सऊदी प्रिंस सलमान सिरफिरे और ख़तरनाक- अमरीकी सीनेटरः आज की पांच बड़ी ख़बरें

  • 5 दिसंबर 2018
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Image caption क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान

अमरीकी सीनेटरों का कहना है कि सीआईए से मिली जानकारी के बाद ये पहले से कहीं अधिक साफ़ हो गया है कि पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या में सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की भूमिका थी.

सीनेटर बॉब कोरकर ने कहा कि इस बात में अब रत्ती भर का भी संदेह नहीं रह गया है कि क्राउन प्रिंस सलमान ने ही पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी की हत्या का आदेश दिया था.

सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने सऊदी प्रिंस को सिरफिरे और ख़तरनाक बताया.

उन्होंने कहा, "मुझे इस बात की पूरी संभावना लगती है कि वो ख़ाशोज्जी की हत्या में बड़े स्तर पर शामिल थे."

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि ख़ाशोज्जी की हत्या के पहले से ही उनका व्यवहार बेहद अजीब था और मैं उन्हें अमरीका के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के तौर पर नहीं देखता."

लिंडसे ग्राहम ने कहा, "मुझे लगता है कि वो एक सिरफिरे और ख़तरनाक व्यक्ति हैं."

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नेशनल हेराल्ड केस को फिर खोलने की मिली मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने आयकर विभाग को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के ख़िलाफ़ नेशनल हेराल्‍ड मामले को एक बार फिर से खोलने की मंजूरी दे दी है.

न्यायमूर्ति एके सीकरी, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी और ऑस्कर फर्नांडीस की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह साफ़ कर दिया कि आयकर विभाग की जांच जारी रहेगी.

अब इस मामले की सुनवाई 8 जनवरी 2019 को होगी.

कांग्रेसी नेताओं के ख़िलाफ़ नेशनल हेराल्ड और यंग इंडिया से जुड़े आयकर जांच का मुद्दा भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने उठाया था. राहुल, सोनिया और फर्नांडीस इस मामले में जमानत पर हैं.

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असम में पंचायत चुनाव का पहला चरण

असम में आज यानी 5 दिसंबर को पंचायत चुनाव में पहले चरण का मतदान होना है. दूसरे चरण में 9 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे.

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार राज्य के 14 महकमों और 26 जिलों में दो चरणों में पंचायत चुनाव करवाए जाएंगे.

इस दौरान बड़े पैमाने पर अशांति और हिंसा की आशंका को देखते हुए एक लाख से अधिक सुरक्षा जवान तैनात किए गए हैं.

लगभग डेढ़ लाख नागरिक कर्मचारी अलग से तैनात हैं, पिछले कुछ समय से राज्य में अल्फा (आई) की गतिविधियों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है.

इस बीच कुछ युवाओं के इस उग्रवादी संगठन में शामिल होने की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई तरह की चिंताएं पैदा कर दी हैं.

राज्य निर्वाचन आयोग की एक जानकारी के अनुसार इस बार पंचायत चुनाव के लिए प्रदेश में एक करोड़ 56 लाख से अधिक मतदाता हैं, जिनके वोटों से ये तय होगा कि वे नागरिकता संशोधन बिल समेत भाजपा सरकार के कामकाज से नाराज़ हैं या खुश.

वोटों की गिनती 12 दिसंबर को होगी.

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उमा भारती नहीं लड़ेंगी लोकसभा चुनाव

भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री उमा भारती ने 2019 के लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का फ़ैसला किया है. चुनाव नहीं लड़ने की बात वो पहले भी कह चुकी हैं लेकिन मंगलवार को उन्होंने कहा कि अगले डेढ़ साल वो राम और गंगा को देना चाहती हैं. हालांकि उन्होंने यह साफ़ किया कि वो राजनीति से संन्यास नहीं ले रही हैं.

उमा भारती ने कहा, "मैं मरते दम तक राजनीति करूंगी, लेकिन डेढ़ साल राम और गंगा के लिए काम करूंगी. इसलिए मैं पार्टी से इसके लिए अनुमति मांगकर 15 जनवरी से गंगा प्रवास करूंगी. डेढ़ साल तक मैं गंगा और राम मंदिर पर ध्यान देना चाहती हूं और इसीलिए मैंने फ़ैसला किया है कि इस बार मैं लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ूंगी."

इससे पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी 2019 के चुनाव नहीं लड़ने का फ़ैसला किया था.

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पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव में भाजपा और जेडीयू

बिहार के पटना विश्वविद्यालय छात्रसंघ के हो रहे चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है.

बुधवार को होने वाले इस चुनाव के लिए 17 स्थानों पर बने 46 मतदान केन्द्र बनाए गए हैं.

मतदान सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक होगा.

मतगणना बुधवार को शाम चार बजे से होगी और इसी देर रात तक परिणाम भी घोषित कर दिए जाएंगे.

पहली बार जेडीयू पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ रही है. पार्टी के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर इस चुनाव में काफी एक्टिव रहे हैं. उधर भारतीय जनता पार्टी भी इन चुनावों में बड़े स्तर पर प्रचार किए हैं.

लिहाजा दोनों ही सत्तारूढ़ पार्टियों के नेता इस चुनाव को अपने लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बना चुके हैं.

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