'पश्चिम बंगाल में मुस्लिम आतंक' वाले वीडियो की हक़ीक़त

  • 12 जनवरी 2019
हिंसा की वायरल हुई तस्वीरें

सोशल मीडिया पर एक बेहद हिंसक वीडियो 'पश्चिम बंगाल में इस्लामिक आतंक' की एक झलक बताते हुए शेयर किया जा रहा है.

क़रीब सवा दो मिनट के इस वीडियो में अफ़रा-तफ़री साफ़ देखी जा सकती है. वीडियो में दिख रही भीड़ में अधिकतर लोगों ने कुर्ता-पायजामा और टोपी पहनी है और वो एक गली में तोड़-फोड़ कर रहे हैं.

जिन फ़ेसबुक पन्नों पर और ग्रुप्स में ये वीडियो शेयर किया गया है, उनमें से कई ने लिखा है कि उन्हें ये वीडियो व्हॉट्सऐप पर मिला.

लेकिन जिन्होंने भी इस वीडियो को सार्वजनिक रूप से शेयर किया है, उन्होंने इस वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताया है.

ऐसे ही एक ट्विटर यूज़र ने लिखा, "2019 में जिन्हें बीजेपी को चुनने में परेशानी हो वो ये भविष्य चुनने के लिए तैयार रहें. बंगाल में इस्लामिक टेरर की एक छोटी सी झलक पेश है. अन्य लोगों को दिखाएं, ताकि लोग जागरूक हो सकें."

बिल्कुल इसी संदेश के साथ ये वीडियो 'रीसर्जेंट धर्म' नाम के तथाकथित धार्मिक ग्रुप में भी पोस्ट किया गया है, जहाँ इस वीडियो को 46 हज़ार से ज़्यादा बार देखा गया है और 1,800 से ज़्यादा लोग इसे शेयर कर चुके हैं.

शुक्रवार को भी कुछ नए फ़ेसबुक पन्नों पर मोबाइल से बनाई गई ये वीडियो पोस्ट की गई है.

लेकिन इस वीडियो के साथ जो भी दावे किये गए हैं, वो सभी ग़लत हैं. ये वीडियो मुसलमानों के बीच मुसलमानों द्वारा की गई हिंसा का ज़रूर है, लेकिन इसके पीछे की कहानी कुछ और है.

वीडियो किस जगह का?

रिवर्स सर्च से पता चलता है कि ये वीडियो फ़ेसबुक पर दिसंबर 2018 से शेयर किया जा रहा है, लेकिन इस वीडियो के साथ सबसे शुरुआती पोस्ट में कहानी कुछ और लिखी गई थी.

बांग्लादेश के ढाका शहर में रहने वाले एक शख़्स ने 1 दिसंबर 2018 को यही वीडियो शेयर करते हुए लिखा था, "तबलीगी जमात के दो गुटों में हिंसक भिड़ंत. मौलाना साद के समर्थक एक तरफ हैं और दूसरी तरफ वो हैं जो उन्हें पसंद नहीं करते. ये जानना दुखद है कि इस हिंसा में 200 से ज़्यादा लोग गंभीर रूप से चोटिल हुए हैं."

बांग्लादेश के स्थानीय मीडिया में छपी ख़बरें इस बात की पुष्टि भी करती हैं.

इन रिपोर्ट्स के अनुसार ये घटना तुराग नदी के घाट से सटे टोंगी इलाक़े में स्थित बिस्व इज़्तेमा ग्राउंड के पास की है.

बांग्लादेशी मीडिया के अनुसार इस हिंसा में 55 वर्षीय बिलाल हुसैन की मौत हो गई थी और 200 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे.

जानकारों के मुताबिक़ बांग्लादेश में होने वाले बिस्ब इज़्तेमा को दुनिया में मुसलमानों की दूसरी सबसे बड़ी महफ़िल कहा जाता है जिसका आयोजन तबलीगी जमात करती है.

टोंगी में हुई हिंसा के कुछ वीडियो यू-ट्यूब पर भी पोस्ट किये गए थे, जिनमें वो वीडियो भी शामिल है जिसे भारत में पश्चिम बंगाल का बताकर चलाया जा रहा है.

अपनी पड़ताल में बीबीसी ने ये भी पाया कि बांग्लादेश का ये पहला वीडियो नहीं है जिसे पश्चिम बंगाल का बताकर शेयर किया गया.

भाषा काफ़ी हद तक एक जैसी होने और लोगों का रंग-रूप एक जैसा होने के कारण बांग्लादेशी मुस्लिमों के वीडियो पश्चिम बंगाल के मुस्लिमों के बताकर शेयर किये जाते रहे हैं.

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