'पेड़ की टहनी टूट जाती तो मैं भी खाई में गिर जाता'

  • 29 जुलाई 2018
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महाराष्ट्र के पोलादपुर और महाबलेश्वर क्षेत्र में शनिवार को हुए एक बस हादसे में 30 लोगों की मौत हो गई. इस बस में कुल 31 लोग सवार थे. इनमें से सिर्फ़ एक व्यक्ति की जान बच सकी.

प्रकाश सावंत देसाई नाम के ये शख्स बस के खाई में गिरने के पहले एक पेड़ पर पहुंच गए और अपनी जान बचाई. हादसे के बाद कुछ लोगों ने उनसे बात की और बातचीत का ये वीडियो वायरल हो गया है.

ये बस हादसा रायगढ़ जिले में हुआ. दापोली कोंकण कृषि विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को महाबलेश्वर ले जा रही ये बस अचानक खाई में गिर गई.

मौके पर मौजूद रहे रायगढ़ के जिलाधिकारी विजय सूर्यवंशी ने बीबीसी मराठी को बताया, "दुर्घटना दोपहर 11.30 बजे हुई. एक व्यक्ति ने घाटी से संपर्क कर दुर्घटना की जानकारी दी, जिसका नाम प्रकाश सावंत देसाई है."

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Image caption बस रवाना होने से पहले कोकण कृषि विश्वविद्यालय के कर्मचारी.

दुर्घटना के बाद प्रकाश ने वहां मौजूद लोगों से जो बातचीत की उसका वीडियो वायरल हो चुका है. इस वीडियो में प्रकाश ने दुर्घटना का ब्योरा दिया है. उनसे की गई बातचीत इस तरह है-

प्रकाश: "अगर पेड़ की टहनी टूट जाती तो मैं भी बस के साथ नीचे गिर जाता."

सवाल: "तुमने आगे क्या किया?"

प्रकाश: "मैं थोड़ी देर बैठ गया. मुझे पता ही नहीं था कि मैं कहां आ गया. फिर मैं धीरे-धीरे पेड़ से ऊपर की ओर आया."

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Image caption प्रकाश सावंत देसाई बस के गिरने से पहले ही एक पेड़ की टहनी पर पहुंच गए, जिससे उनकी जान बच गई

सवाल: "तुमने आगे क्या किया?"

प्रकाश: "कारों की आवाज आ रही थी. नीचे झरने के पास कुछ लोग थे जिनमें से मुंबई के एक व्यक्ति ने मुझे अपना मोबाइल दिया. मोबाइल मिलते ही मुझे सबसे पहले अजीत का नाम याद आया. उससे बात होने पर उसने पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद सभी यहां आने लगे."

सवाल: "परेशान क्यों हो? जैसे तुम ठीक हो वैसे बाकी सब भी सुरक्षित हैं?"

इस सवाल के जवाब में प्रकाश कुछ नहीं बोले.

सवाल: "बस में 40 लोगों को जाना था फिर 31 लोग कैसे हुए?"

प्रकाश: "बाकी लोगों ने अपनी टिकट कैंसल करा ली थी."

सवाल: "फिर क्या हुआ?"

प्रकाश: "सड़क पर मिट्टी ही मिट्टी थी जिसकी वजह से बस फिसल गई और बायीं ओर खाई में गिर गई."

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प्रकाश:"मुझे 30 लोगों के ही नाम याद आ रहे थे."

जिलाधिकारी सूर्यवंशी ने बताया, "जैसे ही हमें सूचना मिली वैसे ही हम बचाव दल के साथ महाड और पोलादपुर पहुंच गए. इसके बाद पुलिस और चिकित्सकीय सहायता भी पहुंच गई."

उन्होंने कहा, "इस दुर्घटना के बारे में हम अभी कुछ कह नहीं सकते. लेकिन, तकनीकी जानकारी के बाद ही पता चलेगा कि आखिर हुआ क्या था."

मृतकों के रिश्तेदारों को 4 लाख की मदद

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के रिश्तेदारों को 4 लाख रूपये की सहायता देने की घोषणा की है. इसके अलावा, दुर्घटना के घायलों का खर्चा भी सरकार उठायेगी.

बस में सवार कृषि विश्वविद्यालय के कर्मचारी महाबलेश्वर के लिए जा रहे थे.

इस हादसे की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं. जिनमें बताया गया है कि मंजिल तक पहुंचने से पहले ही बस 800 फीट गहरी खाई में गिर गई.

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बारिश और मिट्टी के कारण राहत कार्य में मुश्किल हो रही है लेकिन राहत टीम अपना काम लगातार कर रही है.

इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत काम में मदद की अपील की.

रायगढ़ जिला प्रशासन ने घटनास्थल पर बात करने के लिए कुछ नंबर जारी किए हैं-

चंद्रसेन पवार, महाड तेहसीलदार-84549977402, प्रदीप कुडाल-94220322443, प्रदीप लोकरे-नायब तहसीलदार रोहा-94230903014, बाबद नायब तहसीलदार मानगाव-942238208

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