कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया क्यों बोले, 'क्या हिंदू धर्म भाजपा की बपौती है?'

  • 23 नवंबर 2018
ज्योतिरादित्य सिंधिया
Image caption ज्योतिरादित्य सिंधिया

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-बीजेपी के घोषणापत्र में एक बात जो कॉमन है- वो है हिंदुत्व और गाय.

कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में पंचायत स्तर पर गौशाला बनाने का वादा तक किया है.

इस पर पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कुछ दिन पहले कहा था, "जो कांग्रेस केरल में गाय को काटते हुए तस्वीर खिंचवाती है, वो मध्य प्रदेश में गाय की बात कर रही है."

एक चुनावी रैली में उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साथा और पूछा, "क्‍या मध्य प्रदेश और केरल की कांग्रेस अलग-अलग है?"

इधर गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले की ही तरह कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी मध्य प्रदेश के मंदिरों का दौरा करते दिख रहे हैं. ऐसे में सवाल ये है कि क्या कांग्रेस अब सॉफ्ट हिंदुत्व की तरफ़ बढ़ रही है?

मध्य प्रदेश के गुना से सांसद और कांग्रेस के युवा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बीबीसी से ख़ास बातचीत में ऐसे ही कई सवालों का जवाब दिया.

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पढ़िए, ज्योतिरादित्य सिंधिया का पूरा इंटरव्यू

सवाल: घोषणापत्र में गौशाला बनाने की बात हो या फिर 'राम वन गमन पथ'. क्या कांग्रेस सॉफ्ट हिंदुत्व की ओर बढ़ रही है?

जवाब: मुझे हैरानी होती है कि जब लोग हमारे घोषणापत्र के सिर्फ़ एक फ़ीसदी हिस्से पर ध्यान देते हैं. बाकी 99 फ़ीसदी पर भी अगर ध्यान दिया जाता तो अच्छा होता.

जहां हम किसानों, नौजवानों की बात कर रहे हैं. हम अपने घोषणापत्र में महिलाओं की भी बात कर रहे हैं. हम औद्योगीकरण, रोज़गार, महिलाओं की सुरक्षा की बात भी तो कर रहे हैं.

अगर भाजपा हिंदू धर्म या गौशाला की बात करे तो बिलकुल सही माना जाता है. लेकिन अगर कांग्रेस बात करे तो ज़ुल्म है. क्या हिंदू धर्म भाजपा की ही बपौती है? ये सबका है.

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Image caption कांग्रेस नेता कमलनाथ, राहुल गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया

सवाल: आप और राहुल गांधी कई मंदिरों में गए. इससे जुड़ी कुछ तस्वीरें भी फ़ोटोशॉप करके चलाई जा रही हैं. इनमें सचिन पायलट की कुछ तस्वीरें भी हैं जो फ़ोटोशॉप की गई हैं. आप इस तरह की फ़ेक ख़बरों से कैसे निपटेंगे?

जवाब: भाजपा तस्वीरें फ़ोटोशॉप कर के जितना भी वायरल कराए. जनता ने निर्णय ले लिया है कि भाजपा का बोरिया-बिस्तर बांधकर मध्य प्रदेश से रवाना किया जाए.

सवाल: कांग्रेस की दिव्या स्पंदना ने बीबीसी के #BeyondFakeNews कार्यक्रम में बीजेपी के मुक़ाबले पार्टी के पास फंड कम होने की बात कही थी. क्या कांग्रेस के सामने वाकई आर्थिक तंगी के हालात हैं?

जवाब: चुनाव सिर्फ़ पैसों के आधार पर नहीं लड़ा जाता है. चुनाव बोलियों (वायदों) और सिद्धांतों के आधार पर लड़ा जाता है. मायने रखती है तो आपकी कार्यशैली. हां, पैसों की ज़रूरत होती है. लेकिन चुनाव जीतने का एकमात्र ज़रिया पैसा नहीं है. वर्तमान में कांग्रेस के पास जितना फंड है, हम उसी के आधार पर चुनाव लड़ रहे हैं. भारत में इतने बड़े आंदोलन हुए, क्या ये सभी पैसों के आधार पर ही हुआ करते थे? अगर ऐसा होता तो भारत की आज़ादी की लड़ाई में वो गति नहीं आती. भारत भावनात्मक और सिद्धांतों से बना देश है.

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सवाल:प्रदेश मेंकांग्रेस बिना किसी चेहरे के मैदान में है. ऐसे में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता में बैठे शिवराज सिंह चौहान का मुक़ाबला कैसे करेगी?

जवाब: यहां जो भाजपा का चेहरा है, वो अब नहीं चलने वाला, ये कहना ग़लत नहीं होगा. अगर मैं कहूं कि उस चेहरे के आधार पर शायद भाजपा को ख़ामियाज़ा भी भुगतना पड़े. कांग्रेस पार्टी एकजुट होकर काम कर रही है. हम लोग एकता के सूत्र में बंधे हैं. इसी के आधार पर हम लोग चर्चा करके हर फ़ैसला ले रहे हैं और आगे का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं.

सवाल: अगर कांग्रेस चुनाव जीती तो क्या आप मुख्यमंत्री बन सकते हैं?

जवाब: जो ज़िम्मेदारी पार्टी ने मुझे दी है मैं उसे निभा रहा हूं. मैं स्वयं कभी किसी पद या कुर्सी की चाहता नहीं रखता हूं. जो पार्टी तय करेगी, वही मेरे सिर-माथे.

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