पुलिस स्टेशन में नाबालिग की ख़ुदकुशी, दो पुलिसकर्मी सस्पेंड

  • 15 जुलाई 2018
फांसी का फंदा

"मुझे इंसाफ़ चाहिए. ख़ून का बदला ख़ून चाहिए. मेरी बेटी गई तो जो उससे प्यार करता था, उसे भी जाना चाहिए."

रात से रोते-रोते लगभग फंस गए गले पर ज़ोर डालते हुए ये बात उस महिला ने कही जिनकी नाबालिग बेटी ने कथित तौर पर रविवार तड़के दिल्ली के एक पुलिस स्टेशन में ख़ुदकुशी कर ली.

कथित ख़ुदकुशी को लेकर सवालों के घेरे में आई दिल्ली पुलिस ने लापरवाही बरतने को लेकर दो पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के अलावा पुलिस स्टेशन के प्रभारी समेत दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाज़िर कर दिया है लेकिन इस मामले में 'न तो कोई रिपोर्ट दर्ज़ हुई है और न ही किसी को गिरफ़्तार किया गया है'.

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस मामले की विजिलेंस जांच का आदेश दे दिया गया है. पुलिस स्टेशन में नाबालिग लड़की की मौत की ज़्यूडिशियल मजिस्ट्रेट भी जांच कर रहे हैं.

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Image caption दिल्ली पुलिस के डीसीपी (वेस्ट) विजय कुमार के मुताबिक पुलिस स्टेशन के स्टाफ़ ने मामले को सही तरीके से हैंडल नहीं किया.

दिल्ली पुलिस के डीसीपी (वेस्ट) विजय कुमार ने बीबीसी को बताया कि ये घटना पुलिस स्टेशन के करीब के इलाक़े में आसपास रहने वाले दो परिवारों के बीच शनिवार की रात हुए झगड़े के बाद हुई. झगड़े की वजह मरने वाली लड़की और पड़ोस में रहने वाले एक लड़के बीच के रिश्ते थे.

उन्होंने बताया "पहली नज़र में लगता है कि उस वक़्त जो स्टाफ था, उसने मामले को सही तरीके से हैंडल नहीं किया. अभी तक इस मामले में कोई केस दर्ज़ नहीं किया गया है. ज़्यूडियशल जांच चल रही है. इसलिए किसी गिरफ़्तारी का सवाल नहीं है."

परिवार का आरोप

वहीं, मरने वाली लड़की के परिवार ने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है.

लड़की के मौसेरे भाई ने आरोप लगाया, "पड़ोस में रहने वाला एक लड़का हमारी मौसेरी बहन को लगातार छेड़ता था. इसे लेकर शनिवार रात करीब दस बजे लड़के पिता से झगड़ा हुआ. लड़के के परिवार ने इस बीच लड़की को ग़ायब कर दिया."

पुलिस अधिकारी हिमांशु रॉय ने क्यों की खुदकुशी?

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उन्होंने आरोप लगाया कि जब लड़की के भाई मामले की शिकायत करने पुलिस स्टेशन पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उनकी बात नहीं सुनी. "पुलिस ने लड़की के दो भाइयों और एक मौसेरे भाई को बंद कर लिया."

लड़की के मौसेरे भाई ने दावा किया, "जब दूसरे पक्ष को जानकारी हुई कि लड़की के भाइयों ने नाबालिग लड़की को ग़ायब करने की रिपोर्ट की है तो उन्होंने लड़की को पुलिस स्टेशन पहुंचा दिया."

क्यों ख़ुदकुशी कर रहे हैं मुंबई के पुलिसकर्मी

पुलिस का क्या कहना है?

उधर, घटना को लेकर डीसीपी विजय कुमार ने बताया, "झगड़े की सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि दोनों परिवारों के कुछ लोगों को हल्की चोटें लगीं थीं. उन्हें अस्पताल ले जाया गया और फिर पूछताछ के लिए पुलिस स्टेशन लाया गया."

विजय कुमार के मुताबिक ये लड़की और जिसके साथ उसके रिश्ते बताए गए थे, वो लड़का पुलिस को मौके पर नहीं मिले. पुलिस स्टेशन में दोनों पक्षों के बीच सुलह के लिए बातचीत हुई.

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Image caption फाइल चित्र

उन्होंने आगे बताया, "इसी बीच रात 2.50 बजे लड़की भी पुलिस स्टेशन पहुंची और उसने बयान दिया कि झगड़े के दौरान मां और भाई ने मुझे भी थप्पड़ मारा था और मैं डर गई थी. मैं फतेहनगर गुरुद्वारा चली गई थी और मैं घर नहीं जाना चाहती हूं."

डीसीपी विजय कुमार के मुताबिक लड़की अपने घर नहीं जाना चाहती थी और वो नाबालिग थी तो पुलिस उसे नारी निकेतन भेजने की तैयारी कर रही थी. इस बीच दोनों पक्षों के बीच सुलह की बात भी हो रही थी लेकिन तभी लड़के के मौसा के आने पर दोबारा बहस शुरू हो गई.

उन्होंने बताया, "दोनों पक्षों में धक्का-मुक्की होने लगी और पुलिसकर्मी सभी को बाहर करने लगे. इसी दौरान लड़की जिस कमरे में बैठी थी, उसने उसे बंद किया और सुसाइड कर लिया."

पुलिस लापरवाही बरतने के सवाल पर डीसीपी विजय कुमार ने कहा, "वहां महिला कांस्टेबल थीं. लेकिन पुलिस स्टेशन में सिर्फ़ चार ही लोग थे और सभी झगड़े के दौरान लोगों को बाहर करने के लिए आ गए और लड़की कमरे में अकेले रह गई. लेकिन पहली नज़र में लगता है कि स्टाफ़ ने मामले को सही तरह से हैंडल नहीं किया."

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