भाजपा नेता का वर्गीज कुरियन पर अमूल के पैसों से धर्मांतरण कराने का आरोपः प्रेस रिव्यू

  • 25 नवंबर 2018
Dileep Sanghani, दिलीप संघानी इमेज कॉपीरइट dileepsanghani.com/BBC
Image caption दिलीप संघानी

गुजरात में नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री रहे भाजपा नेता दिलीप संघानी ने शनिवार को अमरेली में एक कार्यक्रम के दौरान विवादास्पद बयान दिया है.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के मुताबिक भारत में श्वेत क्रांति के जनक कहे जाने वाले वर्गीज कुरियन पर उनके कार्यकाल के दौरान अमूल के पैसे से धर्मांतरण कराने का आरोप लगा है.

कुरियन पर गुजरात में उस मिशनरीज को डोनेशन देने का आरोप लगा है जो धर्मांतरण के काम में लिप्त थीं.

संघानी ने कहा, "जब कुरियन अमूल का नेतृत्व कर रहे थे, तब उन्होंने ईसाई मिशनरीज को डोनेशन दी. आप अमूल के रिकॉर्ड से इस बात का पता लगा सकते हैं और ये मिशनरीज धर्मांतरण के काम में लिप्त थीं."

संघानी ने कहा, "अमूल की शुरुआत त्रिभुवनदास पटेल ने की थी, लेकिन क्या देश में कोई व्यक्ति त्रिभुवनदास पटेल को जानता है? गुजरात के किसानों और मवेशी पालनेवालों ने जो कड़ी मेहनत से पैसा इकट्ठा किया उसे उन्होंने (कुरियन ने) धर्मांतरण के लिए डांग (दक्षिण गुजरात) में दान कर दिया."

भाजपा नेता दिलीप संघानी ने कहा कि जब वह गुजरात सरकार में मंत्री थे तो उनके सामने यह मुद्दा आया था, लेकिन उस वक्त उन्हें चुप रहने की सलाह दी गई, क्योंकि उस वक्त केन्द्र में कांग्रेस की सरकार थी और वह इस मुद्दे को पूरे देश में फ़ैला सकते थे.

जब अख़बार ने गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन लिमिटेड (जीसीएमएमएफ) के प्रबंध निदेशक आरएस सोढ़ी इस बारे में जानना चाहा जो इस वक्त विदेश में हैं तो उन्होंने मैसेज कर जवाब दिया, "मुझे जांच करने दें."

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री जेल मेग्ने बोंडविक

कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से मिले नॉर्व के पूर्व पीएम

नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री जेल मेग्ने बोंडविक ने जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेताओं से मुलाक़ात की है.

इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित इस ख़बर के अनुसार नॉर्वे के पूर्व प्रधानमंत्री बोंडविक ने श्रीनगर में अलगाववादी नेताओं से मुलाक़ात की है.

बोंडविक साल 2005 तक नॉर्वे के प्रधानमंत्री थे और उनके प्रधानमंत्री काल के दौरान नॉर्वे ने श्रीलंका सरकार और एलटीटीई के बीच शांति समझौता करवाया था.

समाचार में बताया गया है कि बोंडविक ने हुर्रियत नेता सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज़ उमर फ़ारुख से मुलाक़ात की.

उमर फ़ारूख ने इस मुलाक़ात के बारे में बताया कि भारत सरकार उन्हें किसी विदेशी मेहमान से मिलने की इजाज़त नहीं देती है इसलिए वे इस मुलाक़ात से हैरत में थे क्योंकि इसकी जानकारी भारत सरकार को भी है.

इमेज कॉपीरइट Reuters

'लड़ने की हिम्मत नहीं, मां को गाली दे रहे'

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव प्रचार में पीएम नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस पर जमकर हमला बोला.

नवभारत टाइम्स में प्रकाशित समाचार के अनुसार कांग्रेस पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के पास मोदी से मुकाबले की ताकत नहीं है इसलिए वह मेरी मां को गाली दे रही है.

मोदी ने कहा, ''वे पिछले 18 सालों से कांग्रेस को चुनौती देते आ रहे हैं लेकिन मुझसे भिड़ने के बजाए मेरी मां को गाली दी जा रही है, मां को बदनाम कर रहे हैं. जिस मां को राजनीति का 'र' नहीं मालूम उस मां को राजनीति में घसीटा जा रहा है.''

पीएम मोदी ने बोफोर्स घोटाले और भोपाल गैस कांड का जिक्र भी किया.

इमेज कॉपीरइट Reuters

सरकार को रिज़र्व बैंक से पैसे की ज़रूरत नहींः जेटली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ़ किया है कि सरकार को राजकोषीय घाटे का तय लक्ष्य पाने के लिए रिजर्व बैंक या किसी दूसरी संस्था से अतिरिक्त धन की ज़रूरत नहीं है.

हिंदुस्तान अखबार में प्रकाशित समाचार के अनुसार जेटली ने कहा कि वे यह नहीं कह रहे कि अगले 6 महीने में हमें कुछ धन दीजिए.

वित्त मंत्री के अनुसार, केंद्र चाहता है कि रिज़र्व बैंक के पूंजीगत ढांचे के मानकों में बदलाव से जो अतिरिक्त फंड निकलता है, उसका इस्तेमाल ग़रीबी उन्मूलन जैसी योजनाओं में आगे की सरकारें खर्च कर सकती हैं.

वित्त मंत्री का यह बयान उस समय पर आया है जब ऐसी चर्चाएं तेज़ हैं कि सरकार की नज़र आरबीआई के 9.6 लाख करोड़ रुपये के आरक्षित कोष पर है और वह आरबीआई से 3.6 लाख करोड़ रुपये की पूंजी मांग रही है.

इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption अजीत डोभाल

शांतिपूर्ण हल के लिए तैयार भारत-चीन

भारत और चीन अपने सीमा विवाद का शांतिपूर्ण समाधान तलाशने के लिए तैयार हो गए हैं.

जनसत्ता में प्रकाशित समाचार के अनुसार चीन के चांगडू शहर में चीन के विदेश मंत्री वांग यी और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक हुई.

इस बैठक में वुहान शिखर सम्मेलन की भावना के अनुरूप हल तलाशने पर सहमति बनी.

ख़बर में बताया गया है कि विदेश मंत्रालय के अनुसार इस वार्ता के बाद अजीत डोभाल ने टिप्पणी की कि दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक मोड़ आया है.

ये भी पढ़ें:

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
कश्मीर में सीआरपीएफ़ की चुनौतियां

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूबपर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार