राजस्थान चुनाव: फ़र्ज़ी है बीबीसी के नाम से शेयर किया जा रहा ओपिनियन पोल

  • 30 नवंबर 2018
बीबीसी

सोशल मीडिया पर राजस्थान विधानसभा चुनावों को लेकर बीबीसी के नाम से एक फ़र्ज़ी ऑपिनियन पोल शेयर किया जा रहा है.

कुछ लोगों ने ऐसे पोस्ट डाले हैं, जिनमें बीबीसी के होम पेज के साथ कांग्रेस और बीजेपी की संभावित सीटों की संख्या लिखी गई है.

कई यूज़र्स ने फ़ेसबुक पर और कुछ ने ट्विटर पर इसी तरीक़े से इस फ़र्ज़ी ओपिनियन पोल को शेयर किया है.

इस फ़र्ज़ी पोस्ट में जून से लेकर आज तक मासिक सर्वे के आधार पर बीजेपी और कांग्रेस की सीटों की संख्या बताई गई है.

इसमें जून में कांग्रेस की सीटें 160+ और बीजेपी की 30 सीटें बताई गई हैं. इसके बाद हर महीने कांग्रेस की सीटों को घटाया गया और बीजेपी की सीटों को बढ़ाया गया है.

आख़िर में कहा गया है, "अगर यह सिलसिला जारी रहा तो 11 दिसंबर को हमें कांग्रेस की 85 और बीजेपी की 110 सीटें देखने को मिल सकती हैं."

इमेज कॉपीरइट SOCIAL media
Image caption सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा फ़र्ज़ी सर्वेक्षण

फ़र्ज़ी है यह पोस्ट

दरअसल सोशल मीडिया पर डाले गए इस तरह के पोस्ट फ़र्ज़ी हैं और बीबीसी ने इस तरह का कोई भी ऑपिनियन पोल या सर्वे नहीं करवाया है.

बीबीसी अपनी नीति के तहत चुनाव से पहले इस तरह के सर्वे नहीं करवाता है. मगर बीबीसी की विश्वसनीयता को भुनाने की कोशिश करते हुए दुष्प्रचार किया जा रहा है.

झूठ को असली जैसा दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर बीबीसी के होमपेज का यूआरएल डालकर पोस्ट में टेक्स्ट वाले हिस्से में ये फ़र्ज़ी आंकड़े लिखे गए हैं.

इससे सोशल मीडिया पर बीबीसी का लोगो और फ़र्ज़ी जानकारी एक ही पोस्ट में एकसाथ नज़र आते हैं.

इमेज कॉपीरइट Getty Images

पहले भी किया गया है फर्ज़ीवाड़ा

अक्सर चुनाव से पहले इस तरह के फ़र्ज़ी मेसेज फ़ेसबुक, ट्विटर और व्हाट्सऐप वगैरह में शेयर किए जाते हैं कि बीबीसी के सर्वे में ये पार्टी जीत रही है.

2017 में उत्तर प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भी इसी तरह का दुष्प्रचार किया गया था.

उस समय भी बीबीसी ने अपना रुख़ स्पष्ट किया था कि न तो बीबीसी चुनावी सर्वेक्षण करवाता है और न ही किसी एक पक्ष की ओर से किए गए सर्वे को प्रकाशित करता है.

बीबीसी के नाम पर शेयर किए जाने वाले फ़र्ज़ी सर्वे का खंडन करने के बावजूद कुछ लोग बीबीसी की विश्वसनीयता का फ़ायदा उठाने के फ़िराक़ में रहते हैं.

2017 के मुंबई नगर निगम चुनावों से लेकर हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान भी इस तरह का झूठ फैलाया गया था.

सच है कि बीबीसी की नीति के तहत चुनावी सर्वेक्षण नहीं किए जाते.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार