हार नहीं मानेंगे, हमें हमारा बेटा चाहिए: नजीब अहमद की मां फ़ातिमा नफ़ीस

  • 15 अक्तूबर 2018
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केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से लापता हुए छात्र नजीब अहमद का केस आख़िरकार बंद कर दिया है. इस पर नजीब की मां फ़ातिमा नफ़ीस ने सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि वो अपनी लड़ाई जारी रखेंगी और ज़रूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का भी दरवाज़ा खटखटाएंगी.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अधिकारियों का कहना है कि नजीब अहमद को खोजने की तमाम कोशिशों का कोई नतीजा नहीं निकलने के बाद सीबीआई ने केस बंद करने का फ़ैसला किया गया है.

पीटीआई के मुताबिक, सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट से इजाज़त लेने के बाद हाल ही में पटियाला हाउस कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाख़िल की है.

अदालत इस मामले पर अगली सुनवाई 29 नवंबर को कर सकती है.

नजीब 14 अक्तूबर 2016 से लापता हैं. 14 अक्टूबर की रात जेएनयू के माही मांडवी हॉस्टल में कुछ छात्रों के बीच झड़प हुई थी. इसके बाद नजीब का कहीं पता नहीं चला.

नजीब के लापता होने पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 365 के तहत मामला दर्ज किया था. वर्ष 2017 में दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था.

'हार नहीं मानेंगे, सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे'

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बीबीसी संवाददाता नवीन नेगी ने नजीब अहमद की मां फ़ातिमा नफ़ीस से बात की. फ़ातिमा नफ़ीस ने कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी.

उन्होंने कहा, ''सीबीआई ने कोर्ट को गुमराह किया है. वॉर्डन और सिक्योरिटी के बयान कोर्ट को नहीं बताए गए हैं. तमाम एजेंसियों ने कोर्ट का समय ख़राब किया है. जांच एजेंसी ने किसी दबाव में अपना काम सही तरीके से नहीं किया है.''

''मेरे पास 20-21 प्रत्यक्षदर्शी हैं जिन्होंने नजीब को एबीवीपी के गुंडों से बचाया था. वॉर्डन इस घटना के गवाह हैं जिन्होंने लिखित में बयान दिया है कि मुझे भी चोट लगी है नजीब को बचाने में.''

''नजीब को बचाने वाले सिक्योरिटी के छह-सात गार्ड भी गवाह हैं. ये कैसे कह सकते हैं कि जेएनयू में कोई घटना नहीं हुई. ये झूठ बोल रहे हैं. तमाम एजेंसियों खाली हाथ हैं तो कहीं न कहीं तो घोटाला हुआ है. इस मामले में ज़रूरत पड़ी तो हम सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे. लेकिन हार नहीं मानेंगे, हमें हमारा बेटा चाहिए.''

क्या हुआ था जेएनयू में उस रात!

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नजीब अहमद जेएनयू में बायो टेक्नॉलजी के छात्र थे. उनके लापता होने के बाद जेएनयू के अंदर और बाहर छात्रों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किए थे.

नजीब की मां ने मोदी सरकार से उनके बेटे को खोजने की गुहार लगाई थी और इस सिलसिले में उन्होंने कई मंत्रियों और नेताओं से मुलाक़ात की थी. नजीब की मां ने उन ख़बरों को भी ग़लत बताया था जिनमें कहा गया था कि उनका बेटा मानसिक संतुलन खो चुका था.

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