राजस्थान में भी मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की तर्ज़ पर किसानों का क़र्ज़ माफ़

  • 20 दिसंबर 2018
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राजस्थान में नई बनी कांग्रेस सरकार ने किसानों का दो लाख रुपये तक का क़र्ज़ माफ़ कर दिया है.

इससे राज्य के ख़ज़ाने पर 18 हजार करोड़ रुपये का भार आएगा. कांग्रेस सरकार का आरोप है कि पिछली बीजेपी सरकार ने क़र्ज़ माफ़ी का दिखावा किया और किसानों को उनके हाल पर छोड़ दिया.

क़र्ज़ माफ़ी पर बीजेपी ने कहा है कि यह क़दम ठीक है मगर यह कोई स्थाई समाधान नहीं है.

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गहलोत का बीजेपी पर आरोप

राज्य में हाल में सपंन्न विधानसभा चुनावों में यह एक बड़ा मुद्दा था. कांग्रेस ने पहले इसे अपनी चुनावी सभाओं और फिर घोषणा पत्र में जगह दी थी. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने एक सभा में ऐलान किया था कि कांग्रेस के सत्ता में आने के पहले दस दिन में क़र्ज़ माफ़ कर दिए जायेंगे.

अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को इसकी घोषणा की. गहलोत ने अधिकारियों के साथ बैठक के बाद मीडिया से कहा, "सरकार ने सहकारी, राष्ट्रीय और वाणिज्यक बैंको के दो लाख तक के फसली ऋण माफ़ करने का निर्णय लिया है."

कभी कुदरत की मार पड़ी और कभी मंडी बाज़ार में किसान को फसल का वाजिब मोल नहीं मिला. राज्य में ऐसे अनेक किसान हैं जो क़र्ज़ के बोझ तले दबे है. इसके पहले बीजेपी सरकार ने भी क़र्ज़ माफ़ी की घोषणा की थी.

मगर अब मुख्यमंत्री गहलोत कहते हैं, "बीजेपी सरकार ने क़र्ज़ माफ़ी में महज़ दो हज़ार करोड़ रुपये दिए जबकि वादा आठ हजार करोड़ का था. नई सरकार ऋण में बकाया छोड़ दिए गए छह हज़ार करोड़ रुपये का भार भी उठाएगी."

गहलोत ने कहा, "पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार के राज में किसानों की ख़ुदकुशी के मामले सामने आते रहे हैं. राजस्थान में ऐसा कभी नहीं हुआ. मुख्यमंत्री ने कहा कांग्रेस सरकार अब अपने चुनावी वादे को पूरा कर रही है."

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क़र्ज़ माफ़ी से कांग्रेस को लाभ?

इस मरुस्थली भूभाग में सूखा और प्रकृति की निष्ठुरता कोई नयी बात नहीं है. लेकिन कभी किसान ने हालात के आगे हिम्मत नहीं हारी. पर हाल के वर्षो में भरपूर फसल होने के बावजूद किसानों की कथित आत्महत्या के मामले सामने आने पर चौतरफ़ा चिंता व्यक्त की गई.

बीजेपी विधायक और प्रवक्ता सतीश पुनिया ख़ुद भी एक किसान हैं. वह कहते हैं कि इस घोषणा का कांग्रेस को कुछ लाभ भी होगा मगर यह समस्या का कोई मुकम्मल इलाज नहीं है.

पुनिया कहते हैं, "कांग्रेस का यह चुनावी वादा है, उसे इसका लाभ मिल सकता है हम इसका स्वागत करते हैं मगर हमें कृषि संकट का स्थाई समाधान खोजना होगा."

राजस्थान में कहीं गंदुम और बाजरे के खेत होते हैं तो कहीं सरसों से सरसब्ज़ धरती, मगर किसान जब भी अपनी उपज के साथ मंडी गया, उदास ही लौटा. शायद अब उसे सूद, ब्याज़ और कर्ज़ से कुछ राहत मिले.

छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश में किसानों का क़र्ज़ माफ़ करने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने गांधी ने ट्वीट किया था. राजस्थान में क़र्ज़ माफ़ी के बाद भी उन्होंने ट्वीट किया है.

उन्होंने ट्वीट में लिखा कि उन्होंने 10 दिनों में किसानों की क़र्ज़ माफ़ी की बात की थी लेकिन यह सिर्फ़ दो दिनों में करके दिखाया गया है.

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