डेबिट और क्रेडिट कार्ड वालों: आज आपकी डेडलाइन है

  • 31 दिसंबर 2018
ईएमवी चिप
Image caption लाल घेरे में ईएमवी चिप

अगर आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड में सामने की ओर बाईं तरफ़ मोबाइल के सिम कार्ड की तरह नज़र आने वाला चिप नहीं लगा है तो 31 दिसंबर, 2018 के बाद आपका कार्ड मान्य नहीं रहेगा.

भारतीय रिज़र्व बैंक ने साल 2015 में देश के सभी बैंकों को सितंबर से सिर्फ़ ईएमवी चिप और पिन वाले कार्ड मुहैया करवाने को कहा था ताकि ग्राहकों को धोखाधड़ी से बचाया जा सके.

ईएमवी वाले कार्ड पहले के उन कार्डों से ज़्यादा सुरक्षित हैं, जिनमें पीछे की ओर लगी काले रंग की मैग्नेटिक स्ट्रिप या चुंबकीय पट्टी लगी होती थी. इस चुंबकीय पट्टी में ख़ाते से जुड़ी जानकारी स्टोर होती थी.

जब मशीन वग़ैराह में कार्ड डाला जाता है, इसी चुंबकीय पट्टी में मौजूद जानकारी को प्रोसस करके लेन-देन किया जाता है. लेकिन यह तरीक़ा सुरक्षित नहीं था. इससे ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी होने का ख़तरा बना रहता था.

मगर ईएमवी कार्डों में एक विशेष चिप लगी होती है, जिसमें ग्राहक के ख़ाते से जुड़ी एनक्रिप्टेड जानकारी स्टोर होती है. इसे तब तक ऐक्सेस नहीं किया जा सकता, जब तक कि ग्राहक मशीन में पिन न डाल दे.

Image caption इस कार्ड में ईएमवी चिप नहीं है

क्या है EMV?

नए ईएमवी कार्डों को चिप वाले कार्ड या आईसी कार्ड भी कहा जाता है. इनमें सामने बाईं ओर एक चिप लगी होती है जिसमें अकाउंट की जानकारी एनक्रिप्ट होती है.

इसलिए लेन-देन करना हो तो मशीन तक तब इसकी जानकारी को प्रोसेस नहीं कर सकती, जब तक कि सही पिन दाख़िल न किया जाए.

कार्ड के माध्यम से लेन-देन के इस पहले से अधिक सुरक्षित माध्यम को सबसे पहले प्रमुख कार्ड कंपनियों यूरोपे, मास्टरकार्ड और वीज़ा ने मान्यता दी थी, इसीलिए इसे EMV कहा जाता है.

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इसके बाद भारतीय रिज़र्व बैंक ने भी सितंबर 2015 में बैंकों को इस तकनीक वाले कार्ड को जारी करने के लिए कहा था.

कई बैंक लंबे समय से ईएमवी कार्ड दे रहे हैं जिनमें पीछे की ओर मैग्नेटिक स्ट्रिप तो होती है, सामने एक चिप भी लगी होती है.

जिन ग्राहकों के कार्ड इस बीच एक्यपायर हुए थे, उन्हें भी नए चिप युक्त कार्ड ही दिए गए हैं.

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कैसे लें नया कार्ड

अगर आपके पास अभी भी बिना चिप वाला पुराना मैग्नेटिक स्ट्रिप वाला ही कार्ड है तो आप इसे बैंक जाकर बदलवा सकते हैं.

इसके लिए ग्राहकों को अपनी पासबुक लेकर बैंक जाना होगा और एक फॉर्म भरना होगा. इसके बाद वे नया और सुरक्षित कार्ड ले सकते हैं.

जो लोग इंटरनेट बैंकिंग इस्तेमाल करते हैं, वे ऑनलाइन भी नए कार्ड का आवेदन कर सकते हैं.

हालांकि, बहुत से बैंकों ने एसएमएस, ईमेल और कॉल के माध्यम से अपने ग्राहकों को इस संबंध में सूचित किया था तो कुछ ने अपने स्तर पर ही ग्राहकों के पते पर नए कार्ड भेज दिए थे.

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