अमरीकी यूनिवर्सिटी में चीनी भाषा बोलने पर विवाद

  • 28 जनवरी 2019
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Image caption दुनिया भर के छात्र इस कोर्स में दाखिला लेते हैं.

अमरीकी प्रांत नॉर्थ कैरोलिना में स्थित ड्यूक यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के कॉलेज परिसर में चीनी भाषा में बात करने पर विवाद खड़ा हो गया है.

यूनिवर्सिटी से जुड़ीं असिस्टेंट प्रोफ़ेसर मेगन नैली ने यूनिवर्सिटी के ही दो शिक्षकों की ओर से शिकायत मिलने के बाद एक ईमेल लिखा था जिसमें कॉलेज परिसर में ऊंची आवाज़ में चीनी भाषा बोलने पर अनपेक्षित परिणाम आने का ज़िक्र किया गया था.

लेकिन इस मुद्दे पर विवाद खड़ा होने के बाद प्रोफ़ेसर मेगन नैली को उनके पद से हटा दिया गया है.

ईमेल पर विवाद क्यों?

असिस्टेंट प्रोफ़ेसर नैली ने छात्रों को भेजी अपनी ईमेल में लिखा था कि बायोस्टेटिक्स पोस्ट ग्रेजुएट विभाग के दो शिक्षकों ने उनसे शिकायत की है कि अंतरराष्ट्रीय छात्र विभाग की सार्वजनिक स्थानों पर चीनी भाषा में बात कर रहे हैं.

उन्होंने आगे लिखा कि विदेशी छात्रों का इस तरह अंग्रेज़ी ना बोलना उनके लिए 'अवांछित नतीजे लाने' वाला साबित हो सकता है.

प्रोफ़ेसर का ये ईमेल ट्विटर और चीनी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है.

कई लोगों ने प्रोफ़ेसर नैली की इस 'नस्लभेदी' और 'असंवेदनशील ईमेल' की आलोचना की है.

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लोगों का कहना है कि यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर विदेशी छात्रों के साथ भेदभाव करते हैं.

हालांकि, ग्रेजुएट कार्यक्रम में कुछ अल्पसंख्यक छात्रों ने बीबीसी को बताया है कि वह डॉ. नैली का समर्थन करते हैं.

छात्रों का कहना है कि वह बेहद अच्छी डायरेक्टर हैं जो कि छात्रों की मदद करती हैं, और "वह नस्लभेदी तो बिलकुल भी नहीं हैं."

क्या है पूरा मामला?

ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर डॉ. नैली के ईमेल का स्क्रीनशॉट वायरल होने लगा.

ड्यूक यूनिवर्सिटी ने मीडिया को बताया कि ये वायरल स्क्रीनशॉट सही है.

डॉ. नैली ने बताया कि दो शिक्षकों ने "यूनिवर्सिटी के सार्वजनिक क्षेत्रों में ऊंची आवाज़ में चीनी भाषा में बात करने वाले" छात्रों की पहचान करने से पहले उनसे पूछा कि क्या उनके पास मास्टर्स प्रोग्राम के छात्रों की तस्वीरें हैं.

डॉ. नैली ने बताया कि ये दो शिक्षक "इन छात्रों के नाम लिखकर उन्हें याद करना चाहते थे ताकि वह उन्हें याद रख सकें जब ये छात्र किसी इंटरव्यू, इंटर्नशिप या मास्टर्स प्रोजेक्ट के लिए उनके पास आएं. ये दो शिक्षक इस बात से निराश थे कि इन छात्रों के पास अपनी अंग्रेज़ी सुधारने का मौक़ा है लेकिन ये छात्र इसका फ़ायदा नहीं उठा रहे हैं. और असभ्यता के साथ उस भाषा में बात करते हैं जो कि हर व्यक्ति नहीं समझ सकता."

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Image caption ईमेल का स्क्रीनशॉट

उन्होंने लिखा है, ''कृपया जब भी आप चीनी भाषा में बात करते हैं तो याद रखें कि इसके परिणाम अनेपक्षित हो सकते हैं.''

उन्होंने आगे कहा, ''मैं विदेशों से आए छात्रों की इज़्ज़त करती हूं लेकिन उन्हें ये समझना होगा कि वे जब भी कॉलेज में हों या किसी पेशेवर मीटिंग में हो तो 100 फ़ीसदी बातें अंग्रेज़ी में ही हों.''

क्यों है छात्रों को आपत्ति?

इस ईमेल को छात्रों की ओर से चलाए जा रहे अख़बार 'द क्रॉनिकल' में छापा गया और ये देखते ही देखते वायरल हो गया.

लोगों का मानना है कि छात्रों को उनकी भाषा के आधार पर टारगेट किया जा रहा है.

कई लोगों का कहना है कि ये भयानक है कि यूनिवर्सिटी की फ़ैकल्टी इस बुनियाद पर भेदभाव कर रही है कि छात्र आपस में किस भाषा में बात कर रहे हैं.

'कंसर्न्ड ड्यूक स्टूडेंट्स' नाम के समूह ने एक याचिका में कहा, ''दूसरे देशों से आए छात्रों को रोज़गार और शिक्षा के मामले में इसलिए सज़ा दी जाएगी क्योंकि वे अपनी भाषा में बात कर रहे हैं. ''

इस समूह ने याचिका को ''ग्रेवली कंसर्न्ड'' नाम दिया है.

उन्होंने बीबीसी को बताया कि इस याचिका पर अब तक दो हज़ार लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें यूनिवर्सिटी के मौजूदा छात्र, पुराने छात्रों सहित दूसरे संस्थानों के छात्र भी शामिल हैं.

छात्रों का क्या कहना है?

रविवार की रात लाखों लोगों ने चीनी सोशल मीडिया वीबो पर 'ड्यूक यूनिवर्सिटी बैन्स चाइनीज़' जैसे हैशटैग चलाए. कई लोगों ने वीबो पर प्रोफ़ेसर नैली के इस्तीफ़े की मांग की.

बायोस्टैटिक्स के तीन छात्रों ने नाम ना बताने की शर्त पर डॉक्टर नैली के लिए समर्थन ज़ाहिर किया.

एक चीन के छात्र ने कहा, ''वे एक बेहतरीन शिक्षक हैं और वे क़त्तई नस्लभेदी नहीं हैं.''

दूसरे चीनी छात्र ने कहा, ''डॉ. नैली हर छात्र की मदद के लिए तैयार रहती हैं. वह कभी नहीं देखती कि वो किस देश का है. मुझे उम्मीद है कि यूनिवर्सिटी उन दो अज्ञात शिक्षकों की पहचान जानने के लिए जांच करेगी जिन्होंने प्रोफ़ेसर नैली से ये बात कही.''

एक तीसरे एशियाई छात्र ने कहा, ''मेगन मेरे लिए अब तक की सबसे बेहतरीन प्रोफ़ेसर हैं. हो सकता है उनसे ग़लती हुई हो लेकिन हमें पता है उनके इरादे कभी बुरे नहीं हो सकते. जब कुछ लोग ज़ोर-ज़ोर से अपनी भाषाओं में बात करते हैं तो आस-पास के लोगों को भी इससे असुविधा होती है.''

''मेरे कुछ दोस्त जो चीन से हैं उन्होंने मुझसे कहा है कि वे मेगन का समर्थन करना चाहते हैं, लेकिन वे सार्वजनिक तौर पर ऐसा नहीं कर सकते. उन्हें लोग देश से धोखा करने वाला समझेंगे.''

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