संसद में बोले मोदी, ये महागठबंधन नहीं महामिलावट बना रहे हैं

  • 8 फरवरी 2019
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में विपक्ष के तमाम आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस सरकार पर तीख़ा प्रहार किया और कांग्रेस के 55 साल के कामों की तुलना अपनी सरकार के 55 महीनों से की.

महागठबंधन की एकता को 'महामिलावट' बताते हुए मोदी ने कहा, ''देश को पता है कि जब मिलावट वाली सरकार होती है तो कैसे काम होता है, अब तो महामिलावट सरकार की योजना बना रहे है. ये महामिलावट कोलकाता में ही जुटाओ. ''

मोदी के भाषण की मुख्य बातें

  • ये चुनाव का वर्ष है हमें जनता को जवाब देना है. इस सरकार की पहचान ईमानदारी, पारदर्शिता, गरीबों की संवेदना और तेज गति से काम करने के लिए है.
  • आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन बनाने वाला देश भारत है, ऑटोमोबाइल की दुनिया में चौथे नंबर पर भारत है. एविएशन में सबसे तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है. लेकिन विपक्ष तो विपक्ष है, आलोचना तो करेगा ही.
  • आलोचना मोदी और बीजेपी की होनी चाहिए. लेकिन देश की बुराई नहीं करनी चाहिए. लंदन में जाकर झूठी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके देश की क्या इज़्ज़त बना रही है कांग्रेस.
  • कांग्रेस के 55 साल और मेरे 55 महीने की तुलना करते हैं. 55 साल में स्वच्छता का दायरा 40% था और अब 4.5 साल में 98% हो गया. 10 करोड़ लोगों के लिए शौचालय. गैस कनेक्शन 55 साल में 12 करोड़ और 55 महीने में 13 करोड़ दिए गए. इसमें 6 करोड़ उज्ज्वला कनेक्शन भी शामिल रहे.
  • 55 साल में 50 फ़ीसदी लोगों के पास बैंक में खाते थे, 55 महीने में हमने शत प्रतिशत लोगों के खाते खुलवाए. आजादी के वक्त इतनी रूकावट नहीं थी, इतना मीडिया भी नहीं था. जिस गति से 55 महीने हमने सरकार चलाई है उस तरह 20 साल में हर गांव तक बिजली पहुंच जानी चाहिए थी.
  • आपने 2004, 2009, 2014 में अपने घोषणापत्र में कहा था कि हर घर में बिजली पहुंचाएंगे. हर मैनिफेस्टो में तीन साल का टारगेट लिया गया. लेकिन ये काम हमने किया. आने वाले दिनों में शत प्रतिशत गांवों तक बिजली पहुंच जाएगी.
  • 2014 में 30 साल के बाद जनता ने पूर्ण बहुमत की सरकार चुनी. देश को पता है कि मिलावट वाली सरकार में कैसे काम होता है, अब तो ये लोग महामिलावट सरकार लाने की सोच रहे हैं. मैं इनसे कहना चाहता हूं ये महामिलावट कोलकाता में ही जुटाओ. देश इससे दूर ही रहने वाला है.
  • कांग्रेस के 55 साल सत्ता भोग के रहे और हमारा 55 महीना सेवाभाव का रहा, जब नीति साफ़ और निष्ठा अटल हो तो हम आपने आपको प्रेरित करने के लिए भीतर से ऊर्जा पाते रहते हैं.
  • जब कॉमनवेल्थ गेम हुए तो देश की शान दुनिया में फैलाने का वक्त था. एक ओर खिलाड़ी खेल में लगन से काम कर रहे तो दूसरी ओर ये लोग अपना वेल्थ बना रहे थे.
  • एक भी नया एनपीए नहीं है आप जो छोड़ के गए उस पर ब्याज़ बढ़ रहा है.
  • जो भागे हैं वो रो रहे हैं कि मैं तो 9 हजार करोड़ लेकर भागा था मोदी ने 13 हजार करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली.
  • रफ़ाल पर एक-एक आरोप का जवाब निर्मला सीतारमण जी ने दिया है, सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे सही माना. कांग्रेस नहीं चहती कि देश की वायु सेना मजबूत हो. आप किसके लिए रफाल सौदा कैंसिल करना चाहते हैं?
  • इतिहास गवाह है कि यूपीए सरकार रक्षा सौदों में दलाल के बिना काम भी नहीं कर सकती. 55 साल में एक भी रक्षा सौदा बिना दलाल हुआ ही नहीं. जब पारदर्शिता से देश की वायु सेना को मजबूत करने का काम हो रहा है तो ये लोग बौखला जाते हैं.
  • हम काले घन को वापस लाने के लिए आज भी प्रतिबद्ध है. हर कोई चाहता है कि भ्रष्टाचार खत्म हो. लेकिन ये लोगों के हाथ-पैर कहीं ना कहीं फंसे हुए थे. हम भ्रष्टाचार के खिलाफ़ बोलने का माद्दा रखते हैं.
  • आज खड़गे जी ने कहा जो मोदी जी बाहर बोलते हैं वही सदन में भी बोलते हैं. मैं बताना चाहता हूं कि सच तो आखिर सच होता है. आपको लगता है सच सुनने की आदत चली गई है.
  • ये लोग कहते हैं मोदी संस्थाओं को खत्म कर रहा है. कहावत है 'उल्टा चोर चौकीदार को डांटे'. देश में आपातकाल कांग्रेस लाई, सेना को अपमानित किया कांग्रेस ने, सेना अध्यक्ष को गुंडा कहा कांग्रेस ने. अब मोदी पर आरोप लगाते हैं.
  • चुनाव आयोग देश के लिए गौरव का केंद्र है. सभी राजनीतिक दल उसकी बात मानते हैं. लेकिन ये लोग अपनी विफलता को ईवीएम पर मढ़ देते हैं. आप इतने डरे हुए क्यों हैं?
  • न्यायपालिका के निर्णय पसंद ना हो तो ये लोग पूरी जुडिशियरी को परेशान करते हैं. महाभियोग से डराते हैं. इन्ही लोगों ने प्लानिंग कमिशन को जोकरों का समूह कहा था, पहले अपना तो कारोबार देखो.
  • 356 का दुरूपयोग सबसे ज़्यादा कांग्रेस ने किया. चुनी हुई सरकारों को गिराया. इंदिरा गांधी ने 50 बार इसका प्रयोग किया. 1959 में जब नेहरू प्रधानमंत्री थे तो इंदिरा पार्टी अध्यक्ष रहते हुए केरल गई थी. वापस आते ही केरल की वाम सरकार को बर्खास्त कर दिया, आपने एमजीआर के साथ क्या किया. मोदी पर उंगली उठाने से पहले देखिए तीन उंगली आपकी ओर ईशारा करती है.
  • इन सारी मुसीबत का मूल ये है कि ग़रीबी से उठे एक इंसान ने इस सल्तनत को चुनौती दे दी, ये इनसे बर्दाश्त नहीं. इन्हें सत्ता का नशा परेशान कर रहा है.

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