जब डीसीपी पिता ने एसपी बेटी को मारा सैल्यूट

  • 4 सितंबर 2018
डीसीपी उमामहेश्वर सर्मा और एसपी सिंधु सर्मा इमेज कॉपीरइट Rathindra Nath Roy/Sindhu Sarma/Facebook

''मेरे लिए इसके बहुत ज़्यादा मायने नहीं थे. जो सोशल मीडिया पर एक बहुत बड़ा मुद्दा बन गया. ड्यूटी पर मैं जब भी उन्हें (अपनी बेटी) देखता हूं सलाम करता हूं, लेकिन घर पर हम दोनों बाप-बेटी होते हैं.''

ये शब्द उस पिता के हैं जिनकी बेटी को सैल्यूट मारने की कहानी बीते रविवार से सोशल मीडिया पर वायरल है.

दरअसल, कहानी सुनने में बहुत सपाट है, लेकिन पढ़ने पर हर किसी को बाप-बेटी की इस जोड़ी पर फ़ख्र महसूस हो रहा है.

एक पिता हैं जो डीसीपी हैं और बेटी एसपी. ये परिवार तेलंगाना का है.

क्या है पूरा मामला ?

प्रदेश के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव रंगारेड्डी ज़िले के कोंगराकलां गांव में एक सितंबर को एक कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे थे.

पिछले 10 दिनों से पड़ोसी ज़िले के सभी पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री की सभा के लिए बंदोबस्त में लगा दिया गया था. उमामहेश्वर सर्मा मलकानगिरि के डीसीपी हैं, इसलिए उनकी भी ड्यूटी वहां लगी थी.

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उस प्रोग्राम में महिला गैलरी की ज़िम्मेदारी एसपी सिंधु सर्मा को दी गई थी.

उनके पिता डीसीपी को भी सुरक्षा की ज़िम्मेदारी दी गई थी.

उस सभा में एक वक़्त ऐसा आया, जब डीसीपी पिता का सामना एसपी बेटी से हुआ. फिर क्या था.

वर्दी पर लगे सितारों के मुताबिक और प्रोटोकॉल का सम्मान करते हुए तुरंत डीसीपी ने एसपी को सैल्यूट किया.

लेकिन मौक़े पर मौजूद कैमरों और पत्रकारों के बीच ये पूरा वाकया 'बेटी को पिता का सैल्यूट' बन कर सामने आया.

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इस पूरे मामले पर पिता उमामहेश्वर सर्मा ने बीबीसी से बात की. उस पल के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा, "उस प्रोग्राम में डीसीपी होने के कारण मेरी सिक्योरिटी में ड्यूटी लगी थी क्योंकि सीएम आने वाले थे. बेटी वहां पहले से पहुंची हुई थी. उनके सामने आते ही मेरा हाथ सैल्यूट के लिए उठ गया. इस बारे में हमने कभी सोचा नहीं, न कभी बात की. वो पल था जो बस बीत गया.''

डीसीपी उमामहेश्वर सर्मा कहते हैं कि ''हम दोनों ही अपनी ड्यूटी कर रहे थे. लेकिन हमें नहीं पता था कि ये पल कोई रिकॉर्ड भी कर रहा है. जब हम सामने आए तो हमने ध्यान भी नहीं दिया कि सामने बेटी है. वो मुझसे वरिष्ठ अधिकारी हैं, वो आईपीएस हैं और मैं डीसीपी तो मुझे उन्हें सैल्यूट करना ही था."

एक पिता के लिए ये पल बहुत ही गर्व करने वाला होता है. हर पिता की ख़्वाहिश होती है कि उन्हें उनके बच्चों के नाम से जाना जाए.

आईपीएस बेटी का पक्ष

लेकिन क्या ये एक बेटी के लिए भी वैसा ही पल था जैसा एक पिता के लिए था?

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स्थानीय मीडिया को दिए इंटरव्यू में एसपी सिंधु सर्मा कहती हैं, ''हम दोनों के लिए ये बहुत ही असाधारण-सा पल था. एक-दूसरे को देखकर प्रभावित तो हुए थे, लेकिन इस बात की खुशी भी है कि इस वर्दी को पहनने की जो घर की एक परंपरा है उसे कायम रख पाई.''

सिंधु बताती हैं कि पिता अगले साल रिटायर हो रहे हैं और साथ काम करने का ये अच्छा मौका था.

हालांकि बीबीसी ने जब सिंधु से सम्पर्क किया तो उन्होंने ज़्यादा बात नहीं की. बस इतना कहा, "ये बहुत ही भावनात्मक पल था, लेकिन इसके तुरंत बाद ही हम अपने-अपने काम पर लौट गए.''

हालांकि डीसीपी सर्मा बताते हैं कि उस एक पल का कोई वीडियो उनके पास नहीं है.

तो फिर इस वायरल ख़बर के बारे में उन्हें कैसे पता चला?

इस सवाल के जवाब में डीसीपी सर्मा कहते हैं, "रविवार को सुबह नाश्ते के टेबल पर दोनों बाप-बेटी नाश्ता कर रहे थे उस वक़्त अख़बार में ये ख़बर पढ़ी. लेकिन न तो बेटी ने उस पर कुछ कहा और न ही मैंने कोई सवाल पूछा."

कौन हैं एसपी सिंधु सर्मा?

सिंधु सर्मा तेलंगाना के जगित्याल ज़िले में पांच सितम्बर से एसपी की कमान संभालेंगी. सिंधु 2014 बैच की आईपीएस अफ़सर हैं. उनकी शुरुआती पढ़ाई तेंलगाना के प्राइवेट स्कूल से हुई और उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल, बंगलुरु से क़ानून की पढ़ाई की है.

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सिंधु अपने पिता के साथ पिछले दो महीने से रह रही हैं. वो अभी हाल ही में एक बच्चे की मां बनी हैं और मैटरनिटी लीव से लौटी हैं. उनको सात महीने का एक बेटा है. अभी उन्हें काम संभालते हुए एक महीना ही हुआ है.

सिंधु के पिता डीसीपी उमामहेश्वर सर्मा ने 1985 में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर सेवा संभाली थी. पदोन्नति के बाद वो डीसीपी रैंक तक पहुंचे हैं और अगले साल रिटायर होने जा रहे हैं.

उमा महेश्वर सर्मा के दो बच्चे हैं. एक लड़का और एक लड़की. सिंधु के भाई हैदराबाद हाई कोर्ट में वकील है और मां गृहिणी हैं.

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