उड़ी से पुलवामा तक: मोदी सरकार में हुए ये पांच बड़े हमले

  • 14 फरवरी 2019
चरमपंथी हमला, कश्मीर इमेज कॉपीरइट AFP

गुरुवार को पुलवामा ज़िले के लेथपोरा में एक चरमपंथी हमले में 34 सीआरपीएफ़ जवान मारे गए हैं और कई घायल हुए हैं.

प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी नेता अरुण जेटली, कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इस हमले पर शोक जताया है और जवानों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं.

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ''मोदी सरकार में राष्ट्रीय सुरक्षा पर समझौता बिना रोक टोक के जारी है.''

पढ़ें-LIVE: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में धमाका, CRPF के 34 जवान मारे गए

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कश्मीर में CRPF जवानों पर हमले के बाद क्या हैं हालात?

कांग्रेस का दावा है कि मोदी सरकार में 18 बड़े आतंकी हमले हुए हैं.

साल 2014 से अब तक हुए पांच आंतकी हमलों के बारे में जानिए.

ड़ी हमला: 18 सितंबर, 2016 को जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास स्थित भारतीय सेना के कैम्प पर हमला किया गया था. इस हमले में 19 जवान मारे गए थे. इस हमले को दो दशकों का सबसे बड़ा हमला बताया गया.

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पठानकोट हमला: दो जनवरी, 2016 को चरमपंथियों ने पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर हमला किया था. इसमें 7 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे जबकि 20 अन्य घायल हुए थे. जवाबी कार्रवाई में चार चरमपंथियों की भी मौत हुई थी.

गुरदासपुर हमलाः 27 जुलाई ,2015 को पंजाब को गुरदासपुर के दीनापुर में हमलावरों ने तड़के ही एक बस पर फ़ायरिंग की और इसके बाद पुलिस थाने पर हमला कर दिया. हमले में एसपी (डिटेक्टिव) समेत चार पुलिसकर्मी और तीन नागरिक मारे गए.

अमरनाथ यात्रियों पर हमलाः 10 जुलाई, 2017 को अमरनाथ जा रहे श्रद्धालुओं पर अनंतनाग ज़िले में एक चरमपंथी हमला हुआ. इस हमले में 7 लोग मारे गए थे.

पुलवामा हमलाः गुरुवार को पुलवामा ज़िले में श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर चरमपंथियों ने आईईडी धमाका कर सीआरपीएफ़ के काफ़िले पर हमला किया है. इस हमले में अब तक 34 जवान मारे गए हैं और कई जख़्मी हालत में हैं जिनका इलाज चल रहा है. इस हमले को उड़ी से भी बड़ा हमला बताया जा रहा है.

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