2019 में मोदी को जिताएं, केरल तक बीजेपी का झंडा फहरायेगा: अमित शाह

  • 11 जनवरी 2019
बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी, अमित शाह, नरेंद्र मोदी इमेज कॉपीरइट TWITTER @BJP4India

2019 आम चुनाव के पहले होने वाले पार्टी के आख़िरी राष्ट्रीय अधिवेशन में बहुत कुछ प्रतीकात्मक दिखा.

तीन तलाक़ पर पार्टी की कोशिशों का गुणगान करते झंडे, मोदी और शाह के साथ-साथ एलके आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और अन्य पार्टी नेताओं की तस्वीरों वाले बैनर, अटल बिहारी वाजपेयी की स्टेज पर लगी तस्वीर और वंदे मातरम का गायन भी - जिसका गायन हालांकि पार्टी के सभी कार्यक्रमों की शुरुआत में होता है - लेकिन इस बार उसका गायन किया - शबाना रहमान ने - जिन्हें मंच से ख़ासतौर पर नाम लेकर आमंत्रित किया गया.

पार्टी के एक के बाद एक नेता ने रामलीला मैदान की प्रतीकातमकता को याद दिलाया - 2014 आम चुनाव से पहले पार्टी ने इसी मैदान में राष्ट्रीय अधिवेषण किया था और अध्यक्ष अमित शाह के शब्दों में तब बीजेपी छह राज्यों में सत्ता में थी और अब 16 सूबों में उसकी हुकूमत है.

शाह ने ये भी याद दिलाया कि यही वो मैदान था जहां आपातकाल के बाद विपक्षी दलों ने इंदिरा गांधी को उखाड़ फेंकने का शंखनाद किया था.

पार्टी के पिछले सालों में किए गए कामों का हवाला देते हुए शाह ने कार्यकर्ताओं से आह्वाण किया कि वो 2019 चुनावों को 'युद्द' के तौर पर लें और मोदी को जितायें जिसके बाद 'भारतीय जनता पार्टी का झंडा दक्षिण में भी केरल तक लहराएगा.'

इमेज कॉपीरइट TWITTER @BJP4India

शुक्रवार दोपहर बाद शुरू हुए राष्ट्रीय अधिवेशन में शाह दो बार बोले. अध्यक्षीय भाषण और उसके पहले एक बार और.

हालांकि राजनीतिक और आर्थिक प्रस्ताव देर शाम पारित होने हैं लेकिन ये साफ़ हो गया कि वो किन मुद्दों पर होंगे. हाल के दिनों में कुछ नेताओं के निशाने पर आए अमित शाह ने ज़िक्र किया नरेंद्र मोदी हुकूमत द्वारा लिए गए दो बड़े फैसलों का - सामान्य वर्ग में आर्थिक रूप से पिछड़ों को आरक्षण और जीएसटी में दी गई छूट.

"देश के अगड़े समाज के युवाओं की सालों से मांग थी कि उन्हें भी आरक्षण मिले, मोदी सरकार ने न सिर्फ इसे कैबिनेट में पास किया बल्कि सदन के दोनों सदनों से पास करवाने में सफल रही," शाह ने कहा.

इमेज कॉपीरइट BJPTwitter

आरक्षण का ज़िक्र करते वक्त अमित शाह ने सिर्फ अगड़ों की बात की. हालांकि कहा गया था कि 10 प्रतिशत के इस सामान्य कैटेगरी में दिए जाने वाले आरक्षण में मुस्लिम और दूसरे मज़हब के लोग भी शामिल होंगे.

आर्थिक क्षेत्र में लिए गए दूसरे बड़े फैसले का ज़िक्र करते हुए शाह ने कहा कि सरकार ने उन व्यापारियों को जीएसटी से मुक्त कर दिया है जिनका सालाना टर्न ओवर 40 लाख रूपये है. और डेढ़ करोड़ सालाना टर्न ओवर वाले व्यापारियों या उद्योग धंघों को अबसे महज़ एक फीसद कॉरपोरेट टैक्स भरना होगा.

व्यापारी वर्ग की बात करने के बाद अमित शाह ने रूख़ किया राष्ट्र की सुरक्षा की तरफ़ और सर्जिकल स्ट्राइक का ज़िक्र कर दिया - जो सेना ने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ किया था.

शाह ने दावा किया कि पहले सेना को पाकिस्तान से सीमा और नियंत्रण रेखा पर की गई गोलीबारी का जवाब देने के लिए दिल्ली से पूछना पड़ता था लेकिन मोदी सरकार ने आते ही सेना और अर्धसैनिक बलों से कहा कि उसे पूछने की ज़रूरत नहीं बल्कि वो गोली का जवाब गोले से दें.

और फिर एक गोला उन्होंने महागठबंधन पर भी गिराया जो कि उनके मुताबिक़ उन लोगों का जमावड़ा है जिन्हें जनता ने साल 2014 में रिजेक्ट कर दिया था.

हाल के दिनों में नितिन गडकरी और कुछ दूसरे चंद नेताओं के बयानों और साक्षात्कारों के बाद मोदी के नेतृत्व पर कुछ तरफ़ से उंगलियां उठाई गई थीं. लेकिन मोदी अब भी बीजेपी के सबसे लोकप्रिय नेता हैं ये उन नारों से साफ़ हो जाना चाहिए जिनमें लिखा है - अबकी बार फिर मोदी सरकार.

अपने भाषणों में एक के बाद एक नेता ने कहा कि 2014 के पहले का अधिवेशन बीजेपी ने दिल्ली की इसी राम लीला मैदान में किया था और नारा था 272 प्लस, और वैसा हुआ भी, इस बार फिर उसे दोहराना है.

इमेज कॉपीरइट TWITTER @BJP4India

शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वो 73 से 74 पर पहुंचेंगे और सभा कार्यकर्ताओं को यही कोशिश करनी है.

बीजेपी के दो दिनों के राष्ट्रीय अधिवेशन में पाटी के मुताबिक़ पदाधिकारियों के अलावा देशभर से आए 12,000 कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं.

दो दिनों की ये बैठक आम चुनावों के पहले पार्टी का होनेवाला सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा, जिसमें पार्टी राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर प्रस्ताव पारित करेगी.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार