सेनिटरी नैपकिन पर GST नहीं, और क्या-क्या हुआ सस्ता

  • 21 जुलाई 2018
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जीएसटी काउंसिल की शनिवार को हुई बैठक में कई अहम फ़ैसले किए गए हैं. सैनिटरी नैपकिन समेत कई सामानों को जीएसटी के दायरे से बाहर करने का फैसला किया गया है.

जीएसटी काउंसिल की 28वीं बैठक की अध्यक्षता अभी वित्त मंत्री का कार्यभार संभाल रहे पीयूष गोयल ने की. जीएसटी काउंसिल ने फ़ैसला लिया है कि सैनिटरी नैपकिन को जीएसटी से बाहर कर दिया जाए यानी सैनिटरी नैपकिन पर जीएसटी की दर को शून्य कर दिया गया है.

अब तक सैनिटरी नैपकिन पर 12 फ़ीसदी जीएसटी लगाया जा रहा था.

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जीएसटी के दायरे से बाहर होने वाली चीजें

-सैनिटरी पैड्स

-राखियां (बहुमूल्यों रत्नों से न बनी हो)

-संगमरमर से बनी मूर्तियां

-झाड़ू बनाने में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल

-साल के पत्ते

जीएसटी 12% से घटाकर 5%

-हैंडलूम दरी

-फास्फोरिक एसिड युक्त उर्वरक

-बुनी हुई टोपियां (1000 रुपये से कम कीमत की)

जीएसटी 28% से घटाकर 18%

-लिथियम आयन बैटरी

-वैक्यूम क्लीनर

-फूड ग्राइंडर, मिक्सर

-शेवर्स, हेयर क्लिपर्स

-हैंड ड्रायर्स

-वाटर कूलर्स

-आइसक्रीम फ्रीज़र

-रेफ्रिज़रेटर

-कॉस्मेटिक्स

-परफ्यूम और सेंट

-पेंट और वार्निश

इसके अलावा तेल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल और डीज़ल में मिलाने के लिए दिया जाने वाले इथेनॉल पर जीएसटी की दर 18 फ़ीसदी से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है.

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