हम मोदी के सपनों के लिए नहीं लड़ रहे: उद्धव ठाकरे

  • 23 जुलाई 2018
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महाराष्ट्र की राजनीति में दोनों हिन्दूवादी पार्टी शिव सेना और भारतीय जनता पार्टी के बीच दरार सतह पर आ गई है.

शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बीजेपी को दोस्त मानने से इनकार कर दिया है. ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रहने की उनकी कोई मजबूरी नहीं है.

उद्धव ने अपनी पार्टी के मुखपत्र सामना को दिए इंटरव्यू में कहा है कि वो आम आदमी के सपनों के लिए लड़ रहे हैं न कि मोदी के सपनों के लिए.

ऐसी ख़बर है कि बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने महाराष्ट्र दौरे पर पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे 2019 के आम चुनाव में बिना किसी गठबंधन के चुनावी मैदान में भिड़ने के लिए तैयार रहें.

शाह की इसी घोषणा के बाद उद्धव ठाकरे ने यह बयान दिया है. 2014 के आम चुनाव में दोनों पार्टियों ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन विधानसभा चुनाव में अलग हो गए थे.

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हालांकि दोनों पार्टियों में तल्खी का अंदाज़ा शुक्रवार को लोकसभा में पेश हुए अविश्वास प्रस्ताव से ही लग गया था. शिव सेना शुक्रवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान मौजूद नहीं थी.

शिव सेना ने पहले अविश्वास प्रस्ताव में बीजेपी के पक्ष में वोट करने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में पार्टी ने अपना फ़ैसला बदल लिया था.

'हमारे और भी दोस्त हैं'

उद्धव ने सामना को दिए इंटरव्यू में कहा है, ''हमलोग के और भी दोस्त हैं. आम लोग हमारे दोस्त हैं. हम शिकार करेंगे, लेकिन किसी के कंधे पर बंदूक रख शिकार करने की ज़रूरत नहीं है और न ही हमें बंदूक की ज़रूरत है.''

2014 के आम चुनाव में बीजेपी को 48 में से 23 सीटों पर जीत मिली थी और विधानसभा में 123 सीटें मिली थीं. उद्धव ठाकरे से सामना के इंटरव्यू में पूछा गया कि आप इतने शांत क्यों रहते हैं?

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इस सवाल के जवाब में उद्धव ने कहा, ''इसकी वजह है कि मेरे मन में कभी पाप नहीं होता. मैं जो कुछ बोलता हूं बड़ी आस्था से बोलता हूं. किसी का भी अच्छा हो इसीलिए बोलता हूं. किसी का बुरा हो इसके लिए मैं कभी नहीं बोलता… बोलूंगा भी नहीं… और किसी का बुरा हो, ऐसी कभी कोशिश भी नहीं की… संभवत: करूंगा भी नहीं. ऐसी सीख या ऐसा संस्कार मुझे नहीं मिला है.''

शिव सेना का दोस्त कौन है इस पर उद्धव ने कहा, ''शिवसेना जनता की मित्र है. शिव सेना किसी एक पार्टी की मित्र नहीं. कभी नहीं. इसीलिए समय-समय पर कोई बात मुझे पसंद न आए या योग्य न लगे तो उस समय मैं बोलता हूं और वैसा बोलता हूं और बोलूंगा ही…उसी सबका नतीजा देखिए.''

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