सुपर 30 के आनंद कुमार के भाई प्रणव कुमार पर हमला हुआ या हादसा?

  • नीरज प्रियदर्शी
  • पटना से, बीबीसी हिंदी के लिए
आनंद कुमार

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सुपर 30 के संचालक गणितज्ञ आनंद कुमार की बायोपिक 25 जनवरी को रिलीज़ होनी है.

फ़िल्म प्रमोशन से जुड़ी चीज़ें बिहार में आनंद कुमार के भाई प्रणव कुमार संभाल रहे थे. लेकिन इन सब के बीच प्रणव कुमार एक 'सड़क हादसे' का शिकार होने के बाद अब यारपुर इलाके के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं.

आनंद कुमार ने बीबीसी हिंदी को बताया, "एक साज़िश के तहत मेरे भाई को हाइवा (ट्रक) से कुचलने की कोशिश की गई. बाइक से जा रहे प्रणव को हाइवा 12-14 फीट तक घसीटते हुए ले गया. ईश्वर की कृपा थी कि उसकी जान बच गई. वरना तो वो लोग मारने की सोच कर आए थे."

पटना के जक्कनपुर थाने में आनंद कुमार ने एफ़आईआर दर्ज करवाई है.

एफ़आईआर में दर्ज प्रणव के बयान के मुताबिक़, ''टक्कर के बाद ज़ख्मी हालत में जब उन्होंने भाग रहे हाइवा की तस्वीर लेनी चाही तो अचानक चार-पांच लड़कों ने उन्हें तस्वीर लेने से रोका. जैसे ही हाइवा नजरों से ओझल हुई, वो लड़के भी अचानक गायब हो गए."

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प्रणव कुमार

पुलिस, डॉक्टरों ने क्या कहा?

डॉक्टरों के मुताबिक़, गंभीर रूप से ज़ख्मी प्रणव का दाहिना पैर बुरी तरह फ्रैक्चर है. हालांकि वो अब खतरे से बाहर हैं.

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. जक्कनपुर पुलिस के मुताबिक़, ''पहली नज़र में यह सड़क हादसे जैसा प्रतीत हो रहा है. लेकिन, एफआईआर में दिए अपने बयान में प्रणव ने विद्यानंद नाम के एक व्यक्ति का ज़िक्र करते हुए यह कहा है कि जिन लड़कों ने उन्हें फोटो खींचने से रोका था, उनमें से एक को वह पहचानते हैं जिसे उन्होंने कई बार विद्यानंद के साथ देखा है.''

विद्यानंद आनंद कुमार के कुम्हरार स्थित कोचिंग क्लास के सामने ही एक होस्टल चलाते हैं.

शुरुआत में सड़क दुर्घटना जैसा लग रहा मामला अब पुलिस के लिए पेचीदा बन गया है. पुलिस अब उस शख्स की तलाश में है, जिसका जिक्र एफ़आईआर में है.

जक्कनपुर थाना प्रभारी ने बताया, ''पहले हम लोग उस आदमी तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं जिसके बारे में प्रणव ने कहा है. सारे पहलुओं पर जांच के बाद ही ये कहा जा सकता है कि ये रोड एक्सिडेंट नहीं था. फिलहाल यह मामला रोड एक्सिडेंट के रूप में दर्ज है.''

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आनंद की पत्नी ऋतु रश्मि, ख़ुद आनंद कुमार, आनंद की मां, आनंद के भाई प्रणव कुमार और उनकी पत्नी

आनंद कुमार का क्या कहना है?

प्रणव पर ये कथित हमला ऐसे वक़्त में हुआ है, जब सुपर 30 बैच में पढ़ने वाले छात्रों की परीक्षा क़रीब है. दूसरा विकास बहल की बनाई फ़िल्म, जिसमें रितिक रोशन आनंद की भूमिका में हैं, जल्द रिलीज़ होने वाली है.

आनंद कहते हैं, "वही भाई ही तो मेरा संबल है. काम का तो छोड़ ही दीजिए, मानसिक रूप से भी आघात पहुंचा है. अभी तक लोगों को मुझसे दुश्मनी थी, मुझे टारगेट करते थे, अब भाई को निशाना बनाया जा रहा है. तीन महीने तक वह चल भी नहीं पाएगा. बच्चों के नोट्स तैयार करवाने से लेकर सारा कुछ तो वही करता है. अब पढ़ाने के सिवा और भी तमाम जिम्मेदारियां मुझे खुद उठानी होंगी."

आनंद इसे सड़क दुर्घटना मानने से साफ इंकार करते हैं.

वो कहते हैं, "सड़क दुर्घटना के समय आस-पास जो लोग मौजूद होते हैं वो ज़ख्मी की मदद करते हैं, मगर यहां भाई को तो पहले फोटो खींचने से रोक दिया और फिर जस का तस छोड़ कर भाग गए. ये सब कुछ एक साजिश के तहत हो रहा है. मैं नाम नहीं लूंगा. सब जानते हैं. पहले मेरे एक स्टाफ को फंसाया गया. वो दो महीने जेल में रहा. और अब वो यहां तक गिर गए कि हम लोगों पर व्यक्तिगत हमले कर रहे हैं."

हमने जब प्रणव से बात की तो एक नई जानकारी मिली. वो ये कि जिस विद्यानंद का ज़िक्र एफ़आईआर में है, उसके खिलाफ पहले भी उन्होंने कई बार शिकायतें की हैं.

प्रणव ने आरोप लगाया, ''विद्यानंद पहले भी हमारे ख़िलाफ़ बोलते रहे हैं. भैया ने उससे ये सब नहीं करने का कई बार आग्रह किया था. हमने कई बार इसकी सूचना पुलिस को दी है. लेकिन मालूम नहीं पुलिस ने इसे लेकर अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की"

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विद्यानंद का विश्वास गुरुकुल

क्या वाक़ई हुई कोई साज़िश?

आनंद कुमार बार-बार इसे साजिश बताते हैं.

मगर ये साजिश किसकी है? इसके जवाब में किसी का नाम लिए बगैर पुराने विवादों को गिनाने लगते हैं. जब उन पर सुपर 30 के रिजल्ट में फर्जीवाड़ा करने समेत कई तरह के आरोप लगे थे.

वो कहते हैं, "क्या हुआ उन आरोपों का. मेरे जिस स्टाफ को फंसाया गया, वो भी अब जेल से बाहर आ गया है. थोड़ा इंतज़ार कीजिए. हमने पुलिस से निष्पक्ष जांच का आग्रह किया है और अगर ऐसा हुआ तो वो लोग भी सामने आ जाएंगे."

प्रणव के साथ यह घटना शुक्रवार की शाम को घटी थी, लेकिन रिपोर्ट सोमवार को दर्ज कराई गई. ऐसा क्यों?

आनंद कहते हैं, ''पहले हमने बेहतर इलाज की व्यवस्था की. फिर अपने स्तर से पता लगाने की कोशिश भी की. इसी बीच भाई की सर्जरी होने लगी. और बिना उसके बयान के रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकती था."

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एक छात्र के साथ विद्यानंद

कौन हैं विद्यानंद?

विद्यानंद वही हैं जिन्होंने पहली बार आनंद के सुपर 30 पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया था.

प्रणव कहते हैं, "नया टोला, कुम्हरार स्थित रामानुजम क्लासेज के ठीक सामने वह होस्टल चलाता है और संस्थान में आने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों से हमारे संस्थान के बारे में भला-बुरा कहता है."

हमने विद्यानंद का पक्ष जानने की भी कोशिश की.

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''सीढ़ियों से गिरे प्रणव''

अपने कमरे में किताबों के बीच बैठे विद्यानंद कहते हैं, "शायद आपको मालूम नहीं हो, मगर हम वही विद्यानंद हैं जिसने आनंद कुमार और उनके सुपर 30 के फर्जीवाड़े को पहली बार एक्सपोज किया था. एक वक्त था जब साल 2013 में मैं उनके साथ काम किया करता था. उसके पहले भी उनका छात्र रह चुका हूं. सांस्थानिक गड़बड़ियों और छात्रों की दूसरी समस्याओं को लेकर जब मैंने आनंद सर को आगाह किया तो वे मुझे अपना दुश्मन समझ बैठे. तब से मुझे टारगेट कर रहे हैं."

विद्यानंद ने आनंद से अलग होने की वजह का ज़िक्र करते हुए कहा, " एक बार जब अख़बार में ये ख़बर छपी कि आनंद कुमार सुपर 30 के बच्चों का नाम बताने से इन्कार कर रहे हैं तो मैंने बस उनसे यही कहा था कि सर नाम बता दिया जाए. लेकिन वो किसी भी कीमत पर नाम बताने को तैयार नहीं थे. मुझे छात्रों के साथ ये फर्जीवाड़ा किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं था."

प्रणव और आनंद के आरोपों पर विद्यानंद कहते हैं, "मेरे ख़याल से उनका कोई एक्सीडेंट नहीं हुआ. मुझे जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार वह अपने घर में सीढ़ियों से गिरे हैं जिससे उनके एड़ी में चोट आई है. यक़ीन नहीं तो आप उनका फेसबुक पोस्ट देख सकते हैं जिसमें उन्होंने अपने भाई पर हमले का ज़िक्र किया है. उस पोस्ट के साथ लगाई गई तस्वीर में साफ दिख रहा है प्रणव के शरीर के किसी भी हिस्से पर पैर को छोड़कर चोट के निशान नहीं हैं. हाइवा जिस इंसान को बारह फीट तक घसीटेगी वो वैसा दिखेगा. मुझे तो आश्चर्य हो रहा है. दरअसल अब उन्हें मेरे हॉस्टल से दिक्कत हो रही है. ये हॉस्टल इसी साल से मैंने शुरू किया है. यही बात उनको अखर रही है."

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आनंद कुमार ने फेसबुक पर शेयर की थी प्रणव की तस्वीर

क्या पुलिस ने विद्यानंद से कोई पूछताछ की?

विद्यानंद कहते हैं, "पुलिस को भी पता है. इसके पहले भी वो मुझे दो बार झूठे मुकदमे में फंसा चुके हैं. हालांकि इस बार तो अभी तक कोई पूछताछ नहीं हुई है, लेकिन जब पुलिस हमसे पूछेगी तो उसको भी यही जवाब देंगे."

छात्रों को बरगलाने के आरोप पर विद्यानंद कहते हैं, "अच्छा ये बताइए कि हमको इससे क्या फायदा होगा. अगर उनके यहां छात्र पढ़ेंगे तो मेरे ही होस्टल में रहेंगे. मेरा ही फ़ायदा होगा. इतने सारे विवाद होने के कारण मुझे महीने के लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है. ये जो बच्चे आप हमारे यहां देख रहे हैं. ये उन्हीं के यहां पढ़ते हैं. किसी से भी आप पूछ सकते हैं."

बीबीसी से बातचीत में पटना के एसएसपी मनु महाराज ने कहा है, "जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके साथ आनंद कुमार का पहले से विवाद चल रहा था. अगर आनंद और उनके भाई प्रणव के आरोप सही हैं तो जांच में सब कुछ निकलकर आ जाएगा."

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