लोकसभा चुनाव 2019: छठे चरण में 60% मतदान

  • 16 मई 2019
मतदान इमेज कॉपीरइट Getty Images

रविवार को लोकसभा चुनाव के छठे चरण में सात राज्यों की 59 सीटों के लिए वोट डाले गए.

छठे चरण में उत्तर प्रदेश की 14, हरियाणा की 10, मध्य प्रदेश और बिहार की आठ-आठ, दिल्ली की सभी सात और झारखंड की 4 सीटों पर मतदान हुआ.

निर्वाचन आयोग के मुताबिक शाम छह बजे तक 60.12% मतदान हुआ. सर्वाधिक 80.16 प्रतिशत मतदान पश्चिम बंगाल में हुआ.

झारखंड में 64.46%, हरियाणा में 62.51%, मध्य प्रदेश में 60.30%, दिल्ली में 55.51%, उत्तर प्रदेश में 51.85% और बिहार में 55.57% मतदान दर्ज किया गया है.

छोटी-मोटी घटनाओं को छोड़कर कुल मिलाकर छठे चरण का मतदान शांतिपूर्ण रहा. पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर जिले की घाटाल संसदीय सीट से बीजेपी की उम्मीदवार भारती घोष ने अपने ऊपर हमले का आरोप लगाया है.

10 मई, 2019

इमेज कॉपीरइट ANI

बसपा मुखिया मायावती ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछड़ा होने पर सवाल उठाया है.

महागठबंधन पर जातिवादी होने के प्रधानमंत्री के आरोप को मायावती ने हास्यास्पद बताया है.

उन्होंने पूछा कि जो जातिवाद से पीड़ित हैं वो कैसे जातिवादी हो सकते हैं?

"पूरा देश जानता है कि वो जन्म से ओबीसी नहीं हैं, उन्होंने जातिवादी उत्पीड़न नहीं झेला है. इसलिए उन्हें महागठबंधन के बारे में ऐसा झूठ नहीं बोलना चाहिए."

मायावती ने कहा कि मोदी ज़बरदस्ती पिछड़ा बनकर जातिवाद का खुलकर अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करते हैं.

उन्होंने पूछा, "वे अगर जन्म से पिछड़े होते तो क्या आरएसएस उन्हें कभी भी पीएम बनने देता?"

9 मई, 2019

इमेज कॉपीरइट Twitter/BJP4India

भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि कांग्रेस नेता जानबूझकर गंदी-गंदी टिप्पणियां कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि ये दुर्भाग्य है कि कांग्रेस 1984 दंगों में मारे गए परिवारों को न्याय नहीं दिला पाई. दंगा कराने वाले जो लोग थे उनको ये लोग सम्मान दे रहे हैं.

गडकरी ने कहा, ''इनकी पीढ़ियां गरीबी हटाओ की बात करती रही, लेकिन गरीबी हटी नहीं. अब राहुल जी भी वही बात कह रहे हैं, तो इनकी विश्वनियता कहां हैं? ये न्याय नहीं है, आज तक हुए अन्याय की बात है''.

नितिन गडकरी ने कहा कि विपक्ष चुनावी मुद्दों से भटका रही है.

उन्होंने कहा, ''कांग्रेस ने परफॉर्मेंस और कार्य चुनाव का मुद्दा न बने, इसके लिए विपक्ष दो बातों पर चुनाव को लेकर गये. पहला दलितों, माइनॉरिटी, एससी-एसटी के मन में डर पैदा करना और दूसरा विकास के जो काम 50 साल में नहीं हुए और 5 साल में हुए, उस पर चर्चा न करके जानबूझकर गंदी-गंदी टिप्पणियां करना.''

8 मई 2019

इमेज कॉपीरइट Sanjay Nirupam FB

कांग्रेस के नेता संजय निरूपम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना मुग़ल बादशाह औरंगज़ेब से की है.

वाराणसी में पत्रकारों से बात करते हुए संजय निरूपम ने कहा, "नरेंद्र मोदी दरअसल औरंगज़ेब के आधुनिक अवतार हैं."

उन्होंने कहा, "बनारस में कॉरिडोर के नाम पर जिस तरह मोदीजी के इशारे पर सैकड़ों मंदिरों को तुड़वाया गया और जिस तरह बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए 550 रुपये की फ़ीस लगाई गई है, वो इस बात का सबूत है कि जो काम औरंगज़ेब नहीं कर पाया वो नरेंद्र मोदी कर रहे हैं."

संजय निरूपम ने कहा कि 'कभी औरंगज़ेब मंदिरों को तोड़ने के लिए आया तो उसे यहां के लोगों ने बचाया. औरंगज़ेब ने जजिया कर लगाया और हिंदुओं पर अत्याचार किया तो हिंदुओं ने विरोध किया था.'

उन्होंने कहा, "जो हिंदू हित की बात करेगा वो हिंदुस्तान पर राज करेगा की बात करने वाले नरेंद्र मोदी मंदिरों को तोड़ रहे हैं और दर्शन के लिए जजिया कर लगा रहे हैं, ऐसे आधुनिक औरंगज़ेब की मैं निंदा करता हूं."

ट्विटर पर लोग संजय निरूपम के इस विवादित बयान की निंदा कर रहे हैं तो कुछ लोग उनके समर्थन में उतर आए हैं.

8 मई, 2019

इमेज कॉपीरइट Reuters

'चौकीदार चोर है' टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफ़ी मांगी है.

राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट में तीन पेज का ताज़ा हलफ़नामा दायर किया.

इसमें कहा गया है कि राहुल गांधी की सीधे या परोक्ष रूप से न्यायिक प्रक्रिया में दखल देने की कोई मंशा नहीं थी.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कोर्ट के हवाले से अपनी ग़लतबयानी पर बिनाशर्त माफ़ी मांगी.

राहुल गांधी ने कोर्ट से कहा है कि उनकी माफ़ी को स्वीकार किया जाए और अवमानना की इस कार्रवाई को बंद किया जाए.

राहुल गांधी ने एक चुनावी सभा में कहा था कि 'अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी कह दिया है कि चौकीदार चोर है.'

7 मई, 2019

इमेज कॉपीरइट AFP/Getty Images

पश्चिम बंगाल के बांकुरा के बारजोरा में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी एफिडेविट पर निशाना साधा और उनकी पत्नी से संबंधी जानकारी न दिए जाने का ज़िक्र किया.

उन्होंने कहा कि "मोदी खुद अपने छोटे-से परिवार को देख नहीं पाए वो देश को क्या देखेंगे? देश तो बहुत बड़ा परिवार है."

उन्होंने मोदी पर झूठे वायदे करने और झूठ बोलने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, "मोदी ने बंगाल में आकर कहा था बंगाल में ममता बनर्जी दुर्गा पूजा नहीं करने देती. क्या ये झूठ नहीं है?"

उन्होंने कहा, "बच्चे झूठ बोलते हैं तो आप क्या करते हैं उसे डांटते हैं और ज़रूरत पड़ने पर थप्पड़ मारते हैं. लेकिन अगर प्रधानमंत्री झूठ बोलें तो क्या करना चाहिए. क्या उनकी पूजा की जानी चाहिए या फिर उन्हें मिट्टी का लड्डू खिलाना चाहिए जिसके भीतर पत्थर होगा?"

ममता बनर्जी के इस बयान के जवाब में बीजेपी नेता और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट कर कहा, "आज आपने सारी हदें पार कर दीं. आप प्रदेश की मुख्यमंत्री हैं और मोदी जी देश के प्रधानमंत्री हैं. कल आपको उन्हीं से बात करनी है."

सुषमा स्वराज ने अपने ट्वीट में बशीर बद्र का एक शेर भी लिखा.

ईवीएम-वीवीपीटी पर विपक्ष को झटका, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज की

इमेज कॉपीरइट Getty Images

वीवीपीटी-ईवीएम के मसले पर 21 विपक्षी दलों की पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज़ कर दिया है.

इन विपक्षी दलों की मांग ये थी कि चुनाव के दौरान करीब 50 फ़ीसदी ईवीएम मशीनों में वीवीपीटी का इंतजाम होना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर कहा है कि एक ही मामले को कितनी बार सुनें. साथ ही भारत के मुख्य न्यायाधीश ने ये भी कहा कि अदालत इस मामले में दख़ल देना नहीं चाहती हैं.

मौजूदा समय में पांच फ़ीसदी ईवीएम मशीनों पर वीवीपीटी की सुविधा है. वीवीपीटी की सुविधा होने पर ईवीएम मशीन से निकलने वाली पर्ची से वोट का मिलान करना संभव होता है.

पांचवें चरण का मतदान संपन्न

इमेज कॉपीरइट Getty Images

लोकसभा चुनाव के पाँचवें चरण में सात राज्यों की 51 सीटों पर मतदान सोमवार को संपन्न हुआ.

ये सात राज्य हैं बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और मध्य प्रदेश.

निर्वाचन आयोग के मुताबिक पाँचवें चरण में कुल मिलाकर 62.11 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. पश्चिम बंगाल में सबसे अधिक 74 फ़ीसदी मतदान हुआ.

इस चरण में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए प्रमुख सोनिया गांधी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और महबूबा मुफ्ती जैसे दिग्गजों के भाग्य का फ़ैसला ईवीएम में क़ैद हो गया.

सभी 51 सीटों पर 674 उम्मीदवार मैदान में हैं. इस चरण के साथ ही लोकसभा की 425 सीटों के लिए मतदान का काम पूरा हो जाएगा.

उत्तर प्रदेश में कुल मिलाकर 182 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे. लखनऊ में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है.

उत्तर प्रदेश की 14 सीटों पर 57.33 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया.

अब तक हुए पाँच चरणों में ये सबसे छोटा चरण था, कुल मिलाकर 51 सीटों पर मतदान हुआ. इसके साथ ही 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव प्रक्रिया पूरी हो गई है

जम्मू-कश्मीर की दो सीटों पर 17.07 प्रतिशत मतदान हुआ. लद्दाख सीट पर 61.20 प्रतिशत मतदान हुआ. अनंतनाग में तीन चरणों में चुनाव हुआ, जो सोमवार को संपन्न हो गया.

राजस्थान में 13 ज़िलों की 12 लोकसभा सीटों पर मतदान हुआ. यहाँ 63.86 प्रतिशत मतदान हुआ.

बिहार की पाँच सीटों पर 57.86 प्रतिशत मतदान हुआ.

मध्य प्रदेश की सात सीटों पर 63.82 प्रतिशत मतदान हुआ.

झारखंड में 64.58 प्रतिशत मतदान हुआ.

पश्चिम बंगाल की 7 सीटों पर 74.15 प्रतिशत मतदान हुआ.

साध्वी प्रज्ञा पर पाबंदी

इमेज कॉपीरइट Getty Images

भोपाल से भाजपा प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर पर चुनाव आयोग ने 72 घंटों के लिए प्रतिबंध लगा दिया है.

26-11 हमले में दिवंगत अधिकारी हेमंत करकरे और बाबरी मस्जिद पर विवादित बयान के मामले में आयोग ने यह कार्रवाई की है.

चुनाव आयोग ने अपने आदेश में उनके बयानों की कड़ी निंदा की है औ 72 घंटों के लिए उन्हें जनसभाएं करने, जुलूस निकालने, रोड शो करने और साक्षात्कार देने से रोक दिया है.

यह प्रतिबंध 2 मई की सुबह 6 बजे से शुरू हो जाएगा.

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए साध्वी प्रज्ञा ने कहा है, "कोई बात नहीं है. मैं तो उसका सम्मान करती हूं."

साध्वी प्रज्ञा ने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा था, "मैंने ढांचे पर चढ़कर उसे तोड़ा था. मुझे गर्व है कि ईश्वर ने मुझे अवसर दिया और शक्ति दी और मैंने यह काम कर दिया. अब वहीं राम मंदिर बनाएंगे."

इमेज कॉपीरइट TWITTER/@BJP4INDIA

चार चरण के बाद चारों खाने चित विपक्ष: मोदी

प्रधानमंत्री ने उत्तर प्रदेश की एक चुनावी रैली में राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, "जो लोग 50-55 सीटें लेकर विपक्ष का नेता तक नहीं बन सके वो प्रधानमंत्री बनने के लिए दर्जी के पास कपड़े सिला रहे हैं."

बहराइच में दिए भाषण में मोदी ने कहा, "इन लोगों को 2014 में भी सत्ता नहीं मिली और 2019 में भी नहीं मिलेगी."

इससे पहले उन्होंने बिहार के मुजफ़्फ़रपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित किया.

यहां उन्होंने कहा, "जो जेल में हैं, जो जेल के दरवाजे़ पर हैं, जो बेल पर हैं, जो बेल के लिए कोर्ट के चक्कर काट रहे हैं वो सब केंद्र में एक मज़बूत सरकार को एक मिनट भी बर्दाश्त नहीं करना चाहते."

उन्होंने कहा कि 'चार चरण के बाद ये लोग चारो खाने चित हो चुके हैं, अब आने वाले चरणों में तय होना है कि उनकी हार कितनी बड़ी होगी और एनडीए की जीत कितनी भव्य होगी.'

मंगलवार को उनकी एक और चुनावी रैली उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में होनी है.

इस बीच मोदी और अमित शाह के उपर आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है.

कांग्रेस सांसद सुश्मिता देव ने इस बारे में एक याचिका दायर की थी. अगली सुनवाई 2 मई को होनी है.

गुना का बसपा उम्मीदवार कांग्रेस में शामिल

इमेज कॉपीरइट ANI

यूपी में कांग्रेस और सपा-बसपा गठबंधन नहीं होने के बाद अब मध्यप्रदेश में भी बसपा और कांग्रेस के संबंध में कड़वाहट दिखने लगी है. ताज़ा मामला गुना-शिवपुरी के बसपा उम्मीदवार से जुड़ा है.

कांग्रेस के महासचिव और पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना-शिवपुरी से चुनाव लड़ रहे हैं. बसपा ने वहां लोकेंद्र सिंह राजपूर को टिकट दिया था. लेकिन चौथे चरण के चुनाव हो जाने के ठीक एक बाद कांग्रेस ने मायावती को बड़ा झटका देते हुए लोकेंद्र सिंह राजपूर को पार्टी में शामिल करवा लिया है.

मायावती ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस ने बसपा उम्मीदवार को डरा-धमका कर पार्टी में शामिल करवाया है. उन्होंने मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वो सरकारी मशीनरी का ग़लत इस्तेमाल कर उनके लोगों को परेशान कर रही है.

गुना-शिवपुरी में 12 मई को चुनाव होगा. मायावती शनिवार को गुना में रैली करने वाली थीं, लेकिन अब वो क्या करेंगी पता नहीं.

ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना से चार बार सांसद रह चुके हैं. इस बार उनका मुक़ाबला भाजपा के केपी यादव से है. केपी यादव भी एक ज़माने में सिंधिया के ख़ास हुआ करते थे.

वाराणसी से समाजवादी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बदल दिया है

इमेज कॉपीरइट Getty Images

समाजवादी पार्टी ने शालिनी यादव की जगह फौजी तेज बहादुर यादव को अपना उम्मीदवार घोषित किया है.

तेज बहादुर यादव वाराणसी से निर्दलीय उम्मीदवार थे लेकिन अब समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है.

दो साल पहले बीएसएफ़ जवान तेज बहादुर यादव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था.

इस वीडियो में तेज बहादुर फ़ौजियों को मिलने वाले खाने की शिकायत कर रहे थे. वो बता रहे थे कि उन्हें कैसी गुणवत्ता का खाना दिया जाता है.

तेज बहादुर ने बताया था कि अफसरों से शिकायत करने पर भी कोई सुनने वाला नहीं है यहां तक कि गृहमंत्रालय को भी चिट्ठी लिखी लेकिन कुछ नहीं हुआ.

तेज बहादुर के उस वीडियो के बाद सेना सहित राजनीतिक गलियारों में कुछ दिन तक हलचल मच गई थी. सेना ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे और बाद में तेज बहादुर को बीएसएफ़ से निकाल दिया गया था.

राहुल ने जताया खेद

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने 'चौकीदार चोर है' के नारे से सुप्रीम कोर्ट को जोड़ने के मुद्दे पर एक बार फिर खेद जताया है.

राहुल गांधी ने पिछले हफ़्ते भी इस मामले में खेद जताया था मगर अदालत ने मामले को बंद करने से इनकार करते हुए उन्हें नोटिस जारी किया था जिसके बाद राहुल गांधी ने अदालत में एक ऐफ़िडेविट में अपनी सफ़ाई रखी.

उन्होंने आरोप लगाया कि अवमानना की कार्यवाही के नाम पर याचिकाकर्ता बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी राजनीति कर रही हैं.

अपनी पिछली दलील को दोहराते हुए राहुल गांधी ने ऐफ़िडेविट में कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान वो उत्तेजना में ये बोल गए कि सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार चोर है.

ये भी पढ़ें:

SC के हवाले से 'चौकीदार चोर है' कहने पर राहुल को खेद

मोदी और शाह के ख़िलाफ़ मामले की सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

इमेज कॉपीरइट Getty Images

सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के ख़िलाफ़ कथित तौर पर चुनाव आचारसंहिता के मामले की सुनवाई करेगा.

कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव ने इस सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी कि वो इस बारे में चुनाव आयोग को निर्देश दे.

उन्होंने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि मोदी और शाह के ख़िलाफ़ कई शिकायतों के बावजूद चुनाव आयोग इस बारे में कोई भी कार्रवाई करने में नाकाम रहा.

उन्होंने आरोप लगाया कि 23 अप्रैल को गुजरात में चुनाव के दिन भी एक रैली की जो आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

बीबीसी न्यूज़ मेकर्स

चर्चा में रहे लोगों से बातचीत पर आधारित साप्ताहिक कार्यक्रम

सुनिए

संबंधित समाचार