प्रेस रिव्यूः सेल्फ़ी खींचने के पैसे देगी हरियाणा सरकार

  • 16 जुलाई 2018
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Image caption हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक हरियाणा सरकार ने पौधागिरी नाम का कैंपेन शुरू किया है.

इस कैंपेन में छठी से बारहवीं कक्षा तक के बच्चे पौधारोपण की सेल्फ़ी खींच कर ऐप पर अपलोड करेंगे.

ऐसा करने वाले बच्चों को हर 6 महीने में 50 रुपए भी दिए जाएंगे.

बच्चों को जल्द ही ऐप के बारे में बता दिया जाएगा.

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5 शरिया कोर्ट को मंज़ूरी

द स्टेट्समैन अख़बार में छपा है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने देश में पांच जगहों पर शरिया अदालत खोलने की मंज़ूरी दे दी है.

बोर्ड के सचिव ज़फरयाब जिलानी ने बताया कि उन्हें देश भर से 10 जगहों पर शरिया कोर्ट खोलने का प्रस्ताव मिला है जिसमें से 5 को मंज़ूरी दे दी गई है.

उन्होंने बताया कि मंज़ूर की गई जगहों में कन्नौज (उत्तर प्रदेश), सूरत (गुजरात), महाराष्ट्र शामिल हैं.

हर ज़िले में शरिया कोर्ट खोले जाने की बात को उन्होंने ख़ारिज किया.

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350 पुलिसवालों की मौजूदगी में निकली दलित दूल्हे की बारात

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर के मुताबिक कासगंज के दलित लड़के की शादी आखिरकार हो गई जो पिछले 6 महीने से संघर्ष कर रहा था.

कासगंज के निज़ामपुर गांव में ठाकुर समुदाय के लोग उसकी बारात के लिए रास्ता देने को तैयार नहीं हो रहे थे.

दूल्हे संजय जाटव ने इसके लिए प्रशासन और कोर्ट के चक्कर भी काटे और आखिरकार 350 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ये शादी संपन्न हो पाई.

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'मन की बात' के बाद 'देश की बात'

अमर उजाला अख़बार के मुताबिक आम आदमी पार्टी ने देश की बात कार्यक्रम का आगाज़ किया है.

पार्टी के लोगों का कहना है कि इस तरह के कार्यक्रम से कार्यकर्ताओं और लोगों को पार्टी बदलते राष्ट्रीय मसलों के प्रति जागरूक करेगी.

हर सप्ताह इस कार्यक्रम का आयोजन सभी विधानसभा क्षेत्रों में किया जाएगा.

इसके लिए पार्टी ने लगभग 140 कार्यकर्ताओं का चयन किया और वर्कशॉप लगाई गई.

वर्कशॉप से प्रशिक्षित लोग अपनी-अपनी विधानसभाओं में जाकर किसी एक राष्ट्रीय मसले पर लोगों से बात करेंगे.

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'सड़क हादसों के लिए सिर्फ़ गड्ढे ज़िम्मेदार नहीं'

नवभारत टाइम्स अख़बार ने लोक निर्माण मंत्री चंद्रकांत पाटिल के सड़क हादसों को लेकर दिए विवादित बयान को प्रकाशित किया है.

पाटिल ने कहा, ''इस तरह की दुर्घटनाओं में जब आप मौत की बात करते हैं तो भूल जाते हैं कि पांच लाख अन्य लोग भी इसी सड़क से गुजरते हैं. आप सिर्फ़ सड़क की स्थिति को अकेले दोषी नहीं ठहरा सकते हैं''

पिछले 2 सप्ताह में मुंबई में टूटी सड़कों की वजह से पांच लोगों की जानें गई हैं.

विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने इस बयान को असंवेदनशील बताया है.

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