बच्चों के साथ यौन शोषण पर सज़ा-ए-मौत: प्रेस रिव्यू

  • 29 दिसंबर 2018
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इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बच्चों और किशोरों के साथ यौन शोषण के अपराधियों को सज़ा-ए-मौत देने से संबंधित संशोधन को शुक्रवार को मंजूरी दे दी.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की इस बैठक में पॉक्सो एक्ट, 2012 में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई.

बच्चों और किशोरों को यौन अपराधों से बचाने के लिए 2012 में पॉक्सो क़ानून बनाया गया था. इसमें 18 वर्ष से कम आयु के किशोर और बच्चों के ख़िलाफ़ यौन अपराध के दोषी को कड़ी सज़ा का प्रावधान किया गया था.

केंद्र सरकार ने बच्चों के ख़िलाफ़ यौन अपराध की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए उद्देश्य से यह संशोधन किया है.

अपराधियों को सख्त सज़ा देने के लिए पॉक्सो क़ानून 2012 की धारा 4, 5, 6, 9, 14, 15 और 42 में संशोधन किया गया है.

धारा 4, 5 और 6 में संशोधन कर अब यह प्रावधान किया गया है कि यौन शोषण के बर्बर मामलों में अपराधी को सज़ा-ए-मौत भी दी जा सकेगी.

क़ानून की धारा-9 में प्राकृतिक आपदाओं के समय बच्चों के यौन शोषण के अपराधों की सज़ा को भी सख्त बनाने और बच्चों को सेक्स के लिए परिपक्व बनाने के उद्देश्य से उनके शरीर में हार्मोन या रासायनिक पदार्थ चढ़ाने के दोषियों को भी सज़ा के दायरे में लाने का प्रावधान प्रस्तावित है.

चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी पर अंकुश लगाने के लिए पॉक्सो क़ानून की धारा 14 और 15 में भी संशोधन का प्रस्ताव किया गया है.

बाल यौन शोषण से संबंधित पोर्नोग्राफ़ी सामग्री को नहीं हटाने या उसका प्रसार करने पर भी जुर्माना लगाया जाएगा. इसमें जेल की सज़ा या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी सामग्री स्टोर करने के दोषियों के ख़िलाफ़ भी सख़्त सज़ा के प्रावधान किए गए हैं.

भूटान को 4500 करोड़ का वादा

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान के प्रधानमंत्री लोते शेरिंग के साथ विस्तृत बातचीत के बाद उनकी 12वीं पंचवर्षीय योजना के लिए 4,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने की शुक्रवार को घोषणा की.

मोदी ने कहा कि भूटान के साथ हाइड्रो पावर पर सहयोग द्विपक्षीय संबंधों का अहम आयाम है और मांगेदाचू परियोजना पर काम जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा.

आम चुनावों में अपनी पार्टी की जीत के बाद शेरिंग पिछले महीने भूटान के प्रधानमंत्री बने थे.

बैंक अधिकारियों पर कार्रवाई

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नवभारत टाइम्स के मुताबिक सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय बैकों के उन 6 हज़ार से ज़्यादा कर्मचारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी जिनकी वजह से बैकों पर भारी कर्ज़ आ गया है.

संसद में एक लिखित जवाब में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि गुमराह करने वाले अधिकारियों के ख़िलाफ़ अलग-अलग तरह के दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे.

वित्त मंत्री जेटली ने कहा, "राष्ट्रीय बैंकों से मिले इनपुट के अनुसार वित्त वर्ष 2017-18 में 6,049 कर्मचारी एनपीए खातों में स्टाफ की कमी को लेकर ज़िम्मेदार हैं."

वित्त मंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की ग़लती पर निर्भर करता है कि उनके ख़िलाफ़ कितने कड़े कदम उठाए जाएंगे और सभी मामलों में सीबीआई और पुलिस के पास शिकायत दर्ज की जाएगी.

किसानों को लुभाने की योजना

हिंदी अख़बार अमर उजाला के मुताबिक लोकसभा चुनाव से पहले सरकार समय पर क़र्ज़ चुकाने वाले किसानों का पूरा ब्याज माफ़ कर सकती है.

इससे सरकारी खजाने पर 15 हज़ार करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा.

तात्कालिक राहत के लिए कृषि क़र्ज़ समय पर चुकाने वालों को चार फ़ीसदी ब्याज का भार ख़त्म करने का प्रस्ताव है. फिलहाल किसानों को सात फ़ीसदी ब्याज दर पर मिलने वाले तीन लाख रुपये तक के क़र्ज़ पर ब्याज में तीन फ़ीसदी की छूट है.

इसके अलावा अनाज की फ़सलों पर पर बीमा प्रीमियम भरने से भी मुक्ति मिल सकती है और बागवानी फ़सलों पर प्रीमियम में कटौती की जा सकती है.

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