सरकार ने आलोक वर्मा से कहा- एक दिन के कार्यभार संभालें: प्रेस रिव्यू

  • 31 जनवरी 2019
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सीबीआई निदेशक के पद से हटाए गए भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी आलोक वर्मा से सरकार ने नए कार्यालय में कार्यभार संभालने के लिए कहा है.

द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक गृह मंत्रालय की ओर से वर्मा को बुधवार को भेजे गए पत्र में उनसे अग्निशमन सेवाओं, नागरिक सुरक्षा और होम गार्ड्स विभाग के महानिदेशक के पद पर कार्यभार संभालने के लिए कहा है.

सीबीआई से हटाए जाने के बाद वर्मा ने विभाग से कहा था कि उन्हें सेवानिवृत्त माना जाए. उनका कार्यकाल 31 जनवरी यानी आज ही समाप्त हो रहा है.

न्यूनतम आय गारंटी पर ख़र्च करने होंगे सात लाख करोड़

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द टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक यदि देश के 25 फ़ीसदी ग़रीब परिवारों के कम से कम एक व्यक्ति की न्यूनतम आय सुनिश्चित करने की योजना लाई जाती है तो सरकार को कम से कम सात लाख करोड़ रुपये ख़र्च करने पड़ सकते हैं.

ये आंकड़ा 321 रुपये प्रति दिन की दर से न्यूनतम मज़दूरी भत्ते के हिसाब से तय किया गया है.

हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि यदि चुनावों के बाद उनकी पार्टी की सरकार बनी तो वो देश के ग़रीब परिवारों के लिए न्यूनतम आय सुनिश्चित करेंगे.

अयोध्याः जब अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा यथास्थित बनाए रखना सरकार की ज़िम्मेदारी

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द इंडियन एक्सप्रेस ने गुरुवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजयेपी के अयोध्या विवाद पर संसद में दिए गए एक बयान को याद किया है.

17 साल पहले 14 मार्च 2002 को राज्य सभा में दिए एक बयान में वाजपेयी ने कहा था कि उनकी सरकार विवादित भूमि की वैधानिक रिसिवर है और वहां यथास्थिति बनाए रखना उसका कर्तव्य है.

अटल बिहारी वाजयेपी उस समय एनडीए सरकार के प्रधानमंत्री थे. उन्होंने सदन को बताया था कि सरकार ने न्यास की ओर से विवादित भूमि पर पूजा करने की मांग की सुप्रीम कोर्ट में दाख़िल की गई अर्ज़ी पर कोई शपथपत्र पेश नहीं किया है.

हाल ही में केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार ने अदालत से कहा है कि वो विवादित भूमि के नज़दीक स्थित 67 एकड़ भूमि को उसके मूल मालिकों को लौटा दे.

देवगौड़ा की कांग्रेस को चेतावनी

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Image caption देवगौड़ा की फ़ाइल तस्वीर

द हिंदू अख़बार में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कांग्रेसी विधायकों पर सरकार की छवि ख़राब करने के आरोप लगाए हैं.

कर्नाटक में कांग्रेस और जनता दल सेक्यूलर की गठबंधन सरकार के कामकाज पर कांग्रेसी विधायकों ने सार्वजनिक टिप्पणियां की हैं.

मुख्यमंत्री एचडी कुमारास्वामी इन टिप्पणियों से नाराज़ हैं. देवेगौड़ा ने कांग्रेस नेतृत्व को चेताते हुए कहा है कि चीज़ों के हाथ से निकलने से पहले ही सुधार किया जाना चाहिए.

उन्होंने कहा, "गठबंधन के बारे में हल्की भाषा में बात न करें वरना चीज़ें हाथ से निकल जाएंगी और हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे."

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