केरल में फंसे पर्यटकों को निकालने का काम जारी

  • 10 अगस्त 2018
केरल में भारी बारिश इमेज कॉपीरइट EPA

दक्षिण भारतीय राज्य केरल भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से बेहाल है. मुन्नार पर्यटन स्थल के एक रिज़ॉर्ट में करीब 57 विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं. इनमें से ज़्यादातर पर्यटक अमरीका, सऊदी अरब और ओमान के रहने वाले हैं.

पर्यटन निदेशालय के एक अधिकारी ने बीबीसी को बताया कि रिज़ॉर्ट को जाने वाला रास्ता भूस्खलन के चलते बंद हो गया है. हालांकि रिज़ॉर्ट में मौजूद सभी पर्यटक सुरक्षित बताए जा रहे हैं.

केरल के पर्यटन विभाग के निदेशक पी बालाकिरन ने बताया, "रास्ते को खोला जा रहा है. जैसे ही हमें उनके बारे में जानकारी मिली, हमारे अधिकारी और सेना राहत और बचाव के काम में जुट गए. पर्यटक पूरी तरह से सुरक्षित हैं. वहां उनको किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है, रिज़ॉर्ट में उनके लिए पर्याप्त खाना मौजूद है."

केरल के पर्यटन मंत्री ने एक बयान जारी कर बताया कि रिज़ार्ट में फंसे कम से कम चार रूसी परिवार और दो अमरीकी दंपत्तिों को किसी दूसरे रास्ते से नीचे लाया गया है.

केरल में पिछले कुछ दिन से दक्षिण पश्चिम मॉनसून फिर से सक्रिय हो गया है. जिसकी वजह से राज्य में भारी बारिश हो रही है और जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

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बाढ़ की चपेट में आने से राज्य में अबतक 26 लोगों की मौत हो चुकी है. कई ज़िलों में भूस्खलन हुए हैं. कई जलाशय खतरे के निशान से ऊपर बह रहे हैं.

पिछले दो दिनों में 22 बांधों के बैराज खोल दिए गए हैं. इनमें से एक इडुक्की चेरुथोन बांध के बैराज तो 26 साल बाद खोले गए हैं. पेरियार नदी पर बनी ये बांध एशिया के सबसे बड़े बांधों में से एक है.

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने राज्य की "स्थिति को बेहद गंभीर" क़रार दिया है. स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ, सेना, नैसेना और वायुसेना के 350 से ज़्यादा जवानों को तैनात किया गया है.

अबतक प्रभावित इलाकों से कई लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है.

राहत अभियान के नोडल अफसर पी एच कुरियन ने बीबीसी को बताया, "मौसम विभाग ने और बारिश होने की चेतावनी जारी की है. इसे देखते हुए हमने निचले इलाकों से करीब 20,000 लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया है. जलाशयों से अभी और पानी छोड़े जाने की ज़रुरत है. शाम तक कोच्चि और एर्नाकुलम ज़िलों से 8500 और लोगों को निकाल लिया जाएगा."

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Image caption प्रतीकात्मक तस्वीर

कुरियन कहते हैं, "जलाशयों से पानी छोड़े जाने की वजह से कोच्चि (केरल की आर्थिक राजधानी) और एर्नाकुलम जैसे शहरों में बाढ़ आने का ख़तरा है. अब, एर्नाकुलम और त्रिचूर जैसे केंद्रीय ज़िले प्रभावित हो रहे हैं."

राज्य प्रशासन ने इडुक्की, कोट्टायम, मलप्पुरम, पलक्कड़, कोझिकोड, कोल्लम, एर्नाकुलम समेत कई ज़िलों में रेड अलर्ट जारी किया है.

पूरा प्रशासन राहत और बचाव अभियान में जुटा है, इसलिए अभी तक इमारतों को हुए नुकसान का जायज़ा नहीं लिया गया है.

इस बीच, विलिंगडन द्वीप की इमारतों की सुरक्षा के लिए नौसेना की दक्षिणी कमान मुख्यालय को अलर्ट पर रखा गया है.

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