BBC EXCLUSIVE: इस वजह से केंद्र की राजनीति में नहीं आना चाहते हैं शिवराज

  • 6 अगस्त 2018
मोदी, शिवराज सिंह चौहान इमेज कॉपीरइट Getty Images

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री बनने की कोशिश में जुटे हैं.

नवंबर-दिसंबर में राज्य के विधानसभा चुनाव हो सकते हैं और उससे पहले शिवराज सिंह चौहान जन आशीर्वाद यात्रा पर निकले हैं.

इस यात्रा के बारे में शिवराज सिंह चौहान बताते हैं कि 2008 और 2013 में भी उन्होंने लोगों से आशीर्वाद मांगा था और इस बार भी मांग रहे हैं.

उन्हें भरोसा है कि इस बार भी लोगों का प्यार उन्हें मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बना देगा. शिवराज केंद्र में किसी राजनीतिक भूमिका से इनकार करते हैं.

Image caption मंदसौर-नीमच में जन आर्शीवाद यात्रा के दौरान शिवराज सिंह चौहान

बीबीसी हिंदी के साथ शिवराज सिंह चौहान ने मंदसौर-नीमच की अपनी जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान ख़ास बातचीत की. पढ़िए पूरा इंटरव्यू-

लगातार तीन चुनाव आप जीत चुके हैं, जिस तरह से आपकी जनआशीर्वाद यात्रा में भीड़ दिख रही है, उससे लग रहा है कि चौथी बार चुनाव जीतने की तरफ बढ़ रहे हैं, अपने तीन चार कामों के बारे में बताना हो, तो आप क्या बताएंगे.

सबसे बड़ी चीज़ ये है इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास. कांग्रेस ने मध्य प्रदेश को बर्बाद कर दिया था. ना सड़क बची थी, ना बिजली मिलती थी, ना पानी का इंतज़ाम था. हमने पूरी स्थिति बदल दी है.

इसके अलावा लोगों के लिए गरीबों के जिंदगी बदलने के लिए हमने संबल योजना शुरू की. ग़रीब को सारी सुविधाएं मिले और ज़िंदगी बेहतर हो. किसान को पसीने की क़ीमत मिल जाए. महिला सशक्तिकरण के लिए अनेकों क़दम उठाए हैं.

आप महिलाओं की बात कर रहे हैं तो मध्य प्रदेश के बाहर राज्य की छवि महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्य की क्यों है?

आप माताओं-बहनों से बात कीजिए. मुझे सबसे ज़्यादा समर्थन बहन-बेटियों से मिल रहा है, वो जानती हैं कि उनको सशक्त बनाने के लिए इतना काम हो रहा है जितना राज्य में पहले कभी नहीं हुआ.

आपकी ज़्यादातर योजनाओं में सरकार लोगों की आर्थिक मदद करती है और इससे सरकार के ख़ज़ाने पर बोझ बढ़ता है और कई बार ओवरड्राफ्ट की स्थिति पैदा हो रही है.

नहीं कोई ओवरड्राफ्ट की स्थिति नहीं है, ना ही ख़ज़ाने में कोई कमी है. जहां तक ख़ज़ाने पर बोझ बढ़ता है तो ख़ज़ाना है किसके लिए. भरने के लिए तो नहीं है. जनता का है, जनता के कल्याण पर खर्च कर रहे हैं.

15 साल तक शासन करने के बाद भी आपको लोगों की आर्थिक मदद करनी पड़ रही है.

एक तो प्रति व्यक्ति आय 13 हज़ार से बढ़कर 79 हज़ार हो गई है, पांच गुना बढ़ी है. लेकिन ये औसत प्रति व्यक्ति आय है. कई लोग इससे नीचे हैं, उनकी मदद करते हैं, लेकिन कोशिश यही है कि उनकी संपन्नता बढ़े.

संबल योजना में आप ग़रीबों का बिजली का बिल माफ़ कर रहे हैं और इसके लिए दो करोड़ के क़रीब लोगों ने पंजीयन करा लिया है, आठ करोड़ से कम की आबादी में दो करोड़ लोग ऐसे हैं.

केवल ग़रीब नहीं हैं, आर्थिक रूप से कमज़ोर लोग शामिल हैं, छोटे किसान भी शामिल हैं. छोटे-मोटे बिज़नेस करने वाले लोग भी हैं, वो केवल बीपीएल नहीं हैं, उसमें कम आय के लोग भी शामिल हैं.

आपने एमपी मेंइन्वेस्टर्स समिट कराएं हैं, उससे क्या राज्य में ऐसा निवेश आया है, जिसकी मदद से आप विकास के काम को आगे बढ़ा पाएं?

इन्वेस्टर्स समिट 2016 में किया था, उससे पहले 2014 में भी किया था. दो लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा का निवेश राज्य में आया है. इंदौर में टीसीएस और इंफोसिस के कैंपस बनकर तैयार हो गए हैं. आप देख सकते हैं. इसके अलावा टेक्सटाइल और ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी निवेश तेज़ी से बढ़ा है.

आपके शासनकाल में राज्य में व्यापम घोटाला भी सामने आया है. पांच साल में ये बड़ा मुद्दा रहा है.

ये घोटाला मैंने उजागर किया था. कांग्रेस के ज़माने में पारदर्शिता नहीं थी, परीक्षा नहीं होती थी, नेताओं के स्लिप पर एडमिशन होता था. मैंने उसे पकड़ा और गड़बड़ी को रोका. जो लोग दोषी थे उन पर कार्रवाई हुई. कांग्रेस ने इसे अनावश्यक मुद्दा बनाने की कोशिश की, लेकिन जनता के सामने पूरा सच आ चुका है.

आप पर एक आरोप ये भी है कि आपके कई सहयोगी मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं, लेकिन आपने कोई कार्रवाई नहीं की.

कोई ऐसा आरोप नहीं है, जिसमें कुछ साबित हो, प्रमाणित हो. आरोप तो लगते रहते हैं, लेकिन आरोपों में दम नहीं था. मैं आपसे ये कह सकता हूं कि अगर कोई गड़बड़ करेगा तो मैं उसे छोड़ूंगा भी नहीं.

आपने इंफ्रास्ट्रक्चर की बात की, लेकिन लोगों के जेहन में वो तस्वीर है जिसमें आपको कांस्टेबलों ने सड़क पर हाथों से उठाया हुआ है.

वो सड़क नहीं थी, नदी में बाढ़ थी. एक गांव दूसरी तरफ़ था, सुरक्षा की दृष्टि से उन्होंने मुझे उठाकर दूसरी तरफ़ कर दिया था. उन्हें डर था कि नदी में मेरे पैर फिसल ना जाएं.

वो 'विश्वस्तरीय' सड़कें जो शिवराज ने शायद नहीं देखीं

किसानों के ग़ुस्से को हथियार बना पाएगी कांग्रेस?

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Image caption मंदसौर में आंदोलन करते हुए किसान

कांग्रेस अब तक आपका मुकाबला नहीं कर पाई है, कोई एक वजह बतानी हो तो क्या बताएंगे?

कौन सी कांग्रेस, कितनी कांग्रेस और कैसी कांग्रेस? ये उनका मसला है, वो जानें. मैं तो यही कहूंगा कि मेरी शुभकामनाएं उनके साथ हैं.

राज्य का चुनाव आपके नाम पर लड़ा जा रहा है, लेकिन बीजेपी ने ये अभी ये घोषणा नहीं की है कि जीतने पर आप ही मुख्यमंत्री होंगे, हालांकि राजस्थान में वसुंधरा राजे को चेहरा घोषित किया गया है. इस पर आपकी टिप्पणी क्या है?

इसका जवाब आपको हमारी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जी दे देंगे.

प्रभात झा (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, बीजेपी) ने कहा - उज्जैन में अमित शाह जी ने शिवराज जी को देश का सर्वेश्रेष्ठ मुख्यमंत्री घोषित कर चुके हैं. हज़ारों लोगों के सामने वे कह चुके हैं कि अगले पांच साल के लिए मुख्यमंत्री के तौर पर शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी जी को वोट करना है.

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जब चुनावी बात चल रही है तो 2019 के बारे में भी बात होनी चाहिए, आपको क्या लगता है कि क्या होगा 2019 में?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी पिछली बार से ज़्यादा सीटों के साथ प्रधानमंत्री बनेंगे और देश को आगे बढ़ाएंगे.

आपमें भी सेंट्रल लीडरशिप की संभावना देखी जाती रही थी, हालांकि आप किनारे हट गए हैं, लेकिन अगर भविष्य में मौक़ा मिले तो क्या करेंगे?

मैंने कभी सोचा ही नहीं, सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि पार्टी ने मुझे मध्य प्रदेश की ज़िम्मेदारी सौंपी हुई है और मैं अपने प्रदेश की जनता की सेवा में आनंद महसूस करता हूं, करता रहूंगा.

'...कोई पत्थर से ना मारे मेरे किसानों को'

'माल्या-अडानी के लिए पैसा है, किसान के लिए नहीं'

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