भारत अगले दो सालों में क्या दुनिया को पछाड़ देगा? -प्रेस रिव्यू

  • 24 जनवरी 2019
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नवभारत टाइम्स की ख़बर के मुताबिक़, संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2019 और 2020 में तेज़ रफ़्तार से आगे बढ़ेगी. इसकी गति दुनिया में सबसे ज़्यादा होगी.

संयुक्त राष्ट्र की बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 2018-19 में 7.4 प्रतिशत और अगले वित्त वर्ष 2019-20 में 7.6 प्रतिशत रहेगी.

रिपोर्ट का कहना है कि मज़बूत निजी उपभोग, अधिक विस्तार वाले वित्तीय रुख़ और पिछले सुधारों के लाभ से अर्थव्यवस्था को सहारा मिल रहा है.

वहीं, चीन का ज़िक्र करते हुए इसमें बताया गया है कि व्यापर युद्ध से प्रभावित होने के चलते 2019 में चीन की विकास दर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है.

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Image caption महाराष्ट्र पुलिस (सांकेतिक तस्वीर)

जनसत्ता की ख़बर के मुताबिक़, महाराष्ट्र के आतंकवादी रोधी दस्ते (एटीएस) ने चरमपंथी संगठन आईएस से कथित संबंध रखने के आरोप में महाराष्ट्र में कई इलाक़ों से नौ लोगों को गिरफ़्तार किया है.

इन नौ लोगों पर देश में अलग-अलग जगहों पर हमलों की साज़िश रचने का आरोप है.

एटीएस ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद से पांच और ठाणे से चार संदिग्ध लोगों को गिरफ़्तार किया है.

अख़बार लिखता है कि पूछताछ में प्राथमिक तौर पर पता चला है कि ये लोग फ़िदायीन हमलों के प्रशिक्षण के लिए सीरिया जाने की तैयारी कर रहे थे.

इन सभी के पास से विस्फोटक बनाने के रसायन, कुछ हथियार और इलेक्ट्रॉनिक सामान ज़ब्त किए गए हैं.

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तीन साल में रेलवे में चार लाख भर्तियां

दैनिक जागरण की ख़बर के मुताबिक़, सरकार ने अगले दो सालों में रेलवे में सवा दो लाख नए लोगों को भर्ती करने का फ़ैसला किया है.

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि रेलवे 2021 तक भर्ती प्रक्रिया को पूरा कर लेगा. साथ ही इन भर्तियों में सामान्य वर्ग के ग़रीबों का अलग कोटा भी दिया जाएगा.

उन्होंने कहा कि ये नौकरियां उन डेढ़ लाख नौकरियों के अतिरिक्त होंगी जिनकी भर्ती प्रक्रिया अप्रैल तक पूरी होने की संभावना है. इस तरह तीन सालों में चार लाख नए कर्मी रेलवे में शामिल होंगे.

पीयूष गोयल ने बताया कि पहली बार भर्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी और इसे सार्वजनिक भी किया जाएगा.

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Image caption जस्टिस मदन बी लोकुर

कोलेजियम पर जस्टिस लोकुर ने जताई निराशा

टाइम्स ऑफ इंडिया की ख़बर है कि सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद पर कभी कोलेजियम का हिस्सा रहे जस्टिस मदन बी लोकुर ने निराशा ज़ाहिर की है.

उन्होंने बुधवार को एक चर्चा में कहा कि 12 दिसंबर की कोलेजियम में बैठक का ब्यौरा वेबसाइट पर सार्वजनिक न होने से उन्हें निराशा हुई है.

हालांकि, जस्टिस लोकुर ने नियुक्ति में सिफ़ारिश और भाई-भतीजावाद की बात से इनकार किया. उन्होंने कहा कि कोलेजियम में चर्चा के दौरान सहमति और असहमति दोनों होती हैं और उन्हें दर्ज किया जाता है.

अख़बार​ लिखता है कि मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने जस्टिस लोकुर को कभी अपना 'राइट हैंड मैन' बताया था.

सुप्रीम कोर्ट में 12 दिसंबर, 2018 को जजों की नियुक्ति पर कोलेजियम बैठक में लिए गए फ़ैसले 10 जनवरी, 2019 की बैठक में बदल दिए गए थे.

12 दिसंबर की बैठक में जिन जजों को सुप्रीम कोर्ट जज बनाए जाने की सिफ़ारिश की गई थी, 10 जनवरी की बैठक में उनकी जगह दो दूसरे जजों को सुप्रीम कोर्ट भेजने की की सिफ़ारिश की गई थी.

12 दिसंबर की बैठक का ब्यौरा वेबसाइट पर न डालने और फ़ैसले बदलने को लेकर न्यायपालिका में विवाद चल रहा है.

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