प्रेस रिव्यू: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा, देह व्यापार को संरक्षण देने वाले कौन हैं?

  • 9 अगस्त 2018
देवरिया, यूपी इमेज कॉपीरइट JITENDRA TRIPATHI

अमर उजाला के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि देवरिया बालिका संरक्षण गृह कांड की सीबीआई जांच हाईकोर्ट की निगरानी में की जाएगी.

घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने सरकार से पूछा है कि वह कौन हैं जो देह व्यापार करने वालों को संरक्षण दे रहे हैं? कोर्ट ने सरकार और सीबीआई से 13 अगस्त तक पूरी जानकारी देने के लिए कहा है.

कोर्ट ने सीबीआई के अधिवक्ता ज्ञान प्रकाश को निर्देश दिया है कि सीबीआई जांच को लेकर केंद्र सरकार के आदेश का पता लगाएं.

अदालत ने वकीलों से कहा है कि वे बताएं कि क्या आश्रय गृह में या इसके आसपास कोई सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, साथ ही उन कारों के मालिकों के बारे में भी अवगत कराए जाने को कहा जिनका उपयोग मीडिया की खबरों के मुताबिक, नाबालिग लड़कियों को रात में आश्रय गृह से ले जाने के लिए किया जाता था.

उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए देवरिया के तत्कालीन जिलाधिकारी का तुरंत तबादला कर दिया गया.

देवरिया

70 मुस्लिम परिवारों ने छोड़ा घर

इंडियन एक्सप्रेस के पहले पन्ने पर दी गई एक ख़बर के मुताबिक यूपी के एक गांव के 70 मुस्लिम परिवार घर छोड़कर चले गए हैं.

बरेली जिले के खेलुम गांव में रहने वाले हिंदू-मुस्लिम परिवारों को पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर कांवड़ यात्रा में कोई रुकावट होती है तो उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

इसके लिए 441 स्थानीय लोगों से 5 लाख रुपये का बॉन्ड भी साइन करवाया गया है.

इस गांव के पास के मुस्लिम बहुल इलाके से पिछली बार कांवड़ यात्रा के दौरान झड़प हो गई थी जिसमें कई लोग घायल हुए थे.

इस बार भी यात्रा के लिए वही रूट बनाया गया है और लोगों को चेतावनी दी गई है. लेकिन, इसने मुस्लिम परिवारों की चिंताएं बढ़ा दी हैं और वो घर छोड़कर चले गए हैं.

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केंद्र का ऑडिट से इनकार

टाइम्स के मुताबिक 9 राज्यों ने अपने यहां बने शेल्टर होम्स में केंद्र सरकार से ऑडिट कराने से इनकार कर दिया है.

इन राज्यों में यूपी और बिहार का नाम भी है जहां से हाल ही में बालिका गृहों में यौन उत्पीड़न के मामले सामने आए हैं. बाकी बचे राज्यों में ​दिल्ली, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, केरल और पश्चिम बंगाल शामिल हैं.

इन राज्यों ने केंद्र सरकार से ऑडिट कराने की बजाए अपने स्तर से ऑडिट कराने की बात कही है.

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भीख मांगना अपराध नहीं

हिंदुस्तान अखबार के अनुसार दिल्ली हाई कोर्ट ने भिक्षावृत्ति को अपराध मानने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने भिक्षावृत्ति को अपराध बनाने वाले बॉम्बे भिक्षावृत्ति रोकथाम अधिनियम- 1959 को दिल्ली के संदर्भ में असंवैधानिक बताते हुए खारिज कर दिया है.

इस फैसले के बाद दिल्ली पुलिस भिखारियों को गिरफ़्तार नहीं कर सकेगी. पहले इस कानून के तहत पुलिस उन्हें गिरफ़्तार करती थी. हालांकि, कोर्ट ने जबरन भिक्षावृत्ति कराने वालों पर कार्रवाई के लिए कानून बनाने की छूट दी है.

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नरेला में 20 गायों की मौत

जनसत्ता के पहले पन्ने पर मौजूद ख़बर के अनुसार दिल्ली के नरेला में बुधवार शाम तेज रफ़्तार कालका शताब्दी एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक साथ 20 से ज़्यादा गायों की मौत हो गई.

पटरी पर इतनी संख्या में गायों की मौत होने से इस रूट पर रेल सेवा प्रभावित रही. बताया जा रहा है कि हादसा इतनी ज़ल्दी हुआ कि कुछ समझने का वक़्त नहीं मिला और गाय चराने वाले किसी तरह अपनी जान बचा सके.

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