सियाचिन में तैनात सैनिक अब नहा सकेंगे

  • 2 जनवरी 2019
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हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सियाचिन में तैनात भारतीय सैनिकों को अब नहाने के लिए 90 दिनों का इंतज़ार नहीं करना होगा. सैनिकों को शरीर की सफ़ाई के लिए स्वदेशी निर्मित ऐसे उत्पाद भेजे जाएंगे जिनके इस्तेमाल के लिए पानी ज़रूरी नहीं होगा. सियाचिन में 21 हज़ार 700 फ़ीट की ऊंचाई पर तीन महीने की तैनाती के दौरान सैनिक नहा नहीं पाते हैं. भारतीय सेना सियाचिन ग्लेशियर पर हर समय तीन हज़ार सैनिक तैनात रखती है. यहां पारा शून्य से 60 डिग्री सेल्सियस नीचे तक चला जाता है. रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस ग्लेशियर की रक्षा पर प्रतिदिन पांच से सात करोड़ रुपए तक ख़र्च होते हैं.

यूपी में गायों की सुरक्षा के लिए लगेगा कर

द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार गायों की सुरक्षा के लिए एक नया शुल्क लगाने पर विचार कर रही है. ये शुल्क 0.5 प्रतिशत तक हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार गौ कल्याण शुल्क लगाने पर विचार कर रही है. कैबिनेट ने मंगलवार को इसे मंज़ूरी दे दी थी. हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश में आवारा गायों को लेकर ग्रामीणों की नाराज़गी सामने आई है. कम-से-कम तीन ऐसी घटनाएं हुई हैं जब गायों से परेशान किसानों ने स्कूलों या थानों में गायों को बंद कर दिया हो. आवारा गायें उत्तर प्रदेश में बड़ी समस्या बनती जा रही हैं. ये न सिर्फ़ फसलों को नुक़सान पहुंचा रही हैं बल्कि सड़क हादसों की वजह भी बन रही हैं.

सिविल सेवा में गिर रही है हिंदी माध्यम छात्रों की संख्या

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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय प्रशासनिक सेवा परीक्षा में कामयाब होने वाले छात्रों में हिंदी माध्यम से पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या लगातार गिर रही है. इस समय लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय सिविल प्रशासनिक अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे 370 छात्रों में से सिर्फ़ 8 ने ही हिंदी माध्यम में सिविल सेवा परीक्षा दी थी.

2009 से हमले की साज़िश रच रहा था संदिग्ध

Image caption अमरोहा में सुहैल का पुश्तैनी मकान

इंडियन एक्स्प्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश के अमरोहा से गिरफ़्तार संदिग्ध चरमपंथी मुफ़्ती सुहैल साल 2009 से ही हमला करने की साज़िश रच रहा था. अख़बार ने एआईए से जुड़े सूत्रों के हवाले से बताया है कि सुहैल ने जांचकर्ताओं को पूछताछ में बताया है कि वो भारत में मुसलमानों के साथ हो रहे अत्याचार से आहत था और साल 2009 से ही हमला करने की योजनाएं बना रहा था. पेशे से इस्लामी शिक्षक 29 वर्षीय मुफ़्ती सुहैल ने जांचकर्ताओं से कहा है कि वो बाबरी मस्जिद विध्वंस से आहत थे और उन्हें लगता है कि भारत में मुसलमानों के साथ भेदभाव हो रहा है. सुहैल को हमला करने की साज़िश रचने के आरोप में गिरफ़्तार किया गया है. जांच एजेंसी के मुताबिक वो एक विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे.

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