प्रेस रिव्यू: फ़ेक न्यूज़ पर सरकार की वॉट्सऐप को चेतावनी

  • 20 जुलाई 2018
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टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ख़बर है कि भारत सरकार ने वॉट्सऐप को चेतावनी दी है कि अगर वो फ़ेक न्यूज़ पर लगाम न लगा पाया तो उसे क़ानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है.

आईटी मिनिस्ट्री ने कंपनी को एक नई चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि वो फ़ेक न्यूज़ पर लगाम लगाने के लिए ज़्यादा कारगर और जिम्मेदारी वाला तरीका लेकर आए.

यह चेतावनी ऐसे वक़्त में आई है जब भारत के तमाम हिस्सों में वॉट्सऐप के जरिए फ़र्जी ख़बरें फैलने से कई लोगों को भीड़ के हाथों मारे जाने की घटनाएं सामने आई हैं.

अभी कुछ दिनों पहले ही कर्नाटक में गूगल के एक इंजीनियर को भीड़ ने बच्चा चोरी की अफ़वाह फैलने से मार डाला था.

इससे पहले महाराष्ट्र के धुले में भी ऐसी ही घटना हुई थी.

कुछ दिनों पहले वॉट्सऐप ने अख़बारों में अफ़वाहों और फ़ेक न्यूज से बचने के कुछ टिप्स भी प्रकाशित किए थे.

संसद पर हमले की साज़िश

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दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के मुताबिक़ दो खालिस्तानी चरमपंथी दिल्ली में संसद भवन पर हमले की योजना बना रहे हैं.

ख़बर में ख़ुफ़िया सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ये दोनों चरमपंथी 2016 में पंजाब के नाभा जेलब्रेक की साज़िश से जुड़े हैं.

बताया जा रहा है कि ये साल 2001 में संसद भवन पर हुए हमले की तरह ही एक बार फिर यहां हमला करने की योजना बना रहे हैं.

यह जानकारी मिलने के बाद सेंट्रल और नई दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. दिल्ली के एक अधिकारी ने भी इसकी पुष्टि की है.

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केंद्र और न्यायपालिका फिर आमने-सामने

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ही एक और रिपोर्ट के मुताबिक भारत में केंद्र सरकार और न्यायपालिका एक बार फिर आमने-सामने हैं.

केंद्र सरकार ने कोलकाता हाईकोर्ट के जस्टिस अनिरुद्ध बोस को दिल्ली हाईकोर्ट का चीफ़ जस्टिस बनाने की कोलेजियम की सिफ़ारिश को ख़ारिज कर दिया है.

अख़बार कानून मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के हवाले से लिखता है कि सरकार को जस्टिस बोस के नाम से कोई आपत्ति नहीं है.

मंत्रालय की दलीलें कुछ और ही हैं. मंत्रालय का कहना है कि दिल्ली हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस का पद बहुत अहम होता है और चीफ़ जस्टिस कई संवेदनशील मुद्दों से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हैं.

इसके साथ ही ऐसी परंपरा रही है कि ज़्यादातर मामलों में हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस के तौर पर किसी दूसरे हाई कोर्ट के चीफ़ जस्टिस की नियुक्ति ही होती है.

इससे पहले केंद्र ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस केएम जोसेफ़ को सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त करने की कोलेजियम की सिफ़ारिश वापस कर दी थी और इस पर काफ़ी विवाद हुआ था.

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पीएम मोदी की सभाओं में चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़

दैनिक जागरण में ख़बर छपी है कि प्रधानमंत्री मोदी की सभाओं में चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफ़ाश हुआ है.

चोरों ने बताया है कि ये पीएम मोदी की सभाओं और बड़े कार्यक्रमों की जानकारी अख़बार से जुटाते थे और कार्यक्रमों में पहुंचने के लिए बाक़ायदा ऑनलाइन टिकट बुक करते थे.

ये लोग महंगे ब्रैंडेड कपड़े पहनकर भीड़ में घुसते थे और वहां लोगों के पर्स और मोबाइल पर हाथ साफ़ कर देते थे.

इन्होंने हाल ही में नोएडा में सैमसंग की फ़ैक्टरी के उद्धाटन वाले कार्यक्रम में भी चोरी की थी.

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