प्रेस रिव्यू: मोदी सरकार शत्रु संपत्ति बेचकर जुटाएगी 3000 करोड़

  • 9 नवंबर 2018
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द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार भारत के विभाजन के समय पाकिस्तान गए लोगों और कंपनियों की संपत्तियों को बेचना शुरू करेगी. शत्रु संपत्ति कही जाने वाली इन संपत्तियों के शेयर बेचकर सरकार तीन हज़ार करोड़ रुपए जुटाएगी.

केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद क़ानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि शत्रु संपत्तियों के संरक्षक के पास मौजूद शेयरों को बेचा जाएगा. भारत सरकार ने हाल ही में एक क़ानून बनाकर शत्रु संपत्तियों को बेचने का रास्ता साफ़ किया था. इन संपत्तियों का बड़ा हिस्सा राजा महमूदाबाद के वंशजों के पास है जिन्होंने इन्हें बेचने के फ़ैसले को अदालत में चुनौती दी है.

शत्रु संपत्ति अधिनियम, 1968 के अनुसार शत्रु संपत्ति का मतलब उस संपत्ति से है, जिसका मालिकाना हक या प्रबंधन ऐसे लोगों के पास था, जो बंटवारे के समय भारत से चले गए थे। सरकार का यह फैसला काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि अब दशकों से बेकार पड़ी शत्रु संपत्ति को बेचा जा सकेगा.

क्या है शत्रु संपत्ति अधिनियम?

भारत ने छीनी करोड़ों की 'पाकिस्तानी' संपत्ति

तालिबान के साथ वार्ता में शामिल होगा भारत

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Image caption तालिबान लड़ाकों की फ़ाइल तस्वीर

द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने रूस में तालिबान के साथ हो रही वार्ता में शामिल होने के लिए अपने दो अधिकारियों को भेजा है.

काबुल में भारत के पूर्व राजदूत अमर सिन्हा और पाकिस्तान में भारत के पूर्व उच्चायुक्त टीसीए राघवन तालिबान के साथ बातचीत में हिस्सा लेंगे. ये पहली बार है जब तालिबान के साथ किसी तरह की वार्ता में भारत भी शामिल हो रहा है.

पाकिस्तानः तालिबान के 'गॉडफ़ादर' की रावलपिंडी में हत्या

यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद बीजेपी ने नेता को निकाला

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द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक यौन उत्पीड़न के आरोप लगने के बाद उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी के महासचिव संजय कुमार को पद से हटा दिया गया है.

बीजेपी की ही एक महिला कार्यकर्ता ने संजय कुमार पर यौन शोषण करने के आरोप लगाए थे. बीजेपी की उत्तराखंड इकाई ने गुरुवार को संजय कुमार को हटाए जाने की पुष्टि कर दी.

आरोप लगाने वाली महिला का कहना है कि उसने अपने यौन शोषण के बारे में पार्टी के शीर्ष नेताओं को बताया था, लेकिन कोई उसकी शिकायतों को अनसुना कर दिया गया था.

यौन उत्पीड़न पर महिला पत्रकारों की बेख़ौफ़ आवाज़ें

शिवसेना ने कहा औरंगाबाद का नाम बदलो

Image caption महाराष्ट्र के औरंगाबाद का नाम मुग़ल शासक औरंगज़ेब के नाम पर है

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के अहमदाबाद का नाम बदलकर कर्णावती करने के बारे में चर्चा करने का बयान देने के बाद अब महाराष्ट्र में शिवसेना ने औरंगाबाद और उस्मानाबाद का नाम बदलकर शंभाजी नगर और धाराशिव करने की मांग की है.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फ़ैज़ाबाद ज़िले का नाम अयोध्या किया है.

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक शिवसेना के सांसद संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से पूछा है कि सरकार औरंगाबाद और उस्मानाबाद का नाम कब बदल रही है.

नाम बदलने की राजनीति किस ओर इशारा करती है

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