ट्रंप, पुतिन, ख़ाशोज्जी समेत राहुल, प्रिया, पृथ्वी भी रहे साल 2018 के चर्चित चेहरे

  • 29 दिसंबर 2018
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1989-1993 तक अमरीका के राष्ट्रपति रहे जॉर्ज डब्ल्यू बुश, भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, साहित्य का नोबेल पुरस्कार पाने वाले वी.एस. नायपॉल, पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्ता असमा जहाँगीर, संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान, ब्लैक होल और बिग बैंग थ्योरी समझने में अहम योगदान देने वाले वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग समेत कई ऐसे शख्सियतों की 2018 में दुनिया से विदाई हो गई जिनकी वजह से मानवजाती ने कुछ बड़े बदलाव देखे.

लेकिन एक मौत ने पूरी दुनिया में भूचाल सा मचा दिया है. ये शख्स हैं पत्रकार जमाल ख़ाशोज्जी, जिनकी 2 अक्तूबर को तुर्की के इस्तांबुल में सऊदी वाणिज्य दूतावास में हत्या कर दी गई थी.

कई संकेत मिले कि यह हत्या सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस सलमान के इशारे पर की गई है.

इसकी वजह से जहां एक ओर अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर सऊदी अरब से दूरी बनाने का दबाव बना वहीं दूसरी तरफ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन प्रिंस सलमान के साथ गर्मजोशी से मिलते देखे गए और कयास ये लगाया गया कि सऊदी अरब रूस के क़रीब जा रहा है.

यानी ख़ाशोज्जी की हत्या की वजह से दुनिया के दो बड़े देश एक बार फिर वर्चस्व की लड़ाई में आमने सामने से दिखे.

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डोनल्ड ट्रंप

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पूरे साल कई कारणों से चर्चा में रहे लेकिन इस साल उन्होंने उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग के साथ जो शिखर वार्ता की उसकी चर्चा दुनिया भर में रही और इस बातचीत के बाद किम की आक्रमकता में भी कमी देखी गई.

किम जोंग उन क़रीब दो सालों से लगातार मिसाइलों के परीक्षण का दावा कर रहे थे, ख़ासकर वो बैलिस्टिक मिसाइलें जो अमरीकी सरज़मीं तक पहुंचने की क्षमता रखती हों और जिनमें परमाणु बम को ले जाने की क्षमता हो.

जून में दोनों नेताओं के बीच शिखर वार्ता हुई जिसके बाद उत्तर कोरिया में सितंबर में आयोजित 70वें स्थापना दिवस परेड में मिसाइलें नहीं दिखीं और न ही किम जोंग-उन ने इस मौके पर कोई भाषण दिया.

जून में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई राष्ट्रपति किम जोंग-उन ने कोरियाई प्रायद्वीप में परमाणु नि:शस्त्रीकरण पर काम करने की बात की थी. हालांकि इस बारे में कोई डेडलाइन या डिटेल नहीं मिली थी.

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व्लादिमीर पुतिन

धरती की आबादी क़रीब 7.5 अरब है और इनमें से हर साल फोर्ब्स कुछ ऐसे लोगों को चुनता है जो इस दुनिया में कुछ बड़े बदलाव का कारण बनते हैं.

ऐसे ही 75 महिलाओं और पुरुषों की सूची में 2018 में ही नहीं, बल्कि पिछले तीन सालों से व्लादिमीर पुतिन शीर्ष पर रह रहे हैं.

फोर्ब्स ने पुतिन को दुनिया के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों की सूची में टॉप पर रखा है.

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राहुल गांधी

2018 में भारतीय राजनीति में जिस एक नाम की चर्चा सबसे अधिक हुई वो हैं राहुल गांधी.

पिछले चार सालों से भारतीय राजनीति में एक ही नाम गूंज रहा था और वो था नरेंद्र मोदी और उनके एक नारे का 'कांग्रेस मुक्त भारत' लेकिन साल 2018 में हुए विधानसभा चुनावों में के बाद तीन अहम हिंदी प्रदेशों मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जीत दर्ज कर कांग्रेस सरकार के गठन की वजह से राहुल गांधी ने पार्टी में जान फूंक दी.

इन परिणामों से यह तो साफ़ दिखने लगा है कि 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी का जो जनाधार था उसमें निश्चित ही कमी आई है. जानकारों की मानें तो इसकी वजह से 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव बेहद दिलचस्प होने के आसार हैं.

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इमरान ख़ान

भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में अगस्त के महीने में इमरान ख़ान प्रधानमंत्री बने. 25 जुलाई को हुए चुनाव में पीटीआई पाकिस्तान की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी हालांकि अपने दम पर सरकार बनाने में यह कुछ सीटों से चूक गई हालांकि बाद में उन्होंने बहुमत साबित कर दिया.

पाकिस्तान की संसद में 173 बहुमत का आंकड़ा होता है और संसद में हुई वोटिंग में इमरान ख़ान को इससे तीन अधिक यानी 176 वोट मिले.

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रेहाम ख़ान की नज़रों में इमरान ख़ान

इमरान ऐसे वक्त में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री बने जब देश का ख़ज़ाना लगभग ख़ाली था और मुल्क की अर्थव्यवस्था कई तरह के संकटों में बुरी तरह से फँसी हुई थी. ख़स्ताहाल अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए इमरान लगातार कोशिशें करते दिखे.

इसके अलावा इमरान के पाकिस्तान की सत्ता में आने से भारत के साथ उसके संबंधों में सुधार की उम्मीदें की जा रही थी. इमरान इस ओर भी एक कदम आगे बढ़े. उन्होंने गुरु नानक देव जी के जीवन से जुड़े करतारपुर साहिब के गुरुद्वारे से एक कॉरिडोर बनाने का शिलान्यास किया.

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नवजोत सिंह सिद्धू

भारत और पाकिस्तान के तल्ख रिश्तों के बीच नवजोत सिंह सिद्धू दोस्ती का पैगाम लेकर इमरान ख़ान के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पाकिस्तान गए. लेकिन इस यात्रा पर बाद में भारत में उनकी खिंचाई हुई.

नवजोत सिंह सिद्धू की इस खिंचाई पर इमरान ख़ान ने पूछा, "सिद्धू कौन सा जुर्म कर रहा है. वो उन दो मुल्कों के बीच दोस्ती की बात कर रहा है, जिनके पास एटमी हथियार हैं. इन दोनों देशों के बीच जंग तो हो नहीं सकती तो फिर साथ आगे बढ़ें."

उन्होंने यहां तक कहा कि, "सिद्धू आप पाकिस्तान में आकर चुनाव लड़ लें, जीत जाएंगे, खास कर पंजाब में."

इमरान के निमंत्रण पर सिद्धू करतापुर साहिब कॉरिडोर के शिलान्यास के मौके पर भी पहुंचे.

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तनुश्री दत्ता

बॉलीवुड अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन शोषण का आरोप लगाया जिसे सोशल मीडिया पर लोगों ने भारत का #MeToo अभियान बताया.

यह पहली बार हुआ जब किसी बॉलीवुड अभिनेत्री ने प्रेस में आकर यौन शोषण के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई.

तनुश्री दत्ता के मुताबिक़, फ़िल्म 'हॉर्न ओके प्लीज़' के दौरान नाना पाटेकर ने उनसे बदसलूकी की थी.

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मिताली राज

भारत की बहुचर्चित महिला क्रिकेट खिलाड़ी मिताली राज को टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफ़ाइनल में अंतिम एकादश से बाहर रखा गया.

भारतीय टीम 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और 19.2 ओवर में महज़ 112 रनों पर सिमट गई. जिसके बाद इंग्लैंड ने भारतीय टीम को करारी शिकस्त दी.

मिताली को टीम से बाहर रखे जाने के टीम मैनेजमेंट के फ़ैसले की कड़ी आलोचना हुई.

बाद में मिताली राज ने बीसीसीआई को पत्र लिखकर कोच रमेश पोवार पर कई आरोप लगाए. इसके बाद कोच पोवार का कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू नहीं किया गया और उनकी जगह पर डब्ल्यू वी रमन को टीम का कोच नियुक्त किया गया.

कृष्णा कुमारी

पाकिस्तान के आम चुनाव में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की तरफ से जीत कर आईं एक हिंदू सांसद कृष्णा कुमारी को बीबीसी ने दुनिया की 100 प्रभावशाली महिलाओं की सूची में रखा.

कृष्णा पाकिस्तान में मानवाधिकारों के लिए आवाज़ उठाने के लिए जानी जाती हैं. वह पाकिस्तान में हिंदू दलित समुदाय की पहली महिला सीनेटर हैं.

उन्होंने पाकिस्तान में बंधुआ मजदूरों और महिलाओं की समस्याओं पर वर्षों संघर्ष किया है. कृष्णा और उनके परिवार ने तीन साल तक खुद भी बंधुआ मजदूरी की है. वो पुलिस कार्रवाई में मुक्त कराई गई थीं.

डोना स्ट्रिकलैंड

साल 2018 में डोना स्ट्रिकलैंड भौतिकी के क्षेत्र में 55 साल बाद नोबेल पुरस्कार जीतने वाली महिला बनीं.

कनाडा की डोना स्ट्रिकलैंड भौतिकी के क्षेत्र में यह अवॉर्ड जीतने वाली केवल तीसरी महिला हैं. उनसे पहले मैरी क्यूरी को 1903 और मारिया गोपर्ट-मेयर को 1963 में भौतिकी का नोबेल मिला था.

स्ट्रिकलैंड ने पुरस्कार को अमरीका के अर्थर अश्किन और फ़्रांस के जेरार्ड मरू के साथ साझा किया.

उन्होंने एक ऐसी लेज़र तकनीक विकसित की जो जीव विज्ञान से जुड़ी प्रणालियों के अध्ययन में इस्तेमाल की जा रही है.

उन्होंने बेहद छोटी मगर तेज़ लेज़र पल्स बनाने में योगदान दिया.

उन्होंने चर्प्ड पल्स एंप्लिफ़िकेशन (सीपीए) नाम की तकनीक विकसित की जिसका इस्तेमाल कैंसर के इलाज और आंखों की सर्जरी में होता है.

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पृथ्वी शॉ

19 वर्षीय पृथ्वी शॉ के पहले टेस्ट मैच में उतरने से पहले ही उनकी ख़ासी चर्चा हो रही थी और उन्होंने अपनी पहली ही टेस्ट पारी में दिखा दिया कि वो चर्चा यूं ही नहीं थी.

राजकोट में वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ भारत के 293वें टेस्ट क्रिकेटर बने पृथ्वी शॉ ने अपनी पहली ही पारी में टेस्ट शतक जड़ दिया.

पृथ्वी शॉ, पहले टेस्ट में शतक जड़ने वाले भारत के 15वें क्रिकेटर हैं. शॉ के नाम स्कूल क्रिकेट में 546 रन की पारी का रिकॉर्ड है.

वे मुंबई की अंडर-16 टीम की कप्तानी कर चुके हैं और बतौर कप्तान भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप भी दिला चुके हैं. इसके साथ ही शॉ आईपीएल के इतिहास के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी भी हैं.

कम उम्र में बड़ी उपलब्धि और भरपूर टैलेंट के चलते उनसे बड़ी उपलब्धियां अर्जित करने की उम्मीद है.

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प्रिया प्रकाश वारियर

एक वीडियो में अपनी अदाओं से देश-दुनिया में छा जाने वाली भारतीय अभिनेत्री प्रिया प्रकाश वारियर भारत में रातोंरात चर्चित हो गई.

प्रिया को आंख मारने वाले उनके वीडियो के लिए गूगल पर खूब सर्च किया गया.

मीडिया ने भी उन्हें हाथों हाथ लिया और उनकी तस्वीरें और उनसे जुड़े कई ख़बरें की गईं. वो लगातार कई दिनों तक टॉप ट्रेंड में बनी रहीं.

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प्रिया वारियर ने बताया 'कैसे मिली कामयाबी'

उनके इंटरव्यू लिए गए. ऐसे ही एक इंटरव्यू में प्रिया वारियर ने बीबीसी को बताया कि वायरल हुआ उनका वीडियो कैसे हिट हुआ.

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