प्रेस रिव्यू: 'देश विरोधी' स्क्रिप्ट के नाम पर कॉमेडी शो कैंसल

  • 23 जुलाई 2018
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इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक गुजरात में 'देश-विरोधी' स्क्रिप्ट की वजह से एक कॉमेडी शो कैंसल कर दिया गया.

वड़ोदरा की एमएस यूनिवर्सिटी में लोकप्रिय कॉमेडियन कुनाल कामरा 11 अगस्त को एक कॉमेडी शो करने वाले थे लेकिन इसे रद्द कर दिया गया.

अख़बार लिखता है कि यूनिवर्सिटी के 11 पूर्व छात्रों ने वाइस चांसलर को चिट्ठी लिखकर कहा था कि इस कॉमेडी शो की स्क्रिप्ट 'देश-विरोधी' है.

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कुनाल कामरा ने इस बारे में एक ट्वीट में कहा, "क्या आपको कभी न्यूज़ से पता चला है कि आप किसी ख़ास दिन काम पर नहीं जाएंगे? मैं अपना आगे आना वाला ऑफ़ डे मना रहा हूं."

हालांकि यूनिवर्सिटी का दावा है कि उन्होंने कुनाल कामरा को शो कैंसल होने के बारे में बता दिया था.

'सबको भारतीय नागरिकता साबित करने का मौका मिलेगा'

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भारत के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि असम में सभी लोगों को भारतीय नागरिकता साबित करने का मौका दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार नेशनल सिटिज़न्स रजिस्टर (एनसीआर) को 15 अगस्त, 1985 में हुए असम समझौते के मुताबिक अपडेट किया जा रहा है और इस प्रक्रिया पर पूरी नज़र रखी जा रही है.

अंग्रेजी अख़बार द इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे वक़्त में आया है जब एनसीआर ड्राफ़्ट प्रकाशित होने में एक हफ़्ते से भी कम वक़्त बचा है.

राजनाथ ने कहा, "डरने और घबराने की कोई ज़रूरत नहीं है. किसी को तंग नहीं किया जाएगा. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सबको इंसाफ़ मिले और इसके लिए केंद्र असम सरकार को हरसंभव मदद देगा."

एनआरसी को अपडेट करने का मक़सद बांग्लादेशी अवैध प्रवासियों की पहचान करना है.

भीड़ ने लड़की की हत्या की

मध्य प्रदेश में बच्चा चोरी की अफ़वाह की वजह से भीड़ ने एक लड़की की पीट-पीटकर हत्या कर दी.

यह ख़बर टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छपी है. मामला सिंगरौली के मोरवा कस्बे का है. लड़की की उम्र 25 साल थी.

बताया जा रहा है कि ये अफ़वाह वॉट्सऐप के ज़रिए फैली थी.

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वहीं, टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ही एक दूसरी ख़बर में कहा गया है कि केंद्र सरकार मॉब लिंचिंग की घटनाओं से निबटने के लिए आईपीसी के प्रावधानों में कुछ बदलाव करने पर विचार कर रही है.

अभी कुछ दिनों पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मॉब लिंचिंग जैसे अपराधों के लिए अलग से एक क़ानून बनाने को कहा था.

अगर सरकार आईपीसी में कुछ बदलाव कर पाती है तो उसे अलग से कोई क़ानून लाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी.

पिछले कुछ वक़्त में देश के अलग-अलग हिस्सों से भीड़ के हाथों हत्या के कई वाकए सामने आए हैं. इनमें ज़्यादातर मामलों में अफ़वाह वॉट्सऐप और सोशल मीडिया के ज़रिए फैलाई गई थी.

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'...तो पाकिस्तान चले जाएं'

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने कहा है कि जिन लोगों को शरीयत की व्यवस्था में यक़ीन है वो पाकिस्तान चले जाएं.

उन्होंने कहा कि भारत एक लोकत्रांतिक देश है और यहां शरीयत की कोई ज़रूरत नहीं है.

दरअसल ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कुछ दिनों पहले देश में कुछ शरीयत कोर्ट बनाए जाने की बात कही थी, इसके बाद साक्षी महाराज का यह बयान आया है.

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