यूपी के उरई से दी गई अमरीका में धमाके की धमकी

  • 3 नवंबर 2018
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अमरीका के मियामी एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी का उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर उरई से क्या कनेक्शन हो सकता है?

यह बात सोचने में हैरतअंगेज़ लगती है लेकिन यह सच है.

एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में मियामी एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी देने आरोप में जालौन ज़िले के उरई से एक 18 वर्षीय युवक को गुरुवार को हिरासत में ले लिया.

उत्तर प्रदेश पुलिस का आतंकवाद रोधी दस्ता (एटीएस) उसे हिरासत में लेकर लखनऊ ले गया और वहां उससे देर तक पूछताछ की.

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Image caption उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह लखनऊ में एटीएस हेडक्वॉर्टर में (फाइल फोटो)

युवक ने स्वीकारा जुर्म: पुलिस

शुरुआती तौर पर ये मामला कितना संगीन माना गया इसका अंदाज़ा इससे लगाया जा सकता है कि इस मामले में प्रेस कांफ्रेंस करने यूपी पुलिस के मुखिया यानी डीजीपी ओपी सिंह को सामने आना पड़ा.

उन्होंने बताया कि पूछताछ में युवक ने धमकी देने की बात स्वीकार कर ली है. ओपी सिंह के मुताबिक अमरीकी ख़ुफिया एजेंसी एफबीआई और भारत की जांच संस्था एनआईए से मिले इनपुट के आधार पर इस युवक को गिरफ़्तार किया गया.

पुलिस का दावा है कि यह युवक क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन में निवेश किया करता था और उसमें नुकसान होने पर नाराज़ था. उसने इंटरनेट से वीओआईपी कॉल का इस्तेमाल करके ये धमकियां दी थीं.

पुलिस के मुताबिक, उसकी उम्र 18 साल 3 माह है. हालांकि स्थानीय पत्रकार अनुज कौशिक के मुताबिक, वह दसवीं कक्षा का छात्र है.

यूपी एटीएस ने कहा है, "हालांकि वह वयस्क है, पर भविष्य में उसके सुधार की संभावना को देखते हुए उसका नाम जारी नहीं किया जा रहा है."

हालांकि ऐसा लगता है कि इसे गंभीर मामला न मानते हुए यूपी एटीएस बड़े अपराध की धाराओं में मामला दर्ज नहीं करेगी.

हालांकि अभी अभियुक्त के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज की गई है और संबंधित धाराओं में कार्रवाई की जा रही है. धाराएं ऐसी हैं जिनमें गिरफ़्तारी की ज़रूरत नहीं है. इसलिए माना जा रहा है कि गिरफ़्तारी न करते हुए अदालत में चार्जशीट दाख़िल की जाएगी.

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बच्चे ने नादानी की: पिता

पुलिस ने शनिवार को अभियुक्त को उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया. उसके पिता ने स्थानीय मीडिया से बात करते हुए इसे बेटे की 'नादानी' बताया है.

उन्होंने कहा, "वो व्हॉट्सएप से कुछ गेम वगैरह खेलता रहता था. कुछ कंपनियां उसे कुछ डॉलर दे देती थीं, ऐसा सुनने को मिला है. उसकी व्हॉट्सएप पर बातचीत होती रहती थी. बच्चा बता रहा है कि उससे किसी ने अभद्रता कर दी. इसने नासमझी में, नादानगी में किसी को फ़ोन कर दिया. वो मुझे मालूम नहीं था. न ही मेरा ऐसा परिवार है, न ही आपराधिक प्रवृत्ति की हमारा कोई इतिहास है. मैं एक साधारण किसान परिवार से हूं. हमारे साथ कभी ऐसी गतिविधियां नहीं हुईं."

उन्होंने कहा, "यूपी एटीएस ने बच्चे से पूछताछ की. उसके बाद उन्हें लगा कि बच्चे ने नासमझी और अज्ञानता में ये कर दिया है. उसकी उन्होंने जांच की और आगे भी कर रहे हैं. उन्होंने हमें कई तरह की हिदायत भी दी है."

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यूपी एटीएस का बयान

  • जांच एजेंसी से यह इनपुट मिला कि एक शख़्स मियामी एयरपोर्ट पर फ़ोन करके एके47 और ग्रेनेड से हमले की धमकी दे रहा है.
  • आईपी एड्रेस के आधार पर इस शख़्स को लोकेट किया गया. उसके कंप्यूटर और फोन से मिले रिकॉर्ड से धमकी की बात को सत्य पाया गया.
  • पूछताछ में अभियुक्त ने माना कि उसने पिता से पैसे लेकर एक हज़ार अमरीकी डॉलर के बिटकॉइन्स ख़रीदे और उनके दाम बढ़ने से ख़ुश होता रहा. इस बीच वह चैट के ज़रिए एक व्यक्ति के संपर्क में आया जिसने उसे ज़्यादा मुनाफ़े का लालच दिया और सारे बिटकॉइन्स हड़प लिए. इसकी सूचना उसने घर या थाने पर नहीं दी, लेकिन एफबीआई को छद्म नाम से फोन करके और ईमेल पर इसकी सूचना उसने दी. एफबीआई से अपेक्षित सहयोग नहीं मिला तो उसने योजना बनाकर मियामी एयरपोर्ट पर फ़ोन करके धमकी दी.
  • युवक ने धमकी में कहा कि मैं एके47, ग्रेनेड और सुसाइड बेल्ट लेकर आऊंगा और सबको मार दूंगा. एफ़बीआई से कहो कि मुझसे बात करे. 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर के बीच युवक ने पांच बार फ़ोन करके धमकियां दीं.
  • इसके बाद यूपी एटीएस ने आईपी एड्रेस से युवक को खोज निकाला. उसके पास से एक नकली आधार कार्ड भी पाया गया है.

यूपी एटीएस ने ये भी आम लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के इंटरनेट व्यवहार को लेकर सजग रहें और उन पर नज़र रखें.

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