प्रेस रिव्यू: कश्मीर में जवान की चरमपंथियों के हाथों हत्या

  • 22 जुलाई 2018
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भारत प्रशासित कश्मीर के कुलगाम में चरमपंथियों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान सलीम शाह को अगवा करके उनकी हत्या कर दी है.

सलीम कुलगाम स्थित अपने घर छुट्टियां बिताने आए थे.

अभी तक किसी चरमपंथी संगठन ने सलीम की हत्या की ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन सुरक्षा एजेसिंयों का अनुमान है कि इसके पीछे हिज़्बुल मुज़ाहिदीन का हाथ है.

जम्मू-कश्मीर में इससे पहले चरमपंथियों ने सेना के जवान औरंगजेब और पुलिसकर्मी जावेद की भी इसी तरीके से हत्या कर दी थी.

यहख़बरदैनिक जागरण और दैनिक भास्कर में छपी है.

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'हिटलर से भी बड़े तानाशाह हैं मोदी'

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि 'हिंदू तालिबानी' बीजेपी का नेतृत्व कर रहे हैं और आगामी लोकसभा चुनाव में इसे 150 से ज़्यादा सीटें नहीं मिलेंगी.

ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी हिटलर और मुसोलिनी से भी बड़े तानाशाह हैं.

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Image caption तपन मिश्रा

निजीकरण का विरोध करने पर इसरो के वैज्ञानिक का डिमोशन

अमर उजाला की ख़बर है कि इसरो के वरिष्ठ वैज्ञानिक तपन मिश्रा का सैटेलाइट बनाने के निजीकरण का विरोध करने पर डिमोशन कर दिया गया है.

उन्हें अहमदाबाद के स्पेस ऐप्लीकेशन सेंटर के डायरेक्टर के पद से हटाकर बेंगलुरु के हेड ऑफ़िस में वरिष्ठ सलाहकार के पद पर भेज दिया गया है.

ख़बर में बताया गया है कि इसरो के चेयरपर्सन ने कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए प्राइवेट कंपनियों से क़रार किया है, जिसका तपन मिश्रा ने विरोध किया था.

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समलैंगिकता पर बोले क़ानून मंत्री

टाइम्स ऑफ़ इंडिया में केंद्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद का एक इंटरव्यू छपा है जिसमें उन्होंने कहा है कि किसी की सेक्शुअल प्रीफ़रेंस उसकी व्यक्तिगत पसंद का मामला हो सकता है.

रविशंकर प्रसाद का यह बयान अभी इसलिए अहम है क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में समलैंगिक सम्बन्धों को अपराध ठहराने वाली आईपीसी की धारा-377 पर सुनवाई चल रही है.

Image caption सांकेतिक तस्वीर

शादी से पहले दूल्हे का डोप टेस्ट

दैनिक भास्कर में एक दिलचस्प ख़बर छपी है है. चंडीगढ़ के अधिकारी शादी से पहले दूल्हों का डोप टेस्ट कराने पर राज़ी हो गए हैं और उन्होंने हाईकोर्ट भी इस बारे में बता दिया है.

हालांकि डोप टेस्ट के लिए दूल्हे की सहमति होनी ज़रूरी है. यह नियम लागू करने पर इसलिए विचार किया जा रहा ताकि शादी से पहले ही लड़के की नशे से जुड़ी आदतों के बारे में पता चल जाए.

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