रफ़ाल फ़ैसले पर पुनर्विचार याचिका सुनने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार

  • 21 फरवरी 2019
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सुप्रीम कोर्ट ने रफ़ाल मामले पर फ़ैसले की समीक्षा की मांग संबंधी पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा "वो इस मामले में कुछ ज़रूर करेंगे."

वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने रफ़ाल मामले पर याचिकाओं पर जल्द सुनवाई की मांग की थी.

प्रशांत भूषण ने जब सुप्रीम कोर्ट के सामने ये दलील दी कि रफ़ाल सौदे पर फ़ैसले की समीक्षा होनी चाहिए. इस पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कहा, "हम इस बारे में कुछ करेंगे. फिलहाल हम अलग-अलग मामलों को देख रहे हैं."

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क़ानूनी मामलों पर नज़र रखने वाले पत्रकार सुचित्र मोहंती ने बीबीसी को बताया कि मुख्य न्यायाधीश ने कहा है कि वह इस मामले की सुनवाई के लिए कुछ करेंगे और इसके लिए बेंच का गठन किया जाएगा.

प्रशांत भूषण, अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा ने यह पुनर्विचार याचिका दाख़िल की है. इस याचिका में कहा गया है कि रफ़ाल मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले की समीक्षा की जानी चाहिए. इस पुनर्विचार याचिका में ये भी कहा गया है कि पिछले साल 14 नवंबर को आए सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले में रिकॉर्ड के आधार पर कई गलतियां हैं, जो मामले की जड़ तक जाती हैं.

क्लीन चिट दी थी

14 दिसंबर को अपने फ़ैसले में सुप्रीम कोर्ट ने रफ़ाल सौदे पर आरोपों से घिरी मोदी सरकार को क्लीन चिट दे दी थी. अपने फ़ैसले में कोर्ट ने रफ़ाल सौदे को लेकर सभी याचिकाएं ख़ारिज कर दी थीं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस सौदे को लेकर कोई शक नहीं है और कोर्ट इस मामले में अब कोई हस्तक्षेप नहीं करना चाहती है. कोर्ट ने साथ में यह भी कहा है कि विमान ख़रीद प्रक्रिया पर भी कोई शक नहीं है.

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इस फ़ैसले के बाद मोदी सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची और अपने हलफनामे में 'तथ्यात्मक गलती' को माना. सरकार ने उस पैराग्राफ़ में संशोधन का अनुरोध किया है, जिसमें सरकार की ओर से कोर्ट को दी गई जानकारी को उद्धृत करते हुए कहा गया था कि रफ़ाल विमानों की क़ीमत के ब्यौरे सीएजी को सौंप दिए गए हैं और उसकी पीएसी ने भी जांच की है. जबकि विपक्षी दलों का कहना था कि पीएसी को ऐसी कोई जानकारी नहीं थी.

प्रशांत भूषण ने मांग की है कि याचिकाकर्ताओं के लिए खुली अदालत में मौखिक सुनवाई होनी चाहिए. इसके पक्ष में अपनी दलील देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे किसी भी मामले के लिए तथ्य और परिस्थितियां बेहद आवश्यक होती हैं.

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