पाँच बड़ी ख़बरें: अब केंद्र सरकार और RBI गवर्नर उर्जित पटेल में भारी तनाव

उर्जित पटेल

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केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच तनातनी की ख़बर है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार रिज़र्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर ऊर्जित पटेल और सरकार में नीतिगत मुद्दों पर पर्याप्त मतभेद हैं.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल के शुरुआती महीनों में सरकार और आरबीआई की दूरियां बढ़ी हैं. यहां तक कि सरकार और आरबीआई के बीच संवादहीनता की स्थिति बनती जा रही है.

आरबीआई के डिप्टी गवर्नर विरल अचार्य ने हाल ही में सरकार के हस्तक्षेप की ओर इशारा किया था. विरल अचार्य ने आरबीआई की स्वायत्तता को लेकर चिंता ज़ाहिर की थी. विरल ने कहा था कि आरबीआई की स्वायत्तता पर चोट किसी के हक़ में नहीं होगी.

कहा जा रहा है कि वर्तमान हालात का असर उर्जित पटेल के भविष्य पर भी पड़ेंगे. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट का कहना है अगले साल सितंबर में उर्जित पटेल के तीन साल का कार्यकाल पूरा हो रहा है. पटेल के सेवा विस्तार की बात तो दूर की है उनके बाक़ी के कार्यकाल पर भी सवाल उठ रहे हैं.

इस रिपोर्ट का कहना है कि केवल 2018 में ही कम से कम आधे दर्जन नीतिगत मसलों पर मतभेद उभरकर सामने आए. सरकार की नाराज़गी ब्याज दरों में कटौती नहीं किए जाने को लेकर भी रही है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि नीरव मोदी की धोखाधड़ी सामने आने के बाद भी सरकार और केंद्रीय बैंक में तनाव की स्थिति पैदा हुई थी. पटेल चाहते हैं कि सरकारी बैंकों पर नज़र रखने के लिए आरबीआई के पास और शक्तियां होनी चाहिए.

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अर्चना जैन को वायरल फ़ोटो से मिली मदद

यूपी पुलिस की सिपाही अर्चना जैन इन दिनों सोशल मीडिया पर ख़ूब चर्चा में हैं. जैन की एक तस्वीर वायरल हूई थी, जिसमें वो अपने छह महीने की बेटी को डेस्क पर सुला काम करती दिख रही हैं.

बच्ची डेस्क पर सो रही है और अर्चना कुछ काम कर रही हैं. अर्चना की यह तस्वीर वायरल हुई तो उनके सीनियर्स का भी इस ओर ध्यान गया और उनका ट्रांसफर उनके गृह नगर आगरा के पास कर दिया गया. अर्चना की पोस्टिंग झांसी में कोतवाली थाने पर थी.

अर्चना ने पूरे मामले पर कहा है, ''यह बच्ची महज 6 महीने की है, इसलिए पूरी तरह से मेरे ऊपर निर्भर है. स्तनपान इसके लिए ज़रूरी है.'' अर्चना के पति दिल्ली में एक प्राइवेट फ़र्म में नौकरी करते हैं.

अर्चना की एक और बेटी है जो चौथी क्लास में पढ़ती है और वो अपने दादा के पास आगरा में रहती है. आगरा से झांसी की दूरी 231 किलोमीटर है.

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डीएमके ने रजनीकांत से मांगी माफ़ी

तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी डीएमके ने इस हफ़्ते अपने मुखपत्र 'मुरासोली' में छपे एक आर्टिकल को लेकर रविवार को तमिल अभिनेता रजनीकांत से माफ़ी मांगी है.

इस लेख में कहा गया था कि रजनीकांत बीजेपी के हाथों की कठपुतली बन गए हैं. माफ़ी से जुड़े बयान में कहा गया है, ''इस आलेख से सुपरस्टार रजनीकांत के प्रशंसकों को चोट पहुंची है. अपनी संपादकीय टीम को सलाह दी है कि ऐसे आलेखों को प्रकाशित करने से बचा जाए. रजनीकांत के ख़िलाफ़ लेख छपने को लेकर हम माफ़ी मांगते हैं.''

मुरासोली की शुरुआत करुणानिधि ने 1942 में की थी. यह पहली बार है जब इस मुखपत्र ने माफ़ी मांगी है. तमिलनाडु में दो अहम अभिनेताओं ने चुनावी राजनीति में दस्तक दी है. कमल हासन और रजनीकांत की तमिलनाडु की राजनीति में आने से मुख्यधारा की पुरानी पार्टियां परेशान हैं.

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अमित शाह पर कोर्ट की अवमानना के आरोप

बीजेपी प्रमुख अमित शाह पर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना के आरोप लग रहे हैं. विपक्षी पार्टियों का कहना है कि केरल के सबरीमला मंदिर में सभी आयुवर्ग की महिलाओं के आने पर लगी पाबंदी पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का विरोध कर अमित शाह ने अदालत की अवमानना की है.

विपक्ष का कहना है कि कोर्ट इस पर स्वतः संज्ञान ले. शनिवार को अमित शाह ने केरल को कन्नूर ज़िले में कहा था कि कोर्ट वैसे फ़ैसले दे जिन्हें लागू किया जा सकता है.

केरल की सीपीएम सरकार का कहना है कि सबरीमला पर सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को जो फ़ैसला दिया था उसके विरोध में बीजेपी लोगों को भड़काने की राजनीति कर रही है.

सीपीएम पोलित ब्यूरो ने कहा है कि अमित शाह के बयान से साफ़ है कि केरल में विरोध-प्रदर्शन के पीछे बीजेपी ही है. सीपीएम ने कहा है कि सत्ताधारी बीजेपी कोर्ट की अवमानना कर असंवैधानिक प्रवृत्तियों को बढ़ावा दे रही है.

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जर्मनी में मर्केल को झटका

जर्मनी के हेसे राज्य में हुए स्थानीय चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन दलों का प्रदर्शन ख़राब रहा है. जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल की पार्टी क्रिस्चियन डेमोक्रेट के साथ गठबंधन बनाने वाली पार्टी सोशल डेमोक्रेट ने चेतावनी दी है कि इन चुनावों का नतीजा गठबंधन के भविष्य पर ग्रहण लगा सकता है.

ये दोनों ही दल लगभग 10 फ़ीसदी मतों से पीछे हैं. सोशल डेमोक्रकेट की नेता एंड्रिया नेल्स ने कहा है कि गठबंधन में चल रही अहसमतियों के चलते ये परिणाम सामने आए हैं. वहीं मर्केल की पार्टी क्रिस्चियन डेमोक्रेट के वरिष्ठ नेता और हेसे राज्य के प्रमुख वोल्कर बफिर ने कहा है कि भले ही ये नतीजे अच्छे ना हों लेकिन ये पूरी तरह से हार नहीं है.

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