अप्सरा रेड्डी महिला कांग्रेस में महासचिव नियुक्त होने वाली पहली ट्रांसजेंडर

  • 9 जनवरी 2019
राहुल गांधी और अप्सरा रेड्डी इमेज कॉपीरइट Twitter/IYC
Image caption राहुल गांधी और अप्सरा रेड्डी

कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को ट्वीट करके बताया कि पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने अप्सरा रेड्डी को ऑल इंडिया महिला कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया है. वह ऐसी पहली ट्रांसजेंडर हैं जो महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव होंगी.

इस फ़ैसले की घोषणा राहुल गांधी और ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष और लोकसभा सांसद सुष्मिता देव की मौजूदगी में की गई.

मूलतः आंध्र प्रदेश के नेल्लोर ज़िले से आने वाली अप्सरा रेड्डी की स्कूली पढ़ाई चेन्नई में हुई है. इसके बाद उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की मोनाश यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में ग्रैजुएशन किया. वह कॉलेज के समय से सामाजिक कामों में सक्रिय रहीं. उन्होंने ट्रांसजेंडर के अधिकारों के लिए काम किया और साथ ही साथ पत्रकारिता भी की.

इसके बाद उन्होंने लंदन से पोस्ट ग्रैजुएशन की पढ़ाई की और साथ ही वहां के मीडिया संस्थानों में काम भी किया.

इमेज कॉपीरइट Facebook/Apsara Reddy
Image caption जयललिता के साथ अप्सरा रेड्डी

एआईएडीएमके की प्रवक्ता भी रहीं

अप्सरा एआईएडीएमके की प्रवक्ता भी रहीं लेकिन तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की मृत्यु के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी. उनका कहना था कि उस समय पार्टी के अंदर टकराव चल रहा था और इससे आम जनता का नुकसान हो रहा था.

वह एक समय बीजेपी में भी शामिल हुईं लेकिन कुछ समय के बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी.

महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने अप्सरा का महिला कांग्रेस में स्वागत करते हुए ट्वीट किया है कि वह उनके साथ काम करने के लिए उत्साहित हैं और उनका व्यक्तित्व सबके लिए बेहद ख़ास होगा. उन्होंने महासचिव नियुक्त किए जाने पर राहुल गांधी का धन्यवाद भी किया है.

अप्सरा ने अपनी नियुक्ति के बाद कहा कि लोगों की सेवा के लिए कांग्रेस पार्टी उनके लिए सबसे बेहतर विकल्प है क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी युवा हैं और भारत को लेकर उनकी एक दृष्टि है.

काफ़ी चुनौतियों का किया सामना

अप्सरा ने कहा कि राहुल गांधी का पार्टी में महिलाओं के साथ बराबरी का व्यवहार है. साथ ही उन्होंने सुष्मिता देव की तारीफ़ करते हुए कहा है कि उनके साथ लंबी चर्चा के बाद उन्होंने यह पद स्वीकार किया है, इसके अलावा सुष्मिता ने उनसे कहा है कि अगर वह ख़ुद को एक महिला मानती हैं तो वैसे ही सोचें और लिंग के बारे में न सोचें.

अप्सरा कहती हैं कि समाज और राजनीति में भागीदारी के लिए आपका काम महत्वपूर्ण होता है न कि लिंग.

वह कहती हैं, "ट्रांसजेंडर महिलाएं मुझसे कहती रहीं कि तुम यहां अपनी ज़िंदगी नहीं बना पाओगी इसलिए कहीं और चली जाओ. लेकिन भारत की सबसे पुरानी और बड़ी पार्टी ने जिस तरह से मेरा स्वागत किया है वह मुझे भावुक करने वाला और सुखद है."

अप्सरा कहती हैं कि उनकी ज़िंदगी का सफ़र मुश्किल भरा रहा है, लोगों ने उनका मज़ाक उड़ाया है लेकिन वह दिमाग से मज़बूत रहीं और शांत रहीं और सिर्फ़ अपने लक्ष्य को ध्यान में रखा.

ये भी पढे़ं:

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार