क्या राहुल गांधी ने कहा, 'भारत को कश्मीर पाकिस्तान को देना चाहिए'

  • 23 नवंबर 2018
राहुल गांधी इमेज कॉपीरइट Reuters

राजस्थान विधानसभा चुनाव जल्द होने वाले हैं और इस चुनाव के माहौल में सोशल मीडिया पर कई बार ऐसी ख़बरें भी फ़ैलाई जाती हैं जो या तो आधी जानकारी के साथ होती है या फ़िर पूरी तरह फ़ेक यानी फर्जी होती हैं.

इन्हीं का पता लगाने के लिए एक ख़ास प्रोजेक्ट शुरु किया गया है, जिसके तहत ऐसी सच्ची-झूठी खबरों का पता लगाया जाएगा. इस प्रोजेक्ट का नाम है 'एकता न्यूज़रूम'.

विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान सोशल मीडिया के ज़रिए कुछ वीडियो और तस्वीरें काफ़ी वायरल हो रहे हैं. इन्हीं की पड़ताल कर सच्चाई का पता लगाने की कोशिश की गई है.

राहुल गांधी ने की कश्मीर पाकिस्तान को देने की बात

राजस्थान में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है. इस पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है, "भारत को कश्मीर पाकिस्तान को देना चाहिए."

शेयर किए जा रहे कुछ पोस्ट में ये भी दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी सत्ता में आएंगे तो पाकिस्तान को 5,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.

एक अन्य पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि 'राहुल गांधी ने ये स्वीकार किया है कि उनके पूर्वज मुसलमान थे'. ये सभी बातें न्यूज़ चैनल एबीपी न्यूज़ के स्क्रीनशॉट के साथ शेयर किए जा रहे हैं.

देखने पर पता चलता है कि इस स्क्रीनशॉट में जो फॉन्ट (अक्षर) और चैनल का लोगो नज़र आ रहा है वो चैनल के असली लोगो से काफ़ी मिलता-जुलता है.

लेकिन हमारी पड़ताल में सामने आया है कि राहुल गांधी के हवाले से कही जा रही ये बात फ़ेक यानी झूठी है. इसके अलावा एबीपी न्यूज़ ने इस तरह के किसी बयान को टेलीविजन पर चलाया है इसके भी कोई सबूत नहीं हैं.

जानकारों का कहना है कि ऐसी सामग्री आने वाले विधानसभा चुनावों को प्रभावित करने के इरादे से फैलाई जा रही है.

कर्नाटक सरकार कर रही है किसानों को गिरफ़्तार

इंटरनेट पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और पुलिस की गिरफ़्त में एक किसान की तस्वीर भी वायरल हो रही है. इस तस्वीर को साझा करते हुए कहा जा रहा है कि ये प्रमाण है कि कांग्रेस किसानों के खिलाफ़ हो रहे अत्याचारों में भागीदार है.

इस तस्वीर के साथ लिखे जा रहे कैप्शन में दावा किया जा रहा है कि कर्नाटक सरकार खेतों से किसानों को गिरफ्तार कर उन्हें घसीटते हुए ले जा रही है .

हमारी पड़ताल में ये तस्वीर फ़ेक साबित हुई है. इस तस्वीर को 2010 में बेंगलूरू के ग्रामीण इलाके डोड्डाबल्लापुरा में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान लिया गया था.

ला विया कैंपेसिना वेबसाइट के मुताबिक 17 नवंबर, 2010 में कर्नाटक राज्य रैयत संघ (केआरआरएस ) ने बीज व्यापारियों के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया था.

तस्वीर में नज़र आ रहे शख्स केआरआरएस का तत्कालीन उपाध्यक्ष वेंकटा रेड्डी हैं.

ये बात सच है कि कुछ किसान संगठनों ने कुमारस्वामी सरकार के ख़िलाफ़ भी प्रदर्शन किए हैं लेकिन अब तक उन्हें खेतों से गिरफ्तार किए जाने या घसीटे जाने के कोई प्रमाण नहीं मिले हैं.

'हिंदूवाद ख़तरनाक है और इसे ख़त्म कर देना चाहिए'

राजस्थान में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस के प्रवक्ता राजीव त्यागी ने बेहद असंवेदशील और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बयान दिया है.

इस वायरल हो रहे मैसेज के मुताबिक राजीव त्यागी ने इस साल मार्च में कहा था कि हिंदू ख़तरनाक हैं और इन्हें ख़त्म कर देना चाहिए.

जब इस तस्वीर की पड़ताल की गई तो पाया गया कि ये राजीव त्यागी के दिसंबर, 2017 के एक वीडियो इंटरव्यू से ली गई तस्वीर है.

तस्वीर पर फ़ोटेशॉप करके टेक्स्ट को अलग से जोड़ा गया है ताकि इस तस्वीर को लोग सच मान लें.

क्या भाषण के दौरान कांग्रेस नेता की पैंट गिरी?

राजस्थान और मध्यप्रदेश में एक वीडियो फैलाया जा रहा है. इस वीडियो क्लिप में दिखाया जा रहा है कि जनसभा को संबोधित करते हुए नेता की पैंट नीचे गिरी जिसे तुरंत उन्होंने संभाल लिया.

वीडियो उत्तराखंड के नेता उमर सिद्दीकी का है और ये घटना पिछले साल की है. लेकिन इस वीडियो को अब मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस के उम्मीदवार का बता कर शेयर किया जा रहा है.

राजस्थान में इस वीडियो को कांग्रेस उम्मीदवार राकेश पारिख का बता कर साझा किया जा रहा है. पारिख ने बीबीसी को बताया कि ये वीडियो देख कर खुद वो हैरान थे.

उन्होंने कहा, "इस वीडियो में मैं नहीं हूं. ये मेरे चुनाव प्रचार को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा है."

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(ये कहानी फ़ेक न्यूज़ से लड़ने के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट 'एकता न्यूज़रूम' का हिस्सा है.)

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