राहुल गांधी के किसानों की कर्ज़ माफ़ी के वादे से पलटने का सच

  • 14 दिसंबर 2018
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मध्य प्रदेश में कांग्रेस की क़ामयाबी की एक बड़ी वजह पार्टी का किसानों से किया गया एक वादा बताया जा रहा है जिसमें कहा गया था कि पार्टी सत्ता में आने के 10 दिन के भीतर ही किसानों का कर्ज़ माफ़ कर देगी.

पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी एक चुनाव रैली में इस तरह का वादा किया था.

उस सभा में उनके भाषण का एक हिस्सा और उसके साथ नतीजों के बाद उनके प्रेस कॉन्फ़्रेंस का एक अंश कई दक्षिणपंथी सोच वाले सोशल मीडिया यूज़र्स ने अपने ग्रुप्स और फ़ेसबुक पन्नों पर शेयर किया है.

इस वीडियो के ज़रिए ये कहने की कोशिश की जा रही है कि राहुल गांधी किसानों की कर्ज़ माफ़ी के अपने वादे से पलट रहे हैं.

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क्या है इस वायरल वीडियो में

बीबीसी ने पाया कि जिन पन्नों पर ये वीडियो शेयर किए जा रहे हैं उनके लाखों फ़ॉलोअर हैं.

इस क्लिप के पहले हिस्से में राहुल गांधी ये कहते हुए सुने जाते हैं, "मैं आपको भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि कांग्रेस के सत्ता में आने के 10 दिन के भीतर, आपके (किसानों) कर्ज़ माफ़ कर दिए जाएँगे."

कुछ लोगों ने इस वीडियो में राहुल गांधी की मंदसौर (मध्य प्रदेश) की चुनावी रैली का वीडियो इस्तेमाल किया है तो कुछ लोगों ने विदिशा की चुनावी रैली में दिए गए भाषण का एक अंश इस्तेमाल किया है.

वहीं वायरल वीडियो के दूसरे हिस्से में राहुल गांधी कहते दिखते हैं, "मैंने अपने भाषणों में कहा था कि कर्ज़ माफ़ी एक मदद करने का रास्ता है, मगर ये समाधान नहीं है. समाधान जटिल है - इसमें उनकी मदद करना भी शामिल है."

अगर आप उनके दो बयानों को साथ देखें, तो इससे बिल्कुल ऐसा लगता है कि राहुल गांधी अपनी कही बात से पलट रहे हैं.

पर ये सच नहीं है.

बीबीसी की पड़ताल

उनके दोनों बयानों को बड़ी चालाकी से काटा गया है और इस तरह साथ में जोड़ा गया है जिससे ऐसा लगता है कि वो वाक़ई यू-टर्न ले रहे हैं.

मगर उनकी प्रेस कॉन्फ़्रेंस का पूरा वीडियो देखने पर पता चलता है कि वायरल हो रहे इस वीडियो में उनके शब्दों को संदर्भ से अलग रख पेश किया जा रहा है.

इसमें एक रिपोर्टर ने उनसे पूछा कि क्या 2019 के आम चुनावों में कर्ज़ माफ़ी कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा होगा?

और इसके जवाब में राहुल गांधी ने ये कहा था, "मैंने अपने भाषणों में कहा था कि कर्ज़ माफ़ी एक सपोर्टिंग स्टेप है, कर्ज़ माफ़ी सॉल्यूशन नहीं है. सॉल्यूशन ज़्यादा कॉम्प्लेक्स होगा. सॉल्यूशन किसानों को सपोर्ट करने का होगा, इंफ़्रास्ट्रक्चर बनाने का होगा और टेक्नोलॉजी देने का होगा और सॉल्यूशन फ़्रैंकली मैं बोलूँ तो सॉल्यूशन आसान नहीं है. सॉल्यूशन चैलेंजिंग चीज़ है, और हम उसको करके दिखाएँगे. पर सॉल्यूशन आसान नहीं है, सॉल्यूशन चैलेंजिंग है, और हम उसको करके दिखाएँगे."

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Image caption दिल्ली में किसानों की रैली

किसानों का मुद्दा

राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़, तीनों ही राज्यों के विधानसभा चुनावों में किसानों की समस्या एक बहुत बड़ा मुद्दा रही थी.

नवंबर में हज़ारों किसानों ने बेहतर कीमतों और कर्ज़ माफ़ी को लेकर दिल्ली तक यात्रा की थी.

किसानों की नाराज़गी का मुद्दा नरेंद्र मोदी सरकार के लिए चिंता की बात रहा है.

जानकारों का कहना है अगर किसान बीजेपी से इसी तरह नाराज़ रहे, तो आम चुनावों में भी पार्टी को परेशानी हो सकती है.

ऐसे में इस छेड़छाड़ किए गए वीडियो को इस तरह भी देखा जा सकता है कि ये किसानों के मुद्दे पर राहुल गांधी को बदनाम करने की एक कोशिश है.

वैसे अब ये देखना दिलचस्प है कि मध्य प्रदेश में सरकार बनाने के 10 दिन के भीतर कांग्रेस किसानों का कर्ज़ माफ़ करती है कि नहीं.

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