प्रेस रिव्यू: पाकिस्तान से चीन तक बस सेवा पर भारत की आपत्ति

  • 2 नवंबर 2018
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चीन और पाकिस्तान के बीच प्रस्तावित बस सेवा परियोजना को लेकर भारत की दोनों देशों के साथ राजनयिक स्तर पर ठन गई है.

यह बस सेवा लाहौर से पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर होते हुए चीन के शिनजियांग के बीच शुरू की जाएगी.

जनसत्ता अखबार में छपी ख़बर के मुताबिक, भारत ने इस बस सेवा का पाकिस्तान और चीन दोनों के सामने विरोध दर्ज किया है.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान चीन के दौरे पर पहुंचे हैं.

विदेश सचिव विजय गोखले ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रीय सीमाओं से बाहर की संपर्क पहल को इस तरह लागू किया जाना चाहिए कि देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान हो.

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50 सामान अमरीका की ड्यूटी फ्री लिस्ट से बाहर

अमरीका ने भारत से आयात की जाने वाली कम से कम 50 चीज़ों पर दी गई सीमा शुल्क की रियायत को वापस ले लिया है.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, जिन भारतीय उत्पादों पर अब अमरीका में आयात पर ड्यूटी वसूली जाएगी, उनमें ज्यादातर हैंडलूम और कृषि क्षेत्रों के हैं.

अमरीका का ये फैसला भारत के साथ व्यापार संबंधी मसलों पर ट्रंप प्रशासन के कड़े रुख को दिखाता है.

फेडरल रजिस्टर ने एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा कि अब तक जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंस (GSP) के शुल्क मुक्त प्रावधानों के तहत आने वाले 90 उत्पादों को सूची से बाहर किया जा रहा है. यह फैसला 1 नवंबर से लागू हो गया.

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जजों की धीमी भर्ती प्रक्रिया से सुप्रीम कोर्ट नाराज़

सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालतों में खाली पड़े न्यायिक पदों को लेकर नाराज़गी जताई है.

द हिंदू अखबार के मुताबिक कोर्ट ने राज्यों और हाई कोर्ट को कहा है कि अगर उन्होंने पांच हज़ार न्यायिक पदों को जल्द नहीं भरा, तो ये काम वो खुद करेंगे. कोर्ट ने कहा कि हमारे पास केंद्रीकृत चयन प्रणाली है.

अदालत ने देश के सभी हाई कोर्ट और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से न्यायिक अधिकारियों के रिक्त पदों का ब्योरा और उन्हें भरने की समय सीमा की जानकारी देने को कहा है.

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महिलाओं पर गूगल के स्टाफ का प्रदर्शन

गूगल के कर्मचारियों ने कंपनी के दुनिया भर के दफ्तरों के बाहर महिला कर्मचारियों के साथ हुए व्यवहार के खिलाफ प्रदर्शन किए हैं.

ये खबर द स्टेट्समैन अख़बार के पहले पन्ने पर है.

गूगर में महिलाओं को नौकरी पर रखने के तरीके, वेतन और उनके प्रति व्यवहार को लेकर गुस्सा बीते कई महीनों से बढ़ रहा था.

कंपनी ने बीते दो साल में यौन उत्पीड़न के आरोपों में पचास से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाला है.

हाल के महीनों में फेसबुक, माइक्रोसॉफ्ट और अमेज़न जैसी कंपनियों के कर्मचारियों ने भी प्रदर्शन किए हैं.

'वो हमें सेक्स टॉय समझते हैं, हम उनकी दया पर हैं'

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लिव इन में महिला को गुज़ारा भत्ते का हक

सुप्रीम कोर्ट ने व्यवस्था दी है कि लिव-इन संबंधों में रहने वाली महिला घरेलू हिंसा कानून, 2005 के तहत साथी से गुज़ारा भत्ता ले सकती है.

हिंदुस्तान अखबार के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन जजों की पीठ ने गुरुवार को यह व्यवस्था दी. यह मामला दो जजों की पीठ ने भेजा था.

यह मामला सुप्रीम कोर्ट में तब आया, जब झारखंड हाईकोर्ट ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 125 के तहत महिला को गुज़ारा भत्ता देने के आदेश तब ही दिए जा सकते हैं, जब वह महिला कानूनी रूप से पुरुष के साथ विवाहित हो.

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