प्रेस रिव्यू: दलित महिला विधायक के मंदिर जाने पर 'शुद्धीकरण'

दलित महिला विधायक

इमेज स्रोत, facebook/manisha anuragi

बीजेपी की एक दलित महिला विधायक उत्तर प्रदेश के हमीरपुर ज़िले के एक मंदिर गई थीं. जिसके बाद मंदिर का 'शुद्धीकरण' किया गया और मूर्तियों को गंगाजल से धोया गया.

घटना के बाद से विवाद खड़ा हो गया है. द हिंदू अखबार की ख़बर के मुताबिक़ बीजेपी विधायक ने इसे महिलाओं का 'अपमान' बताया है.

मामला सोमवार को उस वक्त चर्चा में आया, जब मंदिर के 'शुद्धीकरण' का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.

स्थानीय लोगों के मुताबिक़ धूम्र ऋषि के इस मंदिर में महिलाओं को जाने की मनाही है.

बीजेपी विधायक मनीषा अनुरागी 12 जुलाई को स्कूल के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए वहां पहुंची थी.

मनीषा के मंदिर में दाखिल होने पर गांव के लोगों में नाराज़गी थी, जिसके बाद पंचायत बुलाई गई. पंचायत ने मंदिर के 'शुद्धीकरण' का फैसला किया.

इमेज स्रोत, Getty Images

इमेज कैप्शन,

प्रतीकात्मक तस्वीर

'अपना आधार नंबर सोशल मीडिया पर साझा न करें'

यूआईडीएआई ने लोगों को आगाह किया है कि वे अपने 12 अंक के आधार नंबर को इंटरनेट या सोशल मीडिया पर किसी से साझा न करें और न ही सार्वजनिक करें.

ये ख़बर दैनिक भास्कर अख़बार में है. यूआईडीएआई ने कहा है कि आधार नंबर सार्वजनिक कर किसी को डेटा चुराने की चुनौती देने की ग़लती भी नहीं करें.

यूआईडीएआई ने मंगलवार को जारी बयान में कहा, "आधार नंबर को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए और इससे बचना चाहिए, क्योंकि ये क़ानूनसम्मत नहीं है."

इमेज स्रोत, CARAVAN MAGAZINE

जज लोया मामले में पुनर्विचार याचिका खारिज

छोड़कर पॉडकास्ट आगे बढ़ें
पॉडकास्ट
बात सरहद पार

दो देश,दो शख़्सियतें और ढेर सारी बातें. आज़ादी और बँटवारे के 75 साल. सीमा पार संवाद.

बात सरहद पार

समाप्त

सुप्रीम कोर्ट ने जज बीएच लोया की मौत के मामले में 19 अप्रैल के अपने फैसले पर पुनर्विचार के लिए दायर याचिका मंगलवार को खारिज कर दी.

ये खबर द स्टेट्समैन अख़बार के पहले पन्ने पर है.

कोर्ट ने जज लोया की एक दिसंबर, 2014 को नागपुर में आकस्मिक मृत्यु के कारणों की जांच विशेष जांच दल को सौंपने के लिए जनहित याचिकाएं ख़ारिज करते हुए याचिकाकर्ताओं की मंशा पर सवाल उठाए थे.

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ को बॉम्बे लॉयर्स एसोसिएशन की पुनर्विचार याचिका में दम नज़र नहीं आया.

पीठ ने अपने आदेश में कहा, "हमने पुनर्विचार याचिका और इससे जुड़े दस्तावेज़ों की बेहद ध्यान से समीक्षा की, लेकिन हमें अपने फैसले में हस्तक्षेप की कोई वजह नज़र नहीं आई. इसलिए पुनर्विचार याचिका खारिज की जाती है."

शीर्ष अदालत ने लोया की मृत्यु की जांच के लिए दायर सारी याचिकाओं को ख़ारिज करते हुए अपने फैसले में कहा था कि उनकी 'स्वाभाविक मृत्यु' हुई थी.

इमेज स्रोत, TWITTER/DELHI POLICE

किकी डांस किया तो जाना पड़ सकता है जेल

मुंबई पुलिस के बाद अब दिल्ली पुलिस ने भी किकी डांस को लेकर चेतावनी दी है. दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को ट्वीट कर कहा कि किकी डांस करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज होगा. इसमें गिरफ्तारी भी हो सकती है.

अमर उजाला की ख़बर के मुताबिक़ किकी डांस करते हुए गाड़ी चलाना मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन माना जाएगा.

इसे ख़तरनाक ड्राइविंग माना गया है. एक हजार रुपए के चालान के साथ ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित किया जाएगा.

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, किकी चैलेंज इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें लोग चलती कार से उतरकर सड़क पर डांस करने लगते हैं.

ऐसे भी कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें डांस के दौरान लोग हादसे का शिकार हो गए.

(बीबीसी हिन्दी एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक कर सकते हैं. हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)