छत्तीसगढ़: क्या है माओवादियों पर काबू पाने के लिए लॉन्च 'ऑपरेशन प्रहार-4'

  • 26 नवंबर 2018
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छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित सुकमा ज़िले में पुलिस ने एक विशेष अभियान में नौ संदिग्ध माओवादियों के मारे जाने का दावा किया है. मारे जाने वालों में से एक संदिग्ध माओवादी की पहचान ताती भीमा के रूप में की गई है.

पुलिस का कहना है कि ताती भीमा छत्तीसगढ़ में माओवादियों के प्रशिक्षकों के प्रमुख थे.

इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों के दो जवान भी मारे गए हैं.

सुकमा के पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने बताया कि सोमवार की सुबह सुरक्षाबलों की टीम विशेष अभियान 'ऑपरेशन प्रहार-4' के लिए निकली हुई थी, जहां साकलेर के जंगलों में माओवादियों के साथ उनकी मुठभेड़ हुई.

छत्तीसगढ़ में नक्सल मामलों के विशेष पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी के अनुसार, "रविवार को सुकमा ज़िले के एसपी अभिषेक मीणा के नेतृत्व में ऑपरेशन प्रहार-4 लॉन्च किया गया था. इसमें एसटीएफ, सुकमा ज़िले की डीआरजी, सीआरपीएफ़ की कोबरा की टीम, तेलंगाना की स्पेशल टीम और ग्रे हाउंड के 150 जवानों समेत सुरक्षाबलों के लगभग 1200 लोगों ने ऑपरेशन प्रहार में हिस्सा लिया."

अवस्थी ने बताया कि इस विशेष अभियान को सीपीआई माओवादी के बटालियन नंबर-1 के क्षेत्र सालेतोंग, बड़े केडवाल और साकलेर के इलाक़े में चलाया गया था, जहां सुबह डीआरजी की टीम का सामना माओवादियों से हुआ.

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हथियार फेंके जाने की सूचना

डीएम अवस्थी ने दावा किया कि मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से 8 संदिग्ध माओवादियों के शव बरामद किए गए हैं. इसके अलावा एक अन्य स्थल से एक संदिग्ध माओवादी का शव बरामद किया गया.

पुलिस के अनुसार इस मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों को एक तालाब में भारी मात्रा में हथियार फेंके जाने की ख़बर मिली थी. जिसके बाद दोपहर में इस तालाब में तलाशी अभियान शुरू किया गया लेकिन माओवादियों ने फिर से सुरक्षाबलों पर हमला बोला, जिसमें डीआरजी के दो जवान मारे गए. इसके बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी का काम बंद किया.

शाम पांच बजे के आसपास वायु सेना की मदद से सुरक्षाबलों को सुरक्षित स्थान पर लाने की कवायद शुरू की गई. वायु सेना के हेलिकॉप्टर से संदिग्ध माओवादियों के शव भी लाए गए हैं.

पुलिस का कहना है कि मारे गए संदिग्ध माओवादियों में से दो की पहचान कर ली गई है. इनमें से एक सुकमा ज़िले के ही पोलमपल्ली की महिला पोडियम राजे है, जबकि दूसरे संदिग्ध माओवादी के शव की पहचान ताती भीमा के रूप में की गई है.

पुलिस का दावा है कि दोनों माओवादियों पर 8-8 लाख रुपये का ईनाम था.

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माओवादी हिंसा के बढ़े मामले

इस साल माओवादी हिंसा की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है.

राज्य के 28 में से 14 ज़िले माओवादी हिंसा से गंभीर रूप से प्रभावित हैं.

इसी महीने छत्तीसगढ़ विधानसभा के माओवाद प्रभावित इलाकों में पहले चरण के मतदान के दिन 12 नवंबर को बीजापुर के पामेड़ में सुरक्षाबलों ने 5 माओवादियों के मारे जाने का दावा किया था.

हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में इस महीने अब तक 20 माओवादियों समेत 29 लोग मारे गए हैं. इनमें 7 आम नागरिक और सुरक्षाबलों के दो जवान शामिल हैं.

इसी तरह पिछले महीने आठ माओवादियों समेत 21 लोग मारे गए थे. मारे जाने वालों में 3 आम नागरिक और सुरक्षाबलों के 10 जवान शामिल रहे.

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