पुलवामा CRPF हमला: पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लेगा भारत

  • 15 फरवरी 2019
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भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लेने की घोषणा की है. केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने इसकी जानकारी कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी पर हुई बैठक के बाद दी है.

जेटली के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भारत प्रशासित कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ़ के काफिले पर हुए हमले के बाद के हालात पर चर्चा हुई. जेटली ने कहा कि चरमपंथी संगठन और उनके मददगारों को किसी क़ीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा.

क्या है MFN?

एमएफ़एन दर्जा मिलने वाले देश को व्यापार संबंधी सुविधाएं मिल जातीं हैं. व्यापार संबंधी फ़ायदों का मतलब कम कीमतें और आयात को बढ़ावा देने वाले कदम होता है.

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विश्व व्यापार संगठन यानी डब्लूटीओ के सदस्य देश आपस में एक दूसरे को एमएफ़एन का दर्जा दे सकते हैं.

इसके तहत अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का पालन करना होता है और आम धारणा ये है कि आर्थिक रूप से थोड़े कमज़ोर देशों की अर्थव्यवस्थाओं को इससे लाभ पहुँच सकता है.

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार के मुक्त व्यापार क्षेत्र, आबकारी संघ और साझा बाज़ारों को एमएफ़एन प्रावधानों से छूट दी गई है.

सरल भाषा में सर्वाधिक वरीयता प्राप्त देश का दर्जा 'विशेष और बेहतर व्यवहार' देने या प्राप्त करने

भारत-पाकिस्तान और एमएफ़एन

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डब्ल्यूटीओ बनने के साल भर बाद भारत ने पाकिस्तान को 1996 में एमएफ़एन का दर्जा दिया था लेकिन पाकिस्तान की ओर से भारत को ऐसा कोई दर्जा नहीं दिया गया था.

एमएफएन का दर्जा मिल जाने पर दर्जा प्राप्त देश को इस बात का आश्वासन रहता है कि उसे कारोबार में नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा.

इसके तहत आयात-निर्यात में विशेष छूट मिलती है. यह दर्जा प्राप्त देश कारोबार सबसे कम आयात शुल्क पर होता है. डब्ल्यूटीओ के सदस्य देश खुले व्यापार और बाज़ार से बंधे हैं मगर एमएफएन के क़ायदों के तहत देशों को विशेष छूट दी जाती है. सीमेंट, चीनी, ऑर्गेनिक केमिकल, रुई, सब्जियों और कुछ चुनिंदा फलों के अलावा मिनरल ऑयल, ड्राई फ्रूट्स, स्टील जैसी कमोडिटीज़ और वस्तुओं का कारोबार दोनों देशों के बीच होता है.

वर्ष 2015-16 में भारत के 641 अरब डॉलर के अंतरराष्ट्रीय निर्यात में पाकिस्तान का हिस्सा महज़ 2.67 अरब डॉलर का था.

ऐसोचैम के मुताबिक़ पाकिस्तान के साथ होने वाला व्यापार भारत के कुल अंतरराष्ट्रीय व्यापार का 0.41% है.

जबकि भारत में होने वाले आयात में से पाकिस्तान से होने वाला आयात सिर्फ़ 0.13 % है.

पाकिस्तान ने अभी तक भारत को एमएफ़एन का दर्ज नहीं दिया है.

जानकारों के अनुसार डब्लूटीओ में 'सुरक्षा सबंधी कारणों' वाले प्रावधान के चलते कोई सदस्य देश किसी को दिए गए एमएफ़एन दर्जे में कुछ व्यापारों पर प्रतिबंध लगा सकता है.

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