संयुक्त अरब अमीरात ने केरल को क्यों दिए 700 करोड़

  • 21 अगस्त 2018
केरल और यूएई इमेज कॉपीरइट Getty Images

केरल को बाढ़ से उबारने के लिए संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने 700 करोड़ रुपए की मदद देने की घोषणा की है. मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने इसकी जानकारी दी.

मुख्यमंत्री विजयन ने कहा कि अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है. उन्होंने कहा कि दोनों के बीच बातचीत राहत और बचाव कार्य की मौजूदा स्थिति पर हुई.

शनिवार को शारजाह के शासक सुल्तान बिन मोहम्मद अल-क़ासिमी ने बाढ़ प्रभावितों की मदद के लिए चार करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी.

यूएई के राष्ट्रपति शेख ख़लीफ़ा बिन ज़ायद अल नाह्यान ने केरल की बाढ़ को लेकर एक आपातकालीन समिति बनाने का आदेश दिया था.

इस समिति के प्रमुख शेख़ मोहम्मद हैं और इन्हीं की ज़िम्मेदारी थी कि वो बाढ़ पीड़ितों को मदद की राशि की घोषणा करें. क़तर ने भी 50 लाख डॉलर की मदद की घोषणा की है.

...तो गायों ने क़तर को बर्बाद होने से बचा लिया

अदना सा क़तर क्यों बना खाड़ी देशों की आंख की किरकिरी?

सऊदी में भारतीयों के लिए नौकरी अब और मुश्किल

सऊदी अरब का परमाणु सपना और अमरीका की परेशानी

इमेज कॉपीरइट Getty Images

यूएई और बाक़ी के खाड़ी देशों में केरल के लोगों की अच्छी-ख़ासी आबादी रहती है. खाड़ी के देशों में भारतीय मज़दूरों की बड़ी तादाद है. एक अनुमान के अनुसार संयुक्त अरब अमीरात की कुल आबादी में भारतीय प्रवासी 27 फ़ीसदी हैं.

केरल की विनाशकारी बाढ़

पिछले कुछ हफ़्तों से केरल भयावह बाढ़ की चपेट में है. पिछली एक सदी की यह सबसे भयावह बाढ़ है. केरल के जितने लोग विदेशों में रहते हैं उसके 90 फ़ीसदी लोग खाड़ी के देशों में रहते हैं.

बाढ़ से अब तक 300 मौतें हो चुकी हैं. इसके साथ ही जान-माल का भी भारी नुक़सान हुआ है. एक अनुमान के अनुसार केरल को बाढ़ की बर्बादी से उबरने के लिए 37,000 करोड़ रुपए की ज़रूरत होगी. शुरुआत में कहा जा रहा था कि 20 हज़ार करोड़ रुपए की ज़रूरत होगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया था तो उन्होंने 500 करोड़ रुपए की तत्काल मदद की घोषणा की थी.

मोदी के पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दौरा किया था तो उन्होंने 100 करोड़ रुपए की मदद की घोषणा की थी. 25 जुलाई को गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने 80 करोड़ रुपए की मदद की घोषणा की थी.

केरल की बाढ़ पर खाड़ी के देशों ने खोला दिल

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption यूएई के राष्ट्रपति शेख ख़लीफ़ा बिन ज़ायद अल नाह्यान

वो 26 सेकंड और केरल में छा गए बिहार के कन्हैया

केरल की बाढ़ और तबाही का मंज़र

यूएई से केरल का नाता

सेंटर फोर डिवेलपमेंट स्टडीज के एक अध्ययन के अनुसार भारत से यूएई जाने वाले सबसे ज़्यादा लोग केरल के होते हैं. 2014 में भारत से जितने प्रवासी संयुक्त अरब अमीरात गए उनमें से 38 फ़ीसदी लोग केरल से थे. एक अनुमान के मुताबिक़ केरल की कुल तीन करोड़ की आबादी के दस फ़ीसदी लोग राज्य में नहीं रहते हैं.

केरल के हर तीसरे घर का एक आदमी खाड़ी के देशों में काम करता है. ये देश हैं कुवैत, क़तर, ओमान, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब.

राज्य के बैंकों के आंकड़ों के अनुसार इन देशों में काम करने वाले लोग केरल को हर साल एक अरब रुपए भेजते हैं. खाड़ी के देशों में केरल के 20 फ़ीसदी प्रवासी ही ऐसे हैं जो अपने परिवार के साथ रहते हैं, बाकी अकेले रहते हैं और साल में एक बार आते हैं.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
केरल के त्रिशूर में भूस्खलन के बाद कैसे हैं हालात

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

मिलते-जुलते मुद्दे