राजनाथ के मॉब लिंचिंग वाले बयान पर जुनैद की मां को 'भरोसा नहीं'

  • 19 जुलाई 2018
जुनैद की मां सायरा
Image caption जुनैद की मां सायरा

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि देश में मॉब लिंचिंग की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं और केंद्र सरकार ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कार्रवाई कर रही है.

राजनाथ ने कहा कि इस पर रोकथाम के लिए सोशल मीडिया सेवा प्रदाताओं से भी फ़ेक न्यूज़ या फ़र्जी समाचार पर रोक लगाने की व्यवस्था करने को कहा गया है.

गृह मंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाएं अफवाहें फैलने, फ़ेक न्यूज़ और अपुष्ट ख़बरों के फैलने के कारण घटती हैं. ऐसे में राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वे प्रभावी कार्रवाई करें क्योंकि क़ानून और व्यवस्था राज्यों का विषय है.

गृह मंत्री ने कहा, "मॉब लिंचिंग की घटनाओं को रोकने की ज़िम्मेदारी राज्य सरकारों की है. वे प्रभावी कार्रवाई करें क्योंकि क़ानून और व्यवस्था राज्यों का विषय है."

लेकिन मॉब लिंचिंग का शिकार हुए लोगों के परिजन इस मसले पर बयानों से संतुष्ट नहीं हैं और दोषियों के ख़िलाफ़ सख्त से सख्त कार्रवाई चाहते हैं.

मॉब लिंचिंग की एक ऐसी ही घटना में 2017 में ईद की ख़रीदारी के बाद घर लौट रहे जुनैद की भीड़ ने हत्या कर दी थी.

हरियाणा के वल्लभगढ़ में चलती ट्रेन में जुनैद को लोगों ने पीट-पीट कर मार डाला था.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
'तुम पाकिस्तानी मुल्ले बीफ़ खाते हो'

जुनैद के भाई ने क्या कहा?

राजनाथ सिंह के इस बयान पर बीबीसी ने फरीदाबाद में मॉब लिंचिंग का शिकार हुए जुनैद के परिवार से उनकी प्रतिक्रिया पूछी.

जुनैद के भाई हासिम ने पूछते ही कहा कि हमने अपना भाई खोया नहीं है, उसे छीन लिया गया.

उन्होंने कहा, "हमारा भाई छीन लिया गया. वो हमसे जबरदस्ती छीन लिया गया है. वो हमारे सामने मार दिया गया. हमारे सामने उसे चाकू मारे थे. गृह मंत्री के बयान को हम तब समझेंगे जब हमें इंसाफ़ मिलेगा. हमारे भाई की रूह भटक रही है. अभी तक इंसाफ़ नहीं मिला."

वो पूछते हैं, "बिहार में हुई ऐसी घटना में इंसाफ़ मिल गया लेकिन हमें अभी तक नहीं मिला, क्यों?"

हासिम कहते हैं, "अगर कोर्ट गुनहगारों को सज़ा देगा, उन्हें फ़ांसी या उम्रकैद मिलेगी तब हमें शांति मिलेगी. हमारे घर की दीवारें भी रोती हैं बगैर जुनैद के. वो हमसे पूछती हैं कि अभी तक इंसाफ़ क्यों नहीं मिला."

इमेज कॉपीरइट TWITTER
Image caption मॉब लिंचिंग के अभियुक्तों के साथ जयंत सिन्हा

माला पहनाने का क्या अर्थ निकाला जाए?

जयंत सिन्हा ने झारखंड में मॉब लिंचिंग के अभियुक्तों का माला पहना कर स्वागत किया था. इस पर हासिम कहते हैं, "जब उनको वो माला पहना रहे हैं इसका मतलब क्या निकलता है? माला किसको पहनाया जाता है? जो अच्छे काम करते हैं. बीजेपी के नेता उन्हें माला पहना रहे हैं इसका मलतब तो यही निकला कि वो उन्हीं के आदमी हैं. इसका मतलब तो यह निकला कि बीजेपी करवा रही है इसे."

हासिम कहते हैं कि गृहमंत्री राजनाथ सिंह की बात का यकीन तभी करेंगे जब वो कर के दिखाएंगे.

वो कहते हैं, "मोदी जी ने कहा था कि गाय के नाम पर मारा नहीं जाएगा. लेकिन फिर भी लोग मारे गए. ऐसे किसी ऐलान से काम नहीं चलता. जाकर पीड़ितों के घर को देखें."

Image caption जुनैद का परिवार

जुनैद की मां ने क्या कहा?

बीबीसी से बातचीत के दौरान जुनैद की अम्मा (मां) सायरा ने राजनाथ सिंह के बयान पर कड़े शब्दों में कहा कि जब तक इस (मॉब लिंचिंग) पर रोक नहीं लगेगी, जब तक मेरे बेटे को इंसाफ़ नहीं मिलेगा तब तक मेरी आत्मा कराहती रहेगी.

उन्होंने कहा, "मेरा बेटा हासिम जख्मी है. जुनैद 16 घंटे भूखा रहते हुए इस दुनिया से गया है. मेरी आत्मा को तब तक शांति नहीं है जब तक उसके गुनहगारों को फ़ांसी नहीं मिलती. वो मज़लूम का साथ नहीं दे रहे हैं."

सायरा कहती हैं, "आज तक बीजेपी के लोगों ने मेरे घर का हाल नहीं पूछा. 29 दिनों में उनकी (अभियुक्तों की) जमानत हो गई. पुलिसवालों से पूछा तो उन्होंने कहा कि हम पर सरकार का दबाव है और हमें रोजी-रोटी के लिए नौकरी करनी है."

उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा कि मज़लूमों (पीड़ितों) के लिए 10 लाख रुपये देंगे. लेकिन जालिमों को 50 लाख रुपये दे रहे हैं. हम पर तोहमत (झूठा आरोप) लगा दिया कि 15 लाख रुपये दे चुके हैं."

ये भी पढ़ें:

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे