नए साल में टीवी चैनल देखने का ख़र्च घटेगा या बढ़ेगा?

  • 28 दिसंबर 2018
ट्राई, केबल ऑपरेटर, टीवी चैनल, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया इमेज कॉपीरइट Getty Images

ट्राई ने देश भर के टेलीविजन ग्राहकों को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि नए टैरिफ़ लागू करने की वजह से टीवी सेवाएं बाधित नहीं होंगी.

टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (ट्राई) ने 26 दिसंबर को मल्टी सर्विस ऑपरेटर्स और लोकल केबल ऑपरेटर्स को नया टैरिफ़ सिस्टम लागू करने का आदेश दिया, जिसे 29 दिसंबर से लागू किया जाना है.

ट्राई ने टेलीविज़न चैनल्स उपभोक्ताओं की सुविधा के मद्देनज़र यह स्पष्ट किया है कि ग्राहक जो भी चैनल अभी देख रहे हैं उन्हें 29 दिसंबर की तारीख़ से उनकी लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा.

ट्राई ने इस नई नियामक व्यवस्था के तहत आपरेटर्स से ग्राहकों के चॉइस को जानने के लिए 31 जनवरी तक का वक्त दिया है. ग्राहकों को 1 फ़रवरी 2019 से इस सुविधा का लाभ मिलेगा.

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क्या है पूरा मामला?

दरअसल, ट्राई ने 21 दिसंबर को टेलीकॉम कमर्शल कम्युनिकेशन कस्टमर प्रेफरेंस (संशोधन) अधिनियम 2018 जारी किया था.

इसके बाद सोशल मीडिया पर यह मैसेज वायरल हो गया कि 29 दिसंबर 2018 से वर्तमान टीवी ग्राहकों की सभी सेवाएं बाधित हो जाएंगी. इसके बाद ही ट्राई ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर ग्राहकों को यह स्पष्ट किया है कि टीवी सेवाएं बाधित नहीं होंगी.

नए नियमों के तहत ग्राहक अपनी पसंद के चैनल चुन सकेंगे और इसके लिए उन्हें केवल उन्हीं चैनलों के लिए पैसे ख़र्च करने होंगे जो उन्होंने सब्सक्राइब किये हैं.

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ट्राई की इस व्यवस्था में क्या है?

अब ग्राहकों के पास इन ऑपरेटर्स को इलेक्ट्रानिक प्रोग्राम गाइड देना होगा जिस पर हर चैनल की क़ीमत लिखी होगी. ग्राहक इनमें से अपना पसंदीदा चैनल चुन सकेंगे और साथ पैसे भी उन्हें उतने ही चैनल्स के चुकाने होंगे.

ट्राई ने आपरेटर्स की सेवाओं का इस्तेमाल करने के लिए एक नेटवर्क क्षमता शुल्क 130 रुपये + जीएसटी रखा है. यह ग्राहकों को दिये जाने वाले 100 चैनल्स का शुल्क है.

इन 100 चैनल्स में टीवी ऑपरेटर्स को प्रसार भारती के 24 चैनल्स को अनिवार्य रूप से रखना होगा.

ग्राहक इसके बाद फ़्री-टू-एयर या पे-चैनल चुन सकते हैं. फ़्री-टू-एयर के लिए उन्हें कोई अतिरिक्त पैसे नहीं देने होंगे. पे-चैनल के मामले में ग्राहकों को अपने चुने गए चैनल्स के पैसे अलग से देने होंगे.

यदि कोई ग्राहक 100 से अधिक चैनल्स सब्सक्राइव करना चाहता है तो उसे प्रति चैनल 20 से 25 रुपये अतिरिक्त शुल्क का भुगतान करना होगा.

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क्या आपका केबल बिलबढ़ेगा?

ट्राई के नये टैरिफ़ सिस्टम लागू करने के आदेश के बाद कुछ टीवी ब्राडकास्टर्स ने अपनी प्राइस लिस्ट की घोषणा भी कर दी.

फिलहाल, टाटा स्काई, डिश टीवी, हैथवे, डेन नेटर्वक समेत अन्य मल्टी सर्विस ऑपरेटर्स और केबल ऑपरेटर्स ग्राहकों को टीवी चैनल्स के जो विकल्प (बकेट) देते हैं उसमें कई ऐसे चैनल होते हैं जिसे वो देखते तक नहीं हैं. ग्राहकों के पास इन चैनल्स को अपनी लिस्ट से हटाने का विकल्प मौजूद नहीं होता लेकिन पैसे उन्हें पूरे पैकेज के देने पड़ते हैं.

ट्राई का मानना है कि नए नियमों के तहत यदि कोई उपभोक्ता अपनी पसंद के चैनल चुनता है, तो फ़िलहाल वो जितने पैसे ख़र्च कर रहा है उसे अपने पसंद के चैनलों को देखने के लिए उससे कम पैसों का भुगतान करना होगा.

हालांकि, टीवी ऑपरेटर्स को अपने ग्राहकों के लिए दूरदर्शन के सभी 26 चैनल्स रखना अनिवार्य होगा.

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