखती रही, चिल्लाती रही, बार-बार अंकल से कहा कि मुझे छोड़ दो, किसी ने नहीं सुनी... उन्हें मेरा गला काटने की भी कोशिश की.''

मंदसौर में ये अभी तक किसी भी घटना के बाद सबसे जल्दी पेश होने वाला चालान है.

लोगों के गुस्से चलते इस मामले में जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के ​जरिए अभियुक्तों की पेशी कराई गई.

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