क्या 'राम मंदिर निर्माण' के लिए सुषमा स्वराज के आगे अरब के शेख ने गाया भजन?

  • 13 फरवरी 2019
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सोशल मीडिया पर भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का एक पुराना वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि कुवैत दौरे पर एक शेख ने सुषमा स्वराज के सामने राम-मंदिर निर्माण के समर्थन में गीत गाया था.

फ़ेसबुक पर इस वीडियो को बीते 48 घंटे में लाखों बार देखा जा चुका है और मंगलवार को भी हज़ारों नए लोगों ने इस वीडियो को फ़ेसबुक पर शेयर किया.

अधिकांश लोगों ने इस वीडियो को एक ही 'संदेश' के साथ शेयर किया है और वो संदेश है: "अभी कुछ दिन पहले सुषमा स्वराज कुवैत गई थीं. वहाँ उनके सम्मान में शेख मुबारक़ अल-रशीद ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के समर्थन में एक गीत गाया और हमारा दिल जीत लिया. अवश्य देखें."

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इस वायरल वीडियो में अरब देशों की पोशाक पहने एक शख़्स को गीत गाते सुना जा सकता है जिसके बगल में भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज बैठी हुई हैं.

वायरल वीडियो में गायक के बोल हैं: "जो राम का नहीं, मेरे काम का नहीं. बोलो राम मंदिर कब बनेगा!"

उनके पीछे कुवैत दौरे से जुड़ा एक बोर्ड भी दिखाई देता है. साथ ही वीडियो पर समाचार एजेंसी एएनआई का चिह्न भी लगा हुआ है.

लेकिन जब हमने इस वीडियो की पड़ताल की तो पाया कि ये सभी दावे झूठे हैं और वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है. साल 2018 के अंत में भी इस फ़र्ज़ी वायरल वीडियो को सोशल मीडिया पर काफ़ी शेयर किया गया था.

कुवैत के वीडियो का सच

रिवर्स सर्च से हमें पता चला कि ये वीडियो 30 अक्तूबर 2018 का है.

भारत के सरकारी न्यूज़ चैनल डीडी के अनुसार ये वीडियो अरब देश कुवैत में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों के साथ विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के संवाद कार्यक्रम का है.

इस कार्यक्रम में कुवैत में रह रहे भारतीय मूल के लोगों ने सुषमा स्वराज के सामने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया था.

कुवैत के स्थानीय गायक मुबारक़ अल-रशीद भी इस कार्यक्रम का हिस्सा थे. उन्होंने बॉलीवुड के दो गाने सुनाने के बाद महात्मा गांधी का सबसे पसंदीदा कहा जाने वाला गुजराती भजन 'वैष्णव जन तो तेने कहिये' सुषमा स्वराज को गाकर सुनाया था.

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने भी 31 अक्तूबर 2018 को मुबारक़ अल-रशीद का वीडियो ट्वीट किया था.

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के मुताबिक़ मुबारक़ अल-रशीद का नाम उन '124 देशों के संगीतकारों की फ़ेहरिस्त' में भी शामिल था जिन्होंने महात्मा गांधी के 150वें जयंती वर्ष के अवसर पर अपने-अपने देशों से 'वैष्णव जन तो तेने कहिये' भजन की वीडियो भेजी थी.

लेकिन इस कार्यक्रम के जिस वीडियो को बेहद ख़राब स्तर की एडिटिंग के ज़रिए बदला गया है वो समाचार एजेंसी एएनआई न्यूज़ का है जिसे यूट्यूब पर देखा जा सकता है.

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