प्रेस रिव्यू: सज़ा पूरी किए बिना क़ैदी किए जाएंगे रिहा

  • 19 जुलाई 2018
तिहाड़ जेल

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक़, केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि छोटे अपराधों में सज़ा काट रहे कई क़ैदियों को रिहा किया जाएगा.

जिन महिला, ट्रांसजेडर, विकलांग और गंभीर रूप से बीमार क़ैदियों ने अपनी सज़ा का 50 फ़ीसदी से ज़्यादा पूरा कर लिया होगा, उन पर ये योजना लागू होगी.

ये काम दो अक्तूबर से शुरू होगा. क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया कि जघन्य और गंभीर अपराधों में सज़ा काट रहे क़ैदियों पर ये लागू नहीं होगा.

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मस्जिद के बोर्ड पर लिखेंगे करियर संबंधी जानकारियां

दैनिक जागरण की ख़बर के मुताबिक़, उत्तर प्रदेश के कासगंज की एक ख़ानकाह ने फैसला किया है कि मस्जिदों के बोर्ड पर शिक्षा और अन्य संबंधी जानकारियां लिखी जाएंगी.

इस बरेलवी मसलक की ख़ानकाह (सूफ़ी संतों के रहने की जगह) के विश्वभर में लाखों समर्थक हैं. इसके प्रमुख सैयद नजीब मियां ने ये अभियान चलाने की पहल की है.

यह अभियान कानपुर से शुरू होगा. पहले चरण में इसे पूरे प्रदेश और इसके बाद देश भर में लागू किया जाएगा.

मस्जिदों में लगे बोर्ड पर अब तक सिर्फ़ पिछले जुमे की नमाज़ में मिले चंदे की रक़म ही लिखी जाती रही है लेकिन अब लोगों को बताया जाएगा कि बच्चों को कहां पढ़ाएं, कहां कितनी सीट हैं, कहां नौकरी की संभावनाए हैं.

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हरियाणा सरकार 8 साल से कर रही थी ग़लती

द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक़, हरियाणा ग़लती से पिछले 8 सालों से राज्य के विधायकों का इन्कम टैक्स भर रही थी.

जब ये मामला सामने आया तो विधानसभा सचिवालय ने पैसे की रिकवरी शुरू कर दी.

इस ग़लती की वजह से सरकार को तकरीबन 3 करोड़ की चपत लगी.

एक अधिकारी ने बताया कि इस ग़लती की वजह से जिस-जिस विधायक को फ़ायदा हुआ है, उससे 20 हज़ार हर महीने वापस ले रहे हैं.

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ब्रेस्ट फ़ीडिंग को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने पूछे सवाल

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक़, हाई कोर्ट ने सार्वजनिक जगह पर स्तनपान (ब्रेस्टफीडिंग) की सुविधा मुहैया कराने की मांग पर केंद्र, दिल्ली सरकार और सिविक बॉडीज़ से सवाल किया है.

हाई कोर्ट ने अथॉरिटीज़ का ध्यान खींचते हुए कहा कि दुनियाभर में महिलाओं को यह सुविधा मुहैया कराई जा रही है.

कोर्ट ने कहा कि एयरपोर्ट तक पर बच्चों के ब्रेस्टफ़ीडिंग की सुविधा नहीं है.

हाई कोर्ट ने मुद्दे के निपटारे के लिए सभी अथॉरिटीज की ओर से की गई कार्रवाई पर चार हफ़्ते में रिपोर्ट देने को कहा है.

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