कश्मीर में मुठभेड़ में पत्रकार शुजात बुख़ारी हत्या करने वाले की मौत

  • 23 नवंबर 2018
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भारत-प्रशासित कश्मीर के ज़िला अनंतनाग में शुक्रवार तड़के सेना ने छह चरमपंथियों को मारने का दावा किया है. मारे गए चरमपंथियों में आज़ाद मलिक का नाम भी शामिल हैं जिन पर इसी साल वरिष्ठ पत्रकार शुजात बुख़ारी की हत्या का आरोप था.

श्रीनगर से क़रीब 60 किलोमीटर दूर ज़िला अनंतनाग के सुतकीपोरा में शुक्रवार रात को सुरक्षाबलों ने चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान शुरू किया था.

पुलिस का कहना है कि इस इलाके में चरमपंथियों के छुपे होने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने जब उस इलाके को घेरा तो चरमपंथियों ने सुरक्षाबलों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई.

सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में छह चरमपंथियों की मौत हो गई है. पुलिस ने दावा किया कि मारे गए सभी चरमपंथी लश्कर-ए-तैयबा से तालुक रखते थे.

पुलिस ने एक प्रेस रिलीज़ जारी कर कहा है कि इस मुठभेड़ में अनंतनाग के लिए लश्कर कमांडर आज़ाद अहमद मलिक की मौत हो गई है.

इसी साल जून में श्रीनगर में वरिष्ठ पत्रकार और रा​इजिंग कश्मीर के संपादक शुजात बुखारी और उनके सुरक्षाकर्मी की हत्या कर दी गई थी. पुलिस के अनुसार इस घटना को आज़ाद मलिक ने अंजाम दिया था.

पुलिस ने अपने बयान में कहा है मारे गए सभी छह चरमपंथियों के शव बरामद कर लिए गए हैं. पुलिस ने घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद करने का दावा किया है.

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चरमपंथ का गढ़

पुलिस ने बताया है कि चरमपंथी वागामा, सुतकीपोरा की ऊँची पहाड़ी पर एक पनाहगाह में छुपे हुए थे.

श्रीनगर में सेना के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने एक बयान में छह चरमपंथियों के मारे जाने की पुष्टि की है.

मारे गए सभी चरमपंथी स्थानीय हैं और इनमें लश्कर का टॉप कमांडर आज़ाद मलिक भी शामिल है.

दो दिन पहले दक्षिणी कश्मीर के ज़िला शोपियां नदीगाम इलाके में भी सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में चार चरमपंथी मारे गए थे.

चरमपंथियों के मारे जाने के बाद अनंतनाग ज़िले के नदीगाम इलाके में इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया गया था.

दक्षिणी कश्मीर को बीते कुछ सालों से चरमपंथ का गढ़ माना जाता रहा है.

बीते दो वर्षों के दौरान सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में सबसे ज़्यादा चरमपंथी दक्षिणी कश्मीर में ही मारे गए हैं.

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